एशियन पैरा गेम्स में भारतीय ख‍िलाड़‍ियों का ऐतिहासिक प्रदर्शन, 30 गोल्ड समेत जीते रिकॉर्ड 114 पदक

खबर सार :-

भारत ने एशियाई पैरा खेलों में अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 114 पदक जीते, जिनमें 30 स्वर्ण पदक शामिल हैं। भारत ने 2023 में हांगझोऊ में बनाए गए अपने पिछले 108 पदकों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। आखिरी दिन भारत ने 9 स्वर्ण पदक जीते।
एशियन पैरा गेम्स में 114 पदक जीतकर भारतीय ख‍िलाड़‍ियों ने रचा इतिहास

खबर विस्तार : -

Asian Para Games 2026: जापान के आइची-नागोया में आयोजित 2026 एशियाई पैरा खेलों में भारतीय एथलिटों ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। प्रतियोगिता के अंतिम दिन शुक्रवार को भारतीय खिलाड़ियों ने 9 स्वर्ण पदक जीते। इसके साथ ही, एशियन पैरा गेम्स में भारतीय ख‍िलाड़‍ियों का ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए कुल 114 पदकों के साथ अपना अभियान समाप्त किया। जिसमें 30 स्वर्ण, 35-रजत और 49-कांस्य शामिल है। भारत पदक तालिका में चीन, जापान और उज्बेकिस्तन के बाद चौथे स्थान पर है।

114 पदक जीतकर भारत ने रचा इतिहास

बता दें कि एशियन पैरा गेम्स में यह भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। भारतीय खिलाड़ियों ने एथलेटिक्स, पैरा-बैडमिंटन, पैरा-आर्चरी और पैरा-शूटिंग जैसे खेलों में अपनी बेहतरीन प्रतिभा का प्रदर्शन किया। भारत ने 2023 में हांगझोऊ में हुए पिछले एशियाई पैरा खेलों के अपने पदक रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। उस समय भारत ने कुल 111 पदक  जीते थे। जिसमें 29 स्वर्ण, 31-रजत और 51-कांस्य शामिल थे। इस बार भारत की ओर से 168 खिलाड़ियों का दल गया था जो पिछले खेलों के 303 सदस्यीय दल (जिसमें 191 पुरुष और 112 महिलाएं शामिल थीं) की तुलना में काफी छोटा था। इसके बावजूद, खिलाड़ियों ने कुल पदकों और स्वर्ण पदकों की संख्या में नए कीर्तिमान स्थापित किए। कुल पदक तालिका में भारत चौथे स्थान पर रहा।

एथलेटिक्स में पदकों की बौछार

भारतीय खिलाड़ियों ने एक बार फिर देश की पदक तालिका में सबसे बड़ा योगदान दिया और एथलेटिक्स में कुल 65 पदक जीते। आखिरी दिन, सुमित अंतिल ने जैवलिन थ्रो (भाला फेंक) में स्वर्ण पदक जीतकर तिरंगे का मान बढ़ाया। पैरालंपिक और विश्व चैंपियन सुमित ने 72.46 मीटर की दूरी तक भाला फेंककर पुरुषों के 'कंबाइंड-क्लासिफिकेशन' इवेंट में अपना खिताब सफलतापूर्वक बरकरार रखा।

इन इवेंट में रहा भारत का दबदबा 

'कंबाइंड-क्लास' इवेंट में, अंतिम रैंकिंग खिलाड़ियों की अपनी-अपनी क्लासिफिकेशन श्रेणियों के आधार पर दिए गए अंकों से तय की गई। पुरुषों के क्लब थ्रो F-51 इवेंट में, प्रणव सूरमा ने 32.87 मीटर के प्रदर्शन के साथ स्वर्ण पदक जीता और एक गेम्स रिकॉर्ड बनाया। धर्मबीर ने 27.71 मीटर के प्रदर्शन के साथ कांस्य पदक हासिल किया। पुरुषों की 400 मीटर T-64 रेस में, संदीप ने 52.28 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता और एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। इसी इवेंट में, अजय कुमार ने 53.61 सेकंड के समय के साथ कांस्य पदक जीता, जो एक गेम्स रिकॉर्ड था। महेंद्र गुर्जर ने 59.03 मीटर के प्रदर्शन के साथ रजत पदक जीता, जबकि संदीप संजय सरगर ने 64.48 मीटर की थ्रो के साथ कांस्य पदक हासिल किया। 

पुरुषों के जैवलिन थ्रो F-37/38 इवेंट में, हनी ने 60.49 मीटर के विश्व-रिकॉर्ड प्रदर्शन के साथ स्वर्ण पदक जीता। वहीं, पुरुषों के जैवलिन थ्रो F-40/41 इवेंट में, नवदीप ने 42.55 मीटर के प्रदर्शन के साथ कांस्य पदक हासिल किया। राकेशभाई भट्ट ने पुरुषों की 200 मीटर T-37 रेस में कांस्य पदक जीता। संदीप ने पुरुषों की 100 मीटर T-44 रेस में 11.67 सेकंड के समय के साथ कांस्य पदक जीतकर अपने अभियान का समापन किया।

पैरा-बैडमिंटन में नितेश और थुलसिमथी का शानदार प्रदर्शन

भारतीय एथलीटों ने पैरा-बैडमिंटन में तीन स्वर्ण पदक जीतकर देश की मेडल टैली को मजबूत किया। पैरालंपिक चैंपियन नितेश कुमार ने पुरुषों के सिंगल्स SL-3 फाइनल में अपने ही देश के प्रमोद भगत को 21-18, 21-16 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। नितेश ने सीधे गेमों में जीत हासिल कर अपना दबदबा कायम रखा। उन्होंने थुलसिमथी मुरुगेसन के साथ मिलकर मिक्स्ड डबल्स SL-3–SU-5 कैटेगरी में रजत पदक भी जीता। पुरुषों के सिंगल्स SL-4 फाइनल में, नवीन शिवकुमार ने इंडोनेशिया के फ्रेडी सेतियावान को 21-9, 21-17 से हराकर स्वर्ण पदक हासिल किया।

महिला डबल्स SL-3–SU-5 कैटेगरी में, थुलासिमथी मुरुगेसन और मानसी जोशी की जोड़ी ने चीन की यांग किउक्सिया और जिओ ज़ुक्सियन को 21-16, 21-13 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। थुलासिमथी ने महिला सिंगल्स SU-5 इवेंट में सिल्वर मेडल भी हासिल किया। इसके अलावा, नित्या श्री सुमति सिवन ने महिला सिंगल्स SH-6 कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता। इस तरह, भारतीय पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ियों ने कई इवेंट्स में मेडल जीतकर अपनी मजबूत छाप छोड़ी।

मोना अग्रवाल ने वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ जीता गोल्ड

पैरा-शूटिंग में, मोना अग्रवाल ने महिलाओं के 50m राइफल 3-पोजीशन SH-1 इवेंट में 357.5 पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल जीता। इस प्रदर्शन के साथ, उन्होंने वर्ल्ड रिकॉर्ड और पैरा एशियन गेम्स रिकॉर्ड, दोनों बनाए। वह इस इवेंट में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय पैरा-शूटर भी बन गईं। इससे पहले, मोना ने महिलाओं के 10m एयर राइफल स्टैंडिंग SH-1 इवेंट में 250.0 पॉइंट्स के स्कोर के साथ गोल्ड मेडल जीता था। ऐसा करके उन्होंने गेम्स रिकॉर्ड बनाया और अपनी ही देश की अवनि लेखरा से आगे रहीं, जिन्होंने 249.6 पॉइंट्स के साथ सिल्वर मेडल जीता। दो गोल्ड मेडल जीतकर, मोना ने भारत के अभियान में अहम योगदान दिया।

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आर्चरी में हरविंदर और विजय का शानदार प्रदर्शन

पैरा-आर्चरी में, पैरालंपिक चैंपियन हरविंदर सिंह और पहली बार हिस्सा ले रहे विजय सुंडी ने पुरुषों के रिकर्व डबल्स इवेंट में गोल्ड मेडल जीता। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में चीन के युन डुओ और झाओ लिक्स्यू को 5-1 से हराया। महिलाओं के रिकर्व डबल्स में, भविना चौधरी और पूजा जत्यान ने सिल्वर मेडल हासिल किया। फाइनल में भारतीय जोड़ी को चीन की गाओ जिहान और वांग शुक्सियन के हाथों 0-6 से हार का सामना करना पड़ा। इस सिल्वर मेडल के साथ, भारत ने एशियन पैरा गेम्स में इस इवेंट में अपना पहला मेडल हासिल किया। भारतीय एथलीटों ने तैराकी में भी शानदार प्रदर्शन किया।

पैरा टेबल टेनिस में भी पदक

पैरा टेबल टेनिस में, जेहान दोराब मदान और शुभम वाधवा की जोड़ी ने पुरुषों की डबल्स MD4 श्रेणी में कांस्य पदक जीता। 50 साल की उम्र में, जेहान भारतीय दल के सबसे उम्रदराज पदक विजेता बने। उनकी इस उपलब्धि ने साबित कर दिया कि खेलों में सफलता के लिए अनुभव और दृढ़ संकल्प बहुत महत्वपूर्ण आधार हैं।

भारतीय पैरा-तैराकों ने उम्मीद से बेहतर किया प्रदर्शन

भारतीय पैरा-तैराकों ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करते हुए पदक जीते। उन्होंने इस प्रतियोगिता में कुल तीन कांस्य पदक हासिल किए। इससे पहले, वे 400 मीटर फ्रीस्टाइल और 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक (S11 श्रेणी) स्पर्धाओं में भी तीसरे स्थान पर रहे थे। हिमांशु, जो ऑप्टिक नर्व से जुड़ी समस्या के कारण जन्म से ही दृष्टिहीन हैं, ने अपने प्रदर्शन से भारतीय दल का मान बढ़ाया। रवि बुडिगिना ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन पदक जीते दो रजत और एक कांस्य।

अंतिम दिन भारत की झोली में आए 9 पदक

अंतिम दिन, भारतीय खिलाड़ियों ने नौ स्वर्ण पदक जीतकर अपने अभियान को यादगार बना दिया। एथलेटिक्स में विश्व रिकॉर्ड, पैरा-बैडमिंटन में स्वर्ण सफलता, शूटिंग में मोना अग्रवाल का ऐतिहासिक प्रदर्शन और तीरंदाजी में स्वर्ण पदक ने भारत के अभियान को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। कुल 114 पदकों के साथ, भारतीय दल ने एशियन पैरा गेम्स में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, जिससे पूरे देश को गर्व हुआ।

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