41 हजार से अधिक धावक दौड़ेंगे दिल्ली हाफ मैराथन में, सुरक्षा, परिवहन और चिकित्सा के इंतजाम पूरे

खबर सार :-

वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन 2026 की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसमें रिकॉर्ड संख्या में धावकों की उपस्थिति होगी। अनुमान लगाया जा रहा है कि करीब 41 हजार से अधिक प्रतिभागी इसमें हिस्सा लेंगे। यह आयोजन रविवार, 18 अक्टूबर को होना है। इस विश्व एथलेटिक्स गोल्ड लेबल रोड रेस की सफलता के लिए पूरी ताकत झोंक दी गई है।
वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन बनाएगा रिेकॉर्ड, धावकों पर रहेगा पूरा ध्यान

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली, हाफ मैराथन के आयोजक प्रोकेम इंटरनेशनल ने सुरक्षा और चिकित्सा के अलावा सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। इसमें यातायात और पर्यावरण प्रबंधन से संबंधित जरूरी चीजों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि धावकों की सुरक्षा और उन्हें समुचित व्यवस्था उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। जो लोग इस आयोजन में भाग ले रहे हैं, उनके लिए यह अच्छा अवसर होगा। आयोजकों का कहना है कि हमें पूरी उम्मीद है कि हम अपनी व्यवस्था में खरे उतरेंगे।

पूरे रूट पर और फिनिश लाइन पर सहायता केंद्र भी बनाए जाएंगे। दिल्ली पुलिस के साथ पिछले डेढ़ महीने से हम लोग मंथन कर रहे हैं। कार्यक्रम की सफलता के लिए बराबर ध्यान दिया जा रहा है। इस आयोजन के दौरान करीब 200 पुलिस कर्मियों को तैनात किया जाएगा। इसके अलावा करीब 80 यातायात पुलिस कर्मियों की तैनाती होगी। किसी प्रकार से वाहनों को रूट में नहीं आने दिया जाएगा। सुरक्षा के लिहाज से भी पर्याप्त पुलिस मौजूद रहेगी।

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सभी दौड़ इसी स्टेडियम से शुरू होंगी और समाप्त भी

जिन रूटों का इस्तेमाल किया जाएगा, उनके बारे में पहले से ही बता दिया जाएगा। इसके बाद किसी प्रकार का बदलाव नहीं होगा। इसमें ओपन 10 किलोमीटर दौड़ के मार्ग में कुछ बदलाव किए गए हैं। जो 10 किलोमीटर की दौड़ ओपन होनी थी, अब यह संसद मार्ग के बजाय जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से सुबह 7ः30 पर शुरू होगी। इस बदलाव के कुछ कारण है। उनमें आयोजन की कोई भूमिका नहीं है। सभी दौड़ इसी स्टेडियम से शुरू होगी और समाप्त भी।

प्रोकैम ए इंटरनेशनल के संयुक्त प्रबंध निदेशक विवेक सिंह ने कुछ जानकारियां दी हैं। उनके अनुसार दिल्ली हाफ मैराथन का प्रभाव खेल तक सीमित नहीं है। मैराथन को भविष्य के नजरिए से देखना चाहिए। बहुत से लोग इसका कहीं इस्तेमाल नहीं करते हैं। मगर वह मैराथन में भाग लेकर अच्छा संदेश देते हैं। मिरांडा हाउस के सामाजिक आर्थिक प्रभाव अध्ययन के अनुसार, बताया गया है कि आयोजन का दिल्ली एनसीआर पर 400 करोड़ से अधिक का प्रभाव पड़ा है।

देशभर से धावक आए और उनकी मौजूदगी ने उत्साह बढ़ाया

इसमें देशभर से धावक आए और उनकी मौजूदगी ने उत्साह बढ़ाया। उनके परिजनों से स्थानीय कारोबार होटल और खुदरा क्षेत्र को भी लाभ मिलता है। जब आयोजन को भव्य बनाने की कोशिश की जाती है तो उसके परिणाम बहुत सार्थक होते हैं। इसे दूरगामी नजरिए से देखना चाहिए। धावकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए भी पुख्ता प्रबंध किए गए है। मेट्रो ग्रुप आप हॉस्पिटल से की ओर से व्यापक चिकित्सा व्यवस्था की गई है। मैराथन में हर क्षेत्र से लोग सहयोग भी कर रहे हैं।

इसलिए किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। पूरे रूट पर 11 मेडिकल स्टेशन बनाए गए हैं। जबकि फिनिश लाइन के बाद आईसीयू सुविधा से युक्त मेडिकल बेस कैंप भी बनाया गया है। इसमें हाईटेक सुविधा दी जाएगी। वैसे तो उन्हीं लोगों को मैराथन में भाग लेने के लिए कहा जा रहा है, जो स्वस्थ हों। होल्डिंग एरिया में दो और रिफ्रेशमेंट क्षेत्र के बाद एक चिकित्सा स्टेशन होगा।

आयोजकों ने बताया है कि इस पूरी व्यवस्था के अंतर्गत 450 चिकित्सा कर्मियों और 25 मेडिकल स्पॉटर और बाइक तैनात की जाएगी। आपात स्थितियों से निपटने के लिए भी पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। यहां पर 12 एडवांस्ड कार्डियक लाइफ सपोर्ट एक स्पेशल एंबुलेंस की व्यवस्था कर ली गई है। इसके अलावा कार्यक्रम के दौरान तीन गोल्फ कार्ट भी उपलब्ध रहेगी। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कितने प्रयास किए गए हैं।

धावकों के लिए शुद्ध पानी की व्यवस्था की गई

धावकों के साथ उनके परिजन भी कार्यक्रम के दौरान पहुंचते हैं, इसलिए उनके पानी का प्रबंध भी किया गया है। धावकों को दौड़ के दौरान तरोताजा रखने के लिए शुद्ध पानी की व्यवस्था की गई है। इसमें बिसलेरी की ओर से वाटर स्टेशन रिहाइड्रेशन स्टेशन आदि का प्रबंध किया जाएगा। संतरा, नमक और चीनी की व्यवस्था रहेगी। इसमें आठ चीयरिंग जोन और 12 प्रेरणा जोन बनाए जाएंगे। उनके लिए जगह चिन्हित कर ली गई है। इनके साथ मधुर संगीत का प्रस्तुति होती रहेगी।

स्टेडियम परिसर में भी प्रतिभागियों के लिए पानी की व्यवस्था की गई है। आयोजन का उद्देश्य दौड़ के दौरान धावकों को आवश्यक सहायता देना होता है। वेदांत दिल्ली हाफ मैराथन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए कहा जा रहा है। इसके लिए आयोजक कचरा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। इस मैराथन के दौरान कचरा प्रबंधन का लक्ष्य रखा गया है। इसमें नई दिल्ली नगर पालिका परिषद के सहयोग से योजनाओं को मजबूत किया जा रहा है।

जैविक कचरे से खाद बनाने, प्लास्टिक के पुर्नचक्रण और बचे हुए पानी का पौधों की सिंचाई में दोबारा इस्तेमाल किया जाएगा। प्रतिभागियों का आना-जाना लगा रहेगा। इस दौरान यात्रा को सुगम बनाने के लिए सड़कों पर दबाव कम करने के लिए पंजीकृत धावकें को 18 अक्टूबर को दिल्ली मेट्रो में निशुल्क यात्रा की व्यवस्था दी जाएगी। दिल्ली मेट्रो कॉरपोरेशन ने इसकी स्वीकृति प्रदान कर दी है। 

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