Asian Games 2026: तीरंदाजी में 'गोल्डन' हैट्रिक, शूटिंग में भी स्वर्ण, एक दिन में भारत की झोली आए 4 गोल्ड

खबर सार :-

Asian Games 2026 में बुधवार को भारत ने गोल्ड का चौका लगाया। भारत ने तीरंदाजी में 'गोल्डन हैट्रिक' लगाई... इससे पहले, नीरू ढांडा और कायन चेनाई ने ट्रैप मिक्स्ड टीम इवेंट में गोल्ड जीतकर एशियाई रिकॉर्ड तोड़ा, जबकि चिकिथा तनिपार्थी ने कंपाउंड तीरंदाजी में दो गोल्ड मेडल जीते एक महिला टीम इवेंट में और दूसरा मिक्स्ड टीम इवेंट में।
Asian Games 2026: तीरंदाजी में 'गोल्डन' हैट्रिक, शूटिंग में भी स्वर्ण

खबर विस्तार : -

Asian Games 2026: एशियन गेम्स 2026 में बुधवार का दिन भारत के लिए गोल्डन डे रहा। भारतीय एथलीटों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक ही दिन में चार गोल्ड मेडल जीतकर तिरंगे का मान बढ़ाया। जहां भारत ने आर्चरी (Archery) में गोल्डन हैट्रिक लगाई, वहीं नीरू ढांडा और किनान चेनाई ने मिक्स्ड टीम ट्रैप इवेंट में गोल्ड जीता और एशियन रिकॉर्ड भी तोड़ डाला। जबकि कंपाउंड आर्चरी में चिकिथा तनिपर्थी ने डबल-गोल्ड का कारनामा किया। उन्होंने पहले महिला टीम इवेंट में गोल्ड जीता और फिर साहिल जाधव के साथ मिलकर मिक्स्ड टीम का खिताब अपने नाम किया।

कंपाउंड आर्चरी में भारत ने चीन को  238-237 से हराया

कुशल दलाल, साहिल जाधव और गणेश मणिरत्नम थिरुमुरुम की भारतीय पुरुष कंपाउंड आर्चरी टीम ने चीन को रोमांचक फाइनल में 238-237 से हराकर एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक अपने नाम किया। कड़े मुकाबले में भारतीय तीरंदाजों ने चीन पर एक अंक की बढ़त बनाए रखी और अंत तक अपनी बढ़त कायम रखी। इसके साथ ही, भारत ने आज कंपाउंड आर्चरी में महिला टीम, मिक्स्ड टीम और पुरुष टीम इवेंट्स में तीन गोल्ड मेडल जीते।

रोमांचक रहा मुकाबला

बता दें कि रोमांचक मुकाबले में कुशल दलाल, साहिल जाधव और गणेश मणिरत्नम थिरुमुरुम की तिकड़ी ने चीन के शियाओ लियाओ, जिनी लियू और जिंग्यु शी को 238-237 के स्कोर से हराया और भारत के कंपाउंड तीरंदाजों के लिए गोल्ड मेडल की हैट्रिक पूरी की। यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि फाइनल के दौरान भारत दो अंक पीछे चल रहा था और चीन की बढ़त को खत्म करने के लिए मजबूत फिनिश की जरूरत थी। शुरुआती राउंड के बाद, तीसरे और पांचवें शॉट में दो बार 9 स्कोर करने के कारण भारत 58-60 से पीछे था। 

भारतीय तीरंदाजों ने अगले राउंड में छह परफेक्ट 10 स्कोर करके वापसी की, लेकिन फिर भी वे 118-120 से पीछे थे। तीसरे राउंड के बाद, अंतर कम होकर एक अंक (178-179) रह गया, जिससे रोमांचक मुकाबले की स्थिति बन गई। इसके बाद, चीन के शियाओ लियाओ ने 8 का स्कोर किया, जिससे भारत के लिए जीत का रास्ता खुल गया। भारतीय तिकड़ी ने आखिरी छह तीरों में शानदार प्रदर्शन करते हुए 238 का स्कोर किया और एक अंक के अंतर से गोल्ड मेडल जीता। इससे पहले, भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में कोरिया को 236-229 से हराया था; कोरियाई टीम में चोई योंग-ही, चोई यून-ग्यू और किम जोंग-हो शामिल थे।

नीरू-कायनन ने रिकॉर्ड के साथ साधा गोल्ड पर निशाना

ट्रैप मिक्स्ड टीम इवेंट में, नीरू ढांडा और कायनन चेनाई ने क्वालिफिकेशन राउंड में चौथे स्थान पर रहने के बाद फाइनल में शानदार वापसी की। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में 34 का स्कोर करके स्वर्ण पदक जीता। कतर के मोहम्मद अल-रुमैही और रे बासिल ने 32 के स्कोर के साथ सिल्वर मेडल जीता। भारत के लिए इस जीत का महत्व सिर्फ गोल्ड मेडल तक ही सीमित नहीं था; नीरू और कायनन ने एक नया एशियाई रिकॉर्ड भी बना डाला। इससे पहले 30 का एशियाई रिकॉर्ड कतर के नाम था, जो इस साल जनवरी में बना था।

भारतीय जोड़ी ने पुराने रिकॉर्ड को चार अंकों से पीछे छोड़ते हुए ट्रैप मिक्स्ड टीम इवेंट में एक नया एशियाई बेंचमार्क स्थापित किया। यह दिन नीरू के लिए खास तौर पर यादगार रहा। व्यक्तिगत ट्रैप इवेंट में पहले ही गोल्ड जीतने के बाद, उन्होंने मिक्स्ड टीम कैटेगरी में एक और गोल्ड मेडल अपने नाम किया। फाइनल में उनकी सटीक शूटिंग और दबाव को संभालने की क्षमता ने भारत के लिए एक और गोल्ड मेडल पक्का किया। 

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चिकिथा का डबल धमाका

इससे पहले, चिकिथा राव तनिपर्थी (Chikitha Rao Taniparthi) ने कंपाउंड आर्चरी में भारत के लिए एक और बड़ी कामयाबी हासिल की। ​​उन्होंने सबसे पहले ज्योति सुरेखा वेन्नम और पृथिका प्रदीप के साथ मिलकर महिला टीम इवेंट में गोल्ड मेडल जीता। भारतीय तिकड़ी ने चीन को 238-234 से हराया और वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की। भारतीय तिकड़ी ने छह के छह तीर 10 पर लगाकर 238 का स्कोर खड़ा कर दिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड दक्षिण कोरिया के नाम था, जिसने 2014 इंचियोन एशियन गेम्स में 238 का स्कोर बनाया था। फिलहाल भारत ने इसकी बराबरी कर ली।

महिला टीम के साथ गोल्ड मेडल जीतने के बाद चिकिथा के पास जश्न मनाने के लिए बहुत कम समय था। क्योंकि उन्हें साहिल जाधव के साथ मिक्स्ड टीम फाइनल में भी उतरना था। भारत का मुकाबला दक्षिण कोरिया से हुआ और यह मुकाबला आखिरी तीर तक रोमांचक बना रहा। भारतीय जोड़ी ने शुरुआत में 40-39 की बढ़त बनाई और दूसरे राउंड के बाद इसे दो पॉइंट तक बढ़ा दिया। तीसरे राउंड में चिकिता ने 9 का स्कोर किया, जिससे भारत की बढ़त घटकर एक पॉइंट रह गई और स्कोर 118-117 हो गया। 

कोरिया ने आखिरी राउंड में परफेक्ट स्कोर किया, जिससे भारत पर दबाव बढ़ गया। जीतने के लिए, भारत को अपने आखिरी दो तीरों पर परफेक्ट 10 स्कोर करने की जरूरत थी। चिकिथा ने फिर से 9 का स्कोर किया, लेकिन साहिल ने दबाव को संभालते हुए बुल्सआई पर 10 का स्कोर करके बराबरी कर ली, जिससे मैच शूट-ऑफ में चला गया। यहां भारतीय जोड़ी ने फिर कमाल किया। चिकिथा और साहिल दोनों ने 10-10 लगाए, जबकि कोरिया के चोई उन ग्यू सिर्फ 9 लगा सके। भारत ने 158-157 से गोल्ड अपने नाम कर लिया।

भारत ने कंपाउंड आर्चरी में तीनों खिताब रखे बरकरार 

एशियाई खेलों में कंपाउंड आर्चरी टीम के तीनों गोल्ड मेडल जीतकर भारत ने क्लीन स्वीप किया। पुरुष टीम के गोल्ड मेडल का मतलब है कि भारत ने हांगझू 2023 में हुए पिछले एशियाई खेलों में जीते गए कंपाउंड आर्चरी के तीनों खिताब सफलतापूर्वक बरकरार रखे हैं। इस जीत के साथ, भारत 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट के लिए क्वालिफ़ाई करने वाला पहला देश भी बन गया। लॉस एंजिल्स ओलंपिक में पहली बार कंपाउंड आर्चरी को शामिल किया जाएगा।

मेडल टैली में सातवें स्थान पर पहुंचा भारत

इस तरह भारत ने बुधवार को एक नहीं बल्कि चार गोल्ड मेडल जीते। भारत ने आर्चरी में 'गोल्डन हैट्रिक' लगाई। नीरू और कायनान ने अपनी शूटिंग से रिकॉर्ड तोड़े, वहीं चिकिथा ने एक ही दिन में दो गोल्ड मेडल जीतकर भारतीय आर्चरी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। इन खेलों में भारत के गोल्ड मेडल की संख्या अब दस हो गई है। भारत के अब 10 गोल्ड, 21 सिल्वर और 28 ब्रॉन्ज समेत 59 मेडल हो गए हैं। वह मेडल टैली में ईरान को पीछे छोड़कर सातवें नंबर पर पहुंच गया है।

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