Shiv sena Split : शिवसेना UBT में फूट! उद्धव ठाकरे को झटका, शिंदे गुट में जा सकते हैं सांसद
खबर सार :-
महाराष्ट्र की शिवसेना यूबीटी में सांसदों को दलबदल को लेकर अटकले तेज हो गई है। सोमवार 22 जून को उद्धव ठाकरे ने बैठक बुलाई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि सांसद एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो सकते हैं।
खबर विस्तार : -
Shiv sena UBT Split : महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों सांसदों के पार्टी बदलने की अटकले तेज होती नजर आ रही है। ऐसे में उद्धव ठाकरे का खेमा खाली होता दिखाई दे रहा है। बता दें कि शिवसेना के कई सांसदों के दलबदल की खबरें सामने आ रही हैं। सोमवार को उद्धव ठाकरे ने बैठक बुलाई है। क्यास लगाए जा रहे हैं कि बागी सांसद उद्धव ठाकरे की मीटिंग में शामिल होने के बजाय एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो सकते हैं।
Shiv sena UBT Split : उद्धव ठाकरे ने आज बुलाई बैठक
महाराष्ट्र की राजनीतिक गलियारों में यूबीटी की फूट के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है, जो उद्धव ठाकरे के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है। बता दें कि उद्धव ठाकरे ने आज दोपहर 3 बजे नरीमन पॉइंट स्थित ऑफिस शिवालय में अपने सभी विधायकों और विधान परिषद का सदस्यों की बैठक बुलाई है। इन छह सांसदों के शिंदे गुट वाली शिवसेना में आधिकारिक रूप से शामिल होने की संभावना है। इससे बागी गुट को दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्यता से बचने के लिए जरूरी संख्या पूरी करने में मदद मिल सकती है। पार्टी छोड़ने वाले सांसदों को एकजुट करने के लिए उद्धव ठाकरे की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
Shiv sena UBT Split :राजूल पाटिल शिवसेना के साथ
यह बैठक महाराष्ट्र विधानसभा के मॉनसून सत्र के पहले दिन होने वाली है। उम्मीद जताई जा रही है कि ठाकरे पार्टी के सभी विधायकों से बातचीत करेंगे और लोकसभा सांसदों के एक गुट के बगावत करने के बाद आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे। इस बीच यूबीटी सांसद संजय दीना पाटिल की बेटी राजूल पाटिल ने मुंबई में मातोश्री पर पार्टी के प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात की। मुलाकात के बाद उन्होंने बताया कि वह शिवसेना अध्यक्ष के सामने अपना पक्ष रखने और अपनी स्थिति के स्पष्टीकरण के लिए आई थीं। उन्होंने इस पर आगे कहा कि वो शिवसेना के साथ हैं।
Shiv sena UBT Split : पार्टी के मुख्य सचिव अनिल देसाई ने जारी किया था कारण बताओ नोटिस
इसके पहले शनिवार को शिवसेना ने बैठक में शामिल न होने वाले सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था और साथ ही उन्हें दल-बदल कानून के तहत अयोग्य ठहराने की चेतावनी भी दी थी। यह नोटिस पार्टी के मुख्य सचिव सचेतक अनिल देसाई ने जारी कर कारण पूछा था। उन्होंने सांसदों को साफ तौर पर निर्देश दिए थे कि वे संसदीय दल की एक अहम बैठक में शामिल न होने का का कारण 24 घंंटे के अंदर लिखित में दें।
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