भीलवाड़ा में गौ सम्मान आव्हान: गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग को लेकर निकली विशाल प्रार्थना रैली

खबर सार :-

गौ सम्मान आव्हान के समर्थन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से दो विशेष पदयात्राएं भी हरि सेवा वाटिका पहुंचीं। पहली पदयात्रा महंत सरजू दास महाराज के सान्निध्य में करेड़ा से निकली, जबकि दूसरी पदयात्रा देवनारायण गौशाला, गलवा से भंवरलाल खारोल के नेतृत्व में आयोजन स्थल पहुंची। दोनों पदयात्राओं का गौभक्तों ने पुष्पवर्षा और जयघोष के साथ भव्य स्वागत किया।
भीलवाड़ा में गौ सम्मान आव्हान: गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग को लेकर निकली विशाल प्रार्थना रैली

खबर विस्तार : -

भीलवाड़ाः गौ संरक्षण, गौ संवर्धन और गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग को लेकर सोमवार को भीलवाड़ा में श्रद्धा, आस्था और जनसमर्थन का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला। हरि सेवा वाटिका में आयोजित "गौ सम्मान आव्हान" कार्यक्रम में जिलेभर से हजारों गौभक्त, संत-महंत, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि और विभिन्न धार्मिक संस्थाओं के पदाधिकारी शामिल हुए। पूरे परिसर में गौ माता के जयघोष, वैदिक मंत्रोच्चार, रामनाम संकीर्तन और देशभक्ति गीतों से वातावरण भक्तिमय होने के साथ राष्ट्रभक्ति की भावना से भी ओतप्रोत नजर आया।

 राष्ट्र माता घोषित करने की मांग 

कार्यक्रम का शुभारंभ स्वरम्म त्रिपाठी एवं उनकी मंडली द्वारा वाद्ययंत्रों की मधुर स्वर लहरियों के साथ "श्री राम जय राम, जय जय राम" विजय मंत्र के सामूहिक संकीर्तन से हुआ। इसके बाद गौ-गान प्रस्तुत किया गया और विधिवत कार्यक्रम की शुरुआत हुई। आयोजन स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुबह से ही पहुंचने लगे थे, जिससे हरि सेवा वाटिका पूरी तरह गौभक्तों से भर गई।

जिला प्रचारक संत श्रीलाल महाराज ने स्वागत उद्बोधन में गौ सेवा को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की आधारशिला बताते हुए कहा कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक दायित्व नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक जिम्मेदारी भी है। वहीं जिला समन्वयक एवं परम गौभक्त सुनील जागेटिया ने "गौ सम्मान आव्हान" अभियान की रूपरेखा, उद्देश्य और इसके माध्यम से चलाए जा रहे जनजागरण अभियान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग को लेकर व्यापक स्तर पर जनसमर्थन जुटाया जा रहा है।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित भीलवाड़ा विधायक एवं गौभक्त अशोक कुमार कोठारी ने अपने संबोधन में कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति, कृषि व्यवस्था और सनातन जीवन पद्धति की आत्मा हैं। उन्होंने गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग दोहराते हुए कहा कि यह केवल धार्मिक भावना का विषय नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्रीय अस्मिता से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राजस्थान के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री स्वयं गौभक्त हैं तथा वे समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस दिशा में सकारात्मक पहल करेंगे।

कार्यक्रम में महामंडलेश्वर हंसरामजी महाराज, महामंडलेश्वर बाबूगिरी महाराज, जैन संत उपप्रवर्तक सुरेश मुनि महाराज, पावन धाम कोशीथल के संत, हाथीभाटा के महंत संतदास महाराज, निंबार्क आश्रम के महंत मोहन शरण शास्त्री तथा मालासेरी डूंगरी के पुजारी हेमराज पोसवाल सहित अनेक संत-महात्माओं ने गौ सेवा और गौ संरक्षण की महत्ता पर अपने विचार रखे। संतों ने गौवंश की रक्षा को जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान करते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग से सक्रिय भागीदारी की अपील की।

विशाल प्रार्थना रैली का शुभारंभ 

सहाड़ा विधायक लादूलाल पितलिया ने भी अपने संबोधन में गौ संरक्षण और गौ संवर्धन के लिए समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन बाबूलाल टाक ने किया। इस अवसर पर जैन मुनि अरविंद म.सा., महंत बनवारी शरण काठिया बाबा, बाबा धाम गुरुजी विनीत अग्रवाल, पंचमुखी दरबार रीको एरिया के पुजारी मुरारी पांडे, संत मायाराम, गोविंदराम, केशवराम, रामानंद दास महाराज (आसींद) तथा पुजारी माधु सालवी सहित बड़ी संख्या में संत-महंत मंचासीन रहे।

कार्यक्रम का सबसे भावनात्मक क्षण तब आया, जब गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग के समर्थन में एकत्रित हजारों हस्ताक्षरयुक्त पत्रों की वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इन हस्ताक्षर पत्रों को लाल वस्त्र में लपेटकर मयूर पंख से सजाया गया। संत-महंतों, जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों ने श्रद्धापूर्वक उन्हें अपने सिर पर धारण किया। इसके बाद रामनाम संकीर्तन के साथ विशाल प्रार्थना रैली का शुभारंभ हुआ।

हरि सेवा वाटिका से निकली विशाल प्रार्थना रैली श्रद्धा, अनुशासन और भारतीय सांस्कृतिक परंपरा का अनुपम उदाहरण बनी। रैली में सबसे आगे मशक बैंड चल रहा था। उसके पीछे एनसीसी एवं स्काउट कैडेट्स, दुर्गा अखाड़े की बहनें, विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक वेशभूषा में सजे बालक-बालिकाएं, राजस्थानी संस्कृति का प्रतीक सुसज्जित बैलगाड़ियां, इस्कॉन मंदिर की श्री हरि चेतन दास जी के मार्गदर्शन में कीर्तन मंडली तथा शंभू जी वैष्णव की भजन मंडली भक्ति संगीत प्रस्तुत करते हुए चल रही थीं। पूरे मार्ग में गौ माता के जयघोष, भजनों और रामनाम संकीर्तन से वातावरण भक्तिमय बना रहा।

राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

रैली के समापन पर प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलक्टर को मुख्यमंत्री, राज्यपाल, प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रपति के नाम संबोधित हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने, गौ संरक्षण के लिए प्रभावी कानून बनाने तथा गौवंश के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए ठोस नीति लागू करने की मांग की गई।

कार्यक्रम के अंत में गौ सम्मान आव्हान के संभाग प्रभारी नंदकिशोर साहू ने सभी संत-महंतों, जनप्रतिनिधियों, गौभक्तों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। वहीं जिला प्रभारी जगदीश तेली ने कहा कि कार्यक्रम में उमड़ी विशाल जनभागीदारी गौ सेवा के प्रति समाज की गहरी आस्था और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने सभी सहयोगियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए गौ संरक्षण के इस अभियान को निरंतर जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।

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