गंगा दशहरा और बड़े मंगल पर सरयू-संगम तटों पर उमड़ा आस्था का सैलाब, श्रद्धालुओं ने हनुमान गढ़ी और रामलला के किए दर्शन

खबर सार :-
Ayodhya: अयोध्या में 'बड़े मंगल' (Bade Mangal) के अवसर पर, हनुमान मंदिरों में पूजा-अर्चना करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। यहां जानिए, ज्येष्ठ मास में मंगलवार को भगवान हनुमान की पूजा करने का विशेष महत्व। साथ ही आज गंगा दशहरा का पर्व भी मनाया जा रहा है।
गंगा दशहरा और बड़े मंगल पर सरयू-संगम तटों पर उमड़ा आस्था का सैलाब, श्रद्धालुओं ने हनुमान गढ़ी और रामलला के किए दर्शन
खबर विस्तार : -

Ayodhya: गंगा दशहरा (Ganga Dashahara) पर्व ज्येष्ठ महीने के चौथे 'बड़ा मंगल' (Bade Mangal) के साथ पड़ने से धार्मिक स्थलों पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही अयोध्या (ayodhya) में सरयू नदी के घाटों और प्रयागराज में पवित्र संगम पर भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। वहीं दूर-दराज से श्रद्धालु हनुमानगढ़ी दरबार (Hanuman Garhi Mandir) में दर्शन और पूजन करने पहुंचे  रहे हैं। जेष्ठ के चौथे  मंगलवार को अपने आराध्य के दर्शन कर श्रद्धालु आशीर्वाद ले रहे हैं। पूरे हनुमानगढ़ी परिसर को फूलों से सजाया गया है। सुबह से ही श्रद्धालु हनुमान जी का दर्शन पूजन कर रहे हैं। उधर प्रसिद्ध मंदिरों  में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

Bade Mangal: सरयू-संगम तटों पर उमड़ा सैलाब 

दरअसल आज गंगा दशहरा का त्योहार मनाया जा रहा है। इसके अलावा, यह पारंपरिक रूप से ज्येष्ठ महीने का 'मंगल' जिसे 'बड़ा मंगल' के रूप में मनाया जाता है। अत्यधिक धार्मिक महत्व की इन दो तिथियों के एक साथ पड़ने के कारण, हम भक्तों की भारी आमद देख रहे हैं। भक्त सुबह 3:00 बजे से ही लगातार आ रहे हैं। पवित्र स्नान करने के बाद, सभी भक्त पूजा-अर्चना के लिए मंदिरों की ओर जा रहे हैं। कहा जाता है कि मान्यता है कि जेष्ठ के बड़े मंगलवार को हनुमान जी भगवान राम लला (Ramlalla) से मिले थे इसलिए जेष्ठ माह के प्रत्येक मंगल की मान्यता अलग है। इसे देखते हुए, व्यापक सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के उपाय लागू किए गए हैं। जल पुलिस, PAC और SDRF की टीमें यहां लगातार तैनात हैं। इसके अलावा, बैरिकेड लगाए गए हैं, और इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि कोई भी भक्त निर्धारित नियमों का उल्लंघन न करे।

गंगा दशहरा पर स्नान दान का महत्व

महंत सीताराम दास ने कहा, "आज गंगा दशहरा का पवित्र त्योहार है। इसी दिन मां गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। कहा जाता है कि इसी दिन ऋषि भागीरथ ने मां गंगा को प्रसन्न करने के लिए कठोर तपस्या की थी, जिसके बाद वे उनके पूर्वजों को मोक्ष प्रदान करने के लिए पृथ्वी पर अवतरित हुईं। ऐसा माना जाता है कि जो कोई भी इस दिन मां गंगा में पवित्र स्नान करता है और दान-पुण्य के कार्य करता है, उसे आध्यात्मिक पुण्य की प्राप्ति होती है। आज भक्तों का तांता लगा हुआ है।" 

 पूजा-अर्चना करने के बाद अपनी खुशी ज़ाहिर करते हुए एक महिला भक्त ने कहा, "हम यहां भगवान महावीर का आशीर्वाद लेने आए हैं। भीड़ बहुत ज़्यादा है, लेकिन प्रशासनिक इंतजामों की वजह से हम बहुत आसानी से अपनी पूजा कर पाए। यहां आकर मेरे मन को बहुत शांति मिली है।

संगम नगरी में भी उमड़ा सैलाब

'बड़े मंगल' के शुभ अवसर पर 'संगम नगरी' प्रयागराज में चारों ओर एक बेहद आध्यात्मिक माहौल छाया रहा। पूजा और दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ 'लेटे हनुमान मंदिर' में उमड़ पड़ी। भक्तों की सुविधा के लिए विशेष इंतज़ाम किए गए थे। " प्रयागराज के एक बच्चे ने कहा, "आज चौथा 'बड़ा मंगल' है। 'गंगा दशहरा' की वजह से मंदिर में बहुत ज़्यादा भीड़ है। मैं सुबह 4:00 बजे से ही लाइन में खड़ा हूं, और अब जाकर कहीं मुझे दर्शन हो पाए हैं।" 

अन्य प्रमुख खबरें