झांसी में डॉक्टर के घर एक साल से चोरी, नौकर का बेटा गिरफ्तार, चोरी के पैसों से खरीदी कार और ऑटो

खबर सार :-

झांसी के नवाबाद थाना क्षेत्र में डॉक्टर के घर से करीब एक साल तक रुपये चोरी करने के आरोप में 19 वर्षीय युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के पास से 10 हजार रुपये नकद बरामद हुए हैं। आरोप है कि चोरी की रकम से कार, मोटरसाइकिल और ऑटो खरीदे गए। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है।
झांसी में डॉक्टर के घर चोरी, नौकर का बेटा गिरफ्तार

खबर विस्तार : -

झांसी: उत्तर प्रदेश के झांसी में डॉक्टर के घर से लगातार रुपये चोरी होने के मामले में नवाबाद थाना पुलिस ने 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि युवक पिछले करीब एक साल से डॉक्टर के बेडरूम में रखे लॉकर से रुपये चोरी कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, चोरी की रकम का इस्तेमाल कार, मोटरसाइकिल और ऑटो खरीदने में किया गया। गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से पुलिस ने 10 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। वहीं, डॉक्टर द्वारा घटना के समय आरोपी से एक लाख रुपये बरामद किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस अब मामले में आरोपी के सौतेले पिता, मां और अन्य नामजद लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

अस्पताल में काम करने वाली महिला के बेटे पर चोरी का आरोप

पुलिस के अनुसार, चिरंजीवी हॉस्पिटल, मेडिकल रोड, झांसी निवासी डॉ. संजय त्रिपाठी ने 23 अक्टूबर 2026 को नवाबाद थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि उनके यहां साफ-सफाई का काम करने वाली महिला के बेटे दीपांशु अडजरिया ने घर में रखे लॉकर से रुपये चोरी किए। आरोप है कि युवक कैंची की मदद से लॉकर खोलता था और चोरी की रकम अपने परिवार के सदस्यों को दे देता था। शिकायत मिलने के बाद नवाबाद थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपी की तलाश करते हुए मामले से जुड़े तथ्यों और चोरी की रकम के इस्तेमाल के संबंध में जानकारी जुटाई।

लॉकर की चाबी निकालकर चोरी करता था आरोपी

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वह करीब दो साल से डॉक्टर के घर में काम कर रहा था, जबकि उसकी मां पिछले तीन साल से वहां साफ-सफाई का काम करती थी। आरोपी के अनुसार, घर में लॉकर की चाबी बाथरूम के बाहर बने वार्डरोब की दराज में रखी रहती थी। आरोप है कि दीपांशु इसी जगह से चाबी निकालकर लॉकर खोलता और अपनी मर्जी से रुपये निकाल लेता था। वह कभी 10 हजार तो कभी 15 हजार रुपये चोरी करता था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने करीब एक साल तक लगातार चोरी करने की बात स्वीकार की है। चोरी की रकम में से कुछ पैसे वह अपने खर्च के लिए रखता था, जबकि बाकी रुपये अपने सौतेले पिता और ताऊ को देने की बात सामने आई है।

चोरी के पैसों से खरीदी गई कार, मोटरसाइकिल और ऑटो

पुलिस जांच में चोरी की रकम से वाहन खरीदे जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ में कथित तौर पर बताया कि चोरी के पैसों से उसके सौतेले पिता ने पुरानी सफेद रंग की अर्टिगा कार और मोटरसाइकिल खरीदी थी। वहीं, उसके ताऊ रामाधार द्वारा ऑटो खरीदे जाने की जानकारी भी मिली है। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि वाहनों की किस्तें चुकाने में चोरी की रकम का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका और चोरी की रकम से खरीदे गए वाहनों से संबंधित तथ्यों की पुष्टि जांच के आधार पर की जानी बाकी है।

डॉक्टर ने पकड़ा तो झांसी से बाहर जाने की तैयारी में था आरोपी

पुलिस के मुताबिक, 22 अक्टूबर 2026 को डॉक्टर ने दीपांशु को कथित तौर पर चोरी करते हुए पकड़ लिया था। इसके बाद आरोपी को पुलिस कार्रवाई का डर सताने लगा। आरोप है कि वह झांसी से बाहर जाने की तैयारी कर रहा था। 24 अक्टूबर को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर नवाबाद थाना पुलिस ने सखी के हनुमान मंदिर के पास हाईवे किनारे जे.डी.ए. कॉलोनी जाने वाले रास्ते पर कार्रवाई की। पुलिस ने मौके से दीपांशु अडजरिया को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से चोरी के 10 हजार रुपये नकद बरामद किए गए।

एक लाख रुपये की बरामदगी का भी जिक्र

इस मामले में पुलिस की गिरफ्तारी के दौरान 10 हजार रुपये नकद बरामद किए जाने की जानकारी दी गई है। इसके अतिरिक्त, शिकायतकर्ता डॉ. संजय त्रिपाठी द्वारा घटना के समय आरोपी से एक लाख रुपये बरामद किए जाने की बात भी सामने आई है। इस प्रकार मामले में नकदी की बरामदगी को लेकर दोनों घटनाक्रम अलग-अलग बताए गए हैं।

सौतेले पिता और मां की भूमिका की जांच

पुलिस ने इस मामले में रामनरेश और ज्योति अडजरिया को वांछित बताया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने चोरी की रकम परिवार के सदस्यों को देने की बात कही है। अब पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चोरी की रकम प्राप्त करने, वाहनों की खरीद और उनकी किस्तें चुकाने में अन्य लोगों की क्या भूमिका रही। फिलहाल, अन्य नामजद लोगों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि होना बाकी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

एसएसपी के निर्देशन में हुई कार्रवाई

यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक झांसी विकास कुमार के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक नगर प्रीति सिंह और क्षेत्राधिकारी नगर प्रिया सिंह के पर्यवेक्षण में की गई। नवाबाद थाना प्रभारी निरीक्षक रवि श्रीवास्तव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक अनुज यादव, उपनिरीक्षक निखिल कुमार (चौकी प्रभारी इलाइट), उपनिरीक्षक प्रेम सागर और कांस्टेबल रवि गुप्ता शामिल रहे। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी दीपांशु अडजरिया, पुत्र स्वर्गीय टिंकू अडजरिया, निवासी सुधा विहार के पीछे, पिछोर गुमनावारा, थाना नवाबाद, झांसी, उम्र करीब 19 वर्ष को न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की जा रही है। मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य आरोपियों की भूमिका का पता लगाया जा रहा है।

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