झांसी हत्याकांड का खुलासा: पुलिस मुठभेड़ में दो आरोपी गिरफ्तार, हत्या में इस्तेमाल कार और अवैध हथियार बरामद

खबर सार :-

संजय सिंह हत्याकांड के खुलासे को झांसी पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। तकनीकी जांच, सर्विलांस और त्वरित कार्रवाई के दम पर पुलिस ने कुछ ही दिनों में मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अब पुलिस का पूरा फोकस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और हत्या की साजिश से जुड़े सभी तथ्यों को उजागर करने पर है।
झांसी हत्याकांड का खुलासा: पुलिस मुठभेड़ में दो आरोपी गिरफ्तार, हत्या में इस्तेमाल कार और अवैध हथियार बरामद

खबर विस्तार : -

झांसीः झांसी में चर्चित संजय सिंह हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। नवाबाद थाना क्षेत्र में हुई इस सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त ऑरा कार, दो अवैध देशी तमंचे, जिंदा कारतूस और खोखा कारतूस बरामद किए गए हैं। मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी के पैर में गोली लगने के बाद उसे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है और जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन अनुपम कुलश्रेष्ठ, पुलिस महानिरीक्षक झांसी परिक्षेत्र श्री आकाश कुलहरी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बी.बी.जी.टी.एस. मूर्ति के निर्देशन में की गई। नवाबाद थाना पुलिस और स्वाट एवं सर्विलांस टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर करगुवांजी क्षेत्र स्थित दसासुर बाबा मंदिर के पास घेराबंदी की। इस दौरान पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसके बाद अजीम सैफी उर्फ दीम और धर्मेंद्र सिंह परिहार को गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से दो .315 बोर के देशी तमंचे, दो जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस तथा हत्या में प्रयुक्त ऑरा कार बरामद की गई। पुलिस के अनुसार मुठभेड़ के दौरान अजीम सैफी उर्फ दीम ने भागने का प्रयास किया, लेकिन जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लग गई। घायल आरोपी को तत्काल मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है।

23 जुलाई को हुई थी संजय सिंह की हत्या

पुलिस के अनुसार 24 जुलाई को सर्वेश सिंह ने नवाबाद थाने में तहरीर देकर बताया था कि उनके भाई संजय सिंह दतिया से लौटते समय मेड किचन रेस्टोरेंट में भोजन कर रहे थे। इसी दौरान अज्ञात हमलावर ने उनके सिर में गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल संजय सिंह को तत्काल मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और कई टीमें आरोपियों की तलाश में लगा दी गईं।

प्रॉपर्टी विवाद बना हत्या की वजह

पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने हत्या के पीछे प्रॉपर्टी विवाद को मुख्य कारण बताया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार मृतक संजय सिंह प्रॉपर्टी के कारोबार से जुड़े हुए थे और इसी कारोबार को लेकर उनका अजय यादव तथा धर्मेंद्र सिंह परिहार से लंबे समय से विवाद चल रहा था।

पुलिस के मुताबिक इसी रंजिश के चलते संजय सिंह की हत्या की साजिश रची गई। आरोप है कि अजय यादव और धर्मेंद्र सिंह परिहार ने मिलकर जितेंद्र यादव उर्फ जीतू, हुसैन उर्फ खड्ड और अजीम सैफी उर्फ दीम को हत्या की जिम्मेदारी सौंपी। इसके लिए उन्हें 50 हजार रुपये की अग्रिम राशि भी दी गई थी।

रेकी के बाद रेस्टोरेंट में की गई हत्या

जांच में सामने आया है कि 23 जुलाई की रात आरोपियों ने पहले मेड किचन रेस्टोरेंट के आसपास संजय सिंह की गतिविधियों की रेकी की। जब संजय सिंह भोजन कर रहे थे, तभी आरोपी हुसैन उर्फ खड्ड उनके पास पहुंचा और बेहद करीब से उनके सिर में गोली मार दी। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।

घटना के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस की मदद से आरोपियों की पहचान की। इसके बाद लगातार दबिश और निगरानी के जरिए पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।

मुठभेड़ के बाद गिरफ्तारी

पुलिस ने बताया कि आरोपियों के संभावित ठिकानों की लगातार निगरानी की जा रही थी। सूचना मिलने पर संयुक्त पुलिस टीम ने करगुवांजी क्षेत्र में घेराबंदी की। पुलिस को देखकर आरोपियों ने भागने का प्रयास किया, जिसके दौरान मुठभेड़ हुई। जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी घायल हो गया और दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि उनसे मिली जानकारी के आधार पर हत्या की साजिश, इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

फरार आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में नामजद और फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर दी गई हैं। संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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