Jantar Mantar पर CJP का प्रदर्शन आज, किसी को भी पहुंचने की अनुमति नहीं

खबर सार :-

देश की राजधानी दिल्ली में राजनीतिक दल Chief Election Commissioner के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। इसमें  विपक्ष के नेता Jantar Mantar के साथ कई सड़कों पर पहुंज जाते हैं। सरकार के प्रदर्शन को अनुमति नहीं दिए जाने के बाद भी अलग-अलग तिथियों पर आंदोलन चलाया जा है। इससे मेट्रो सेवा, रेल सेवा और इंटरनेट बंदकर दिए जाने से दिल्ली में जोविकोपार्जन करने वालेे ही ज्यादा प्रभावित होते हैं। आए दिन रूट डायवर्जन और नाकाबंदी का सामन करते-करते दिल्लीवाले थकने लगे हैं।
राजधानी में Gyanesh kumars के इस्तीफे की मांग, आंदोलनों के चलते थकने लगे हैं delhiites

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली, दिल्ली पुलिस मुख्य निर्वाचन आयोग के खिलाफ CJP  व उनके साहयोगियों के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर बेहद सख्त है। इस प्रदर्शन का ऐलान CJP ने किया जरूर है, लेकिन सरकार की बिना अनुमति के अब सीजेपी का प्रदर्शन मुमकिन नहीे है। DELHI POLICE ने जनपथ-कर्तव्य पथ, Jantar Mantar  क्षेत्र के आसपास मध्य दिल्ली के कुछ हिस्सों में  इनकी भीड़ और प्लानिंग पर पूरी तरह से पाबंदी लगा रखी है। मोबाइया या अन्य संसाधन का इस्तेमाल नहीं हो पाएगा।

दिल्ली की कुछ दूरी तय कर इंटरनेट सेवाओं पर भी प्रतिबंध लगाया है। कई पेट्रो स्टेशनों पर सन्नाआ छा चुका है। प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए शुक्रवार रात 9 बजे से शनिवार शाम तक 45 दिल्ली मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए गए हैं। रेल यातायात भी प्रभाति हुई है। कई स्थानों की ट्रेन सेवाएं भी रोक दी गई हैं। सुरक्षा के लिहाज से शहर के कई स्थानों पर डायवर्जन लागू कर दिया गया है। चिन्हित करते हुए कुछ स्थानों पर नाकाबंदी भी की गई है। प्रदर्शन करने वालों का कहना है कि सरकार भले ही उनको प्रतिबंधित कर, लेकिन वह प्रदर्शन करेंगे। दिल्ली पुलिस का तर्क है कि सीजेपी के प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति इसलिए नहीं दी गई, क्योंकि आयोजकों ने पहले के प्रदर्शन के दौरान कानूनी निर्देशों और अपने आश्वासनों का पालन नहीं किया था मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) Gyanesh-Kumar के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और अन्य संगठनों का विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। 

Jantar Mantar क्षेत्र में धारा 163 धागू कर दी

सीजेपी की ती प्रमुख मांगों में सरकर एक को भी नहीं मानने वाली है। इनके संगंध में सुप्रीम कोर्ट भी कह चुका है। CJP का कहना है कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को रोका जाए। जनवरी 2025 की मतदाता सूची बहाल हो। साथ ही 2023 के चुनाव आयुक्त नियुक्ति कानून को रद किया जाए। सीजेपी की इन काबिल बातों को भाजपा समझ ही नहीं पाएगी। इसका कारण अभी हुए चुनावों में भी भाजपा को ज्यादा सीटें मिली हैं। 

पुलिस सख्ती का शहर में दिखा असर 

दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाकर धारा 163 जंतर-मंतर क्षेत्र में BNS की धागू कर दी है। इस दौरान पुलिस और अर्धसैनिक बल बड़ी संख्या में यहां मौजूद रहे है। वहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप रहे, इसलिए जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में बैरिकेडिंग की गई है। संपर्क में व्यवधान उत्पन्न करने के इरादे से दिल्ली के कई इलाकों में इंटरनेट पर पाबंदी लगा दी है। आवागमन का बेहतरीन साधन दिल्ली मेट्रो  है। इस बार इसकी 57 मेट्रो स्टेशन शुक्रवार रात नौ बजे से स्थिति सामान्य होने तक बंद कर दिए गए हैं। अब तक 201 लोगों को हिरासत में लिया गया, आनंद विहार से मोदीपुरम के बीच नमो भारत ट्रेन सेवा तय समय पर परिचालित होती रहेंगी।

प्रदर्शन के लिए लोगों को उकसा रहे करीब 201 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। इस बार CJP  को कई दलों का सक्रिय समर्थन मिल रहा है। इस प्रदर्शन के मद्देनजर शुक्रवार दोपहर दो बजे के बाद नई दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन और तिलक ब्रिज रेलवे स्टेशन से चलने वाली सभी ट्रेनें निरस्त कर दी गईं।  राजधानी, शताब्दी, वंदे भारत सहित 222 से अधिक ट्रेनें आज के लिए निरस्त की गई हैं। इसमें 179 लोकल ट्रेन शामिल हैं। 

7 को 10 अक्टूबर के प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी

दिल्ली पुलिस की ओर से संयुक्त आयुक्त (नई दिल्ली रेंज) नुपूर प्रसाद ने बताया कि सीजेपी के सौरभ दास ने 07 अक्टूबर को 10 अक्टूबर के प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी। नियम के मुताबिक, प्रदर्शन के लिए लगभग 10 दिन पहले आवेदन देना अनिवार्य होता है। आवेदन समय पर नहीं दिया गया। एक पक्ष यह भी है कि उनके पिछले आंदालनों ने जेनजी बनने की कोशिश में रहे, यही कारण है कि विपक्ष ने उनकी सुरक्षा की गारंटी नहीं ली ली। सीजेपी समर्थकों को IGI एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशनों या पड़ोसी राज्यों की सीमाओं से निजी वाहनों के जरिए दिल्ली में प्रवेश करने की इच्छा रही, लेकिन उन्हें 35 डिटेंशन सेंटर में भेज दिया जाएगा। 

सरकार को दिखा रहे जेनजी का डर 

 दरअसल, सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर पहुंचने से पहले मुंबई से में कहा कि दिल्ली में सुरक्षा कड़ी करने से साफ है कि केंद्र सरकार युवाओं यानी जेनजी से डरी हुई है। प्रतिष्ठित पदों पर बैठे लोग उम्मीद कर रहे हैं, कि पिछली बार की तरह इस बार न हो। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ ने केंद्र से कहा कि यात्रियों को कोई परेशानी न हो। पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा, सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर के अलावा किसी दूसरी जगह पर विचार करे। यानी ऐसे प्रदर्शन गैर जरूरी माने गए हैं। साथ ही जेन जी का डर सरकार को दिखाया जा रहा है। बता दें कि ऐसे जेनजी उत्तर प्रदेश और आसाम में नहीं दिख रहेेै। 

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