नए साल में अवैध घुसपैठियों पर कार्रवाई और तेज करेगी असम सरकार: सीएम हिमंत बिस्वा सरमा
खबर सार :-
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का बयान साफ संकेत देता है कि असम सरकार अवैध घुसपैठ को लेकर किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी। 2026 में कड़े ‘पुश-बैक’ अभियान, मजबूत सीमा निगरानी और कानून के सख्त पालन के जरिए सरकार राज्य की सुरक्षा, सांस्कृतिक पहचान और स्वदेशी समुदायों के अधिकारों की रक्षा करना चाहती है।
खबर विस्तार : -
गुवाहाटीः असम सरकार ने नए साल में अवैध घुसपैठ के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने साफ कहा है कि वर्ष 2026 में अवैध घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई और तेज की जाएगी तथा राज्य को बिना दस्तावेज वाले विदेशी नागरिकों का ठिकाना नहीं बनने दिया जाएगा।
2026 में ‘पुश-बैक’ अभियान होगा और तेज
मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए कहा कि वर्ष 2025 में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को वापस भेजने के लिए बड़े पैमाने पर ‘पुश-बैक’ ऑपरेशन चलाया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि 2026 में इस अभियान में किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी और अधिक संख्या में अवैध घुसपैठियों को सीमा पार भेजा जाएगा। सीएम सरमा ने अपने पोस्ट में कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए लिखा कि “असम आपकी प्रजनन भूमि नहीं है।” उन्होंने यह भी बताया कि मंगलवार रात को ही 18 अवैध घुसपैठियों को सीमा पार वापस भेज दिया गया है। मुख्यमंत्री के इस बयान को अवैध घुसपैठ के खिलाफ सरकार के सख्त इरादों के रूप में देखा जा रहा है।
डेमोग्राफिक संतुलन और सुरक्षा पर खतरा
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि अवैध घुसपैठ असम के डेमोग्राफिक संतुलन, सामाजिक सद्भाव और आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है। उनका कहना है कि इससे न केवल स्थानीय आबादी के अधिकार प्रभावित होते हैं, बल्कि राज्य की शांति व्यवस्था पर भी असर पड़ता है। सरकार स्वदेशी समुदायों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने को प्रतिबद्ध है।
सीमा निगरानी और सुरक्षा एजेंसियों में समन्वय
सरमा ने कहा कि हाल के वर्षों में प्रशासन ने सीमा निगरानी को मजबूत किया है। राज्य पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया गया है, जिससे जमीनी स्तर पर कार्रवाई संभव हो पाई है। उन्होंने पिछली सरकारों पर आरोप लगाया कि वे इस मुद्दे को निर्णायक रूप से सुलझाने में विफल रहीं।
असम समझौते के पूर्ण कार्यान्वयन पर जोर
मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि उनकी सरकार असम समझौते के पूर्ण कार्यान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है। इसमें अवैध विदेशियों की पहचान, मतदाता सूची से नाम हटाना और उन्हें वापस भेजने जैसे प्रावधान शामिल हैं। उन्होंने कहा कि असम की सांस्कृतिक पहचान, भूमि अधिकार और डेमोग्राफिक अखंडता की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
चुनावी वर्ष में अहम मुद्दा
यह घोषणा ऐसे समय पर आई है जब राज्य 2026 के विधानसभा चुनावों की तैयारी कर रहा है। माना जा रहा है कि अवैध घुसपैठ और सीमा सुरक्षा आने वाले चुनावों में प्रमुख राजनीतिक मुद्दे बने रहेंगे। भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने इसे अपनी मुख्य नीतिगत प्राथमिकता के रूप में पेश किया है।
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