लखीमपुर खीरी: कस्टडी में 20 वर्षीय युवक की मौत, परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

खबर सार :-

लखीमपुर खीरी से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां पुलिस कस्टडी के दौरान एक 20 वर्षीय युवक की मौत हो गई है। युवक के परिजनों ने पुलिस पर मारने का आरोप लगाया है। युवक को सड़क पर लावारिस हालत में छोड़कर पुलिस भाग गई।
लखीमपुर खीरी: कस्टडी में 20 वर्षीय युवक की मौत, परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

खबर विस्तार : -

Lakhimpur Kheri: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी से एक विचलित करने वाला मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि पुलिस की कस्टडी में एक युवक की मौत हो गई और पुलिस उसकी लाश को सड़क पर लावारिस छोड़कर भाग गई। इस घटना के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया, उन्होंने  पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि कस्टडी में पिटाई की वजह से उनके 20 वर्षीय बेटा शिवकुमार की मौत हुई है। परिजनों ने बताया कि एक मामूली साइकिल विवाद में उसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया था और मृतक के भाई से 25 हजार रुपये के जुर्माने की मांग कर रहे थे। 

मामूली विवाद में युवक को लिया हिरासत में

लखीमपुर खीरी में रविवार देर रात एक युवक की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजन और मूलचंदपुरवा गांव के लोगों में काफी आक्रोश है। ग्रामीणों और मृतक के परिवार का कहना है कि जब तक मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हो जाती तब तक वो शिव कुमार का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इस घटना के बारे में जानकारी देते हुए  मृतक के भाई ने बताया कि दो दिन पहले ही गांव में रहने वाला एक लड़का आदित्यनाथ पढ़ने के लिए जा रहा था, उसी समय शिव कुमार के छोटे भाई की साइकिल उससे टकरा गई, जिस पर शिव कुमार के भाई ने उस लड़के को धक्का दे दिया। इस वजह से आदित्य साइकिल सहित गिर गया। इसी बात को लेकर आदित्य के परिवार वालों ने शिवकुमार के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी, जिसके बाद पुलिस ने उसके पूरे परिवार को थाने में बुलाया। 

गुस्साए परिजनों ने किया हंगामा

परिजनों ने बताया कि पिछले दो दिनों से शिव शारदानगर थाने में ही बंद था। पुलिस वालों ने उनसे कहा कि उसका चालान कर दिया गया है, उसे जमानत के लिए लखीमपुर ले जा रहे हैं और उन्हें घर भेज दिया। इसके कुछ देर बाद ही थाने का एक कर्मचारी चंद्रभान ने शिव के भाई को फोन किया और कहा कि वह उल्टी कर रहा है। इतना कहकर पुलिस ने सभी को वापस बुला लिया। परिजनों ने बताया कि जब वो खमारखेड़ के पास पहुंचे तो शिव सड़क पर लावारिस हालत में पड़ा हुआ मिला और वहां एक भी पुलिस कर्मी मौजूद नहीं थे। आनन-फानन में  परिजनों ने तुरंत उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। बेटे की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया और पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि कस्टडी के दौरान उसे बुरी तरह पीटा गया, जिससे उसकी मौत हो गई। 

पुलिस ने मांगा 25 हजार

मृतक के परिजनों ने यह  भी कहा कि जमानत के लिए ले जाते समय उसकी हालत खराब होने पर पुलिस कर्मी उसे सड़क किनारे तड़पते हुए छोड़कर भाग गए। वहीं शिव के भाई हरिगोविंद का कहना है कि थाने के एक पुलिसकर्मी ने मामले को रफा-दफा करने के लिए 25 हजार रुपये की मांग की थी। युवक के परिजनों और ग्रामीणों ने मृतक का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच, विपक्षी पक्ष के लोगों और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होने के बाद ही अंतिम क्रिया की जाएगी।

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