अजय राय की मुश्किलें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कथित अभद्र टिप्पणी मामले में लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। वाराणसी के चौक थाने में अजय राय के खिलाफ दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। यह कार्रवाई महिला व्यापार मंडल नेता सुनीता सोनी और आर्यन पंड्या द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर की गई है। इससे पहले महोबा जिले में भी उनके खिलाफ एक मामला दर्ज किया जा चुका है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है और भाजपा तथा कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने अजय राय के कथित बयान के विरोध में वाराणसी समेत कई जगहों पर प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। वहीं कांग्रेस इस मामले को राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है और अजय राय का बचाव कर रही है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो को लेकर विवाद शुरू हुआ, जिसमें कथित तौर पर अजय राय प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि अजय राय ने इस वीडियो को पूरी तरह फर्जी और एआई जनरेटेड बताया है। उनका कहना है कि वीडियो के जरिए उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है और राजनीतिक दबाव बनाकर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है।
अजय राय ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह हाल ही में महोबा गए थे, जहां उन्होंने एक दलित बच्ची के साथ हुए कथित अत्याचार का मुद्दा उठाया था। उनके अनुसार बच्ची के साथ कई दिनों तक दुष्कर्म किया गया और उसे नशे के इंजेक्शन दिए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार इस मामले को दबाना चाहती है और जब उन्होंने पीड़िता के लिए आवाज उठाई तो उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज करवा दिए गए।
उन्होंने कहा, “अगर दलित बच्ची को न्याय दिलाने की आवाज उठाने पर मेरे खिलाफ मुकदमे किए जा रहे हैं तो मैं इसके लिए तैयार हूं। एक नहीं, सौ मुकदमे लगा दीजिए, लेकिन पीड़ित बच्ची को न्याय मिलना चाहिए। मैं जेल जाने से भी नहीं डरता।” अजय राय ने यह भी सवाल उठाया कि भाजपा के कितने नेता पीड़ित परिवार से मिलने गए।
इस विवाद के बीच भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो साझा करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि कुछ दिन पहले जब अजय राय की तबीयत खराब हुई थी, तब प्रधानमंत्री मोदी ने सार्वजनिक रूप से उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की थी। लेकिन अब वही अजय राय प्रधानमंत्री के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। अमित मालवीय ने इसे कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति बताया।
दरअसल हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान अजय राय की तबीयत बिगड़ गई थी और वह मंच पर बेहोश होकर गिर पड़े थे। इसके बाद उन्हें लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस समय प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया के जरिए उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता व्यक्त की थी और जल्द स्वस्थ होने की शुभकामनाएं दी थीं। यही कारण है कि भाजपा अब इस पूरे मामले को नैतिकता और राजनीतिक शिष्टाचार से जोड़कर देख रही है।
उधर सोशल मीडिया पर भी यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। कई यूजर्स कांग्रेस पार्टी की राजनीतिक भाषा और नैतिक मूल्यों पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि कांग्रेस समर्थक इसे राजनीतिक षड्यंत्र करार दे रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और वायरल वीडियो की सत्यता की भी जांच कराई जा रही है।
इस घटनाक्रम ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। आने वाले दिनों में यह मामला और अधिक तूल पकड़ सकता है, क्योंकि भाजपा और कांग्रेस दोनों इसे राजनीतिक और नैतिक मुद्दे के रूप में जनता के बीच ले जाने की तैयारी में हैं।
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