नेताओं पर अंडा फेंकने को कलकत्ता हाईकोर्ट ने माना गंभीर
खबर सार :-
कलकत्ता हाईकोर्ट की एक डिवीजन बेंच ने मंगलवार को पुलिस को निर्देश दिया कि वह राज्य में 4 जून को हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों के नतीजे घोषित होने के बाद से राजनीतिक नेताओं और कार्यकर्ताओं पर अंडे फेंके जाने की घटनाओं में की गई कार्रवाई पर रिपोर्ट सौंपे।
खबर विस्तार : -
police remained mute spectators.: कलकत्ता हाईकोर्ट की एक डिवीजन बेंच ने मंगलवार को पुलिस को निर्देश दिया कि वह राज्य में 4 जून को हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों के नतीजे घोषित होने के बाद से राजनीतिक नेताओं और कार्यकर्ताओं पर अंडे फेंके जाने की घटनाओं में की गई कार्रवाई पर रिपोर्ट सौंपे।
हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस तापब्रत चक्रवर्ती और जस्टिस पार्थ सारथी चटर्जी की डिवीजन बेंच ने तृणमूल कांग्रेस की जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद राज्य पुलिस को यह निर्देश दिया। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा के कार्यकर्ताओं ने पुलिस की मौजूदगी में तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ;जिनमें पार्टी के पूर्व और मौजूदा चुने हुए जनप्रतिनिधि भी शामिल थे, पर अंडे फेंके और पुलिस इन हमलों के दौरान मूकदर्शक बनी रही। हालांकि, डिवीजन बेंच ने इस मामले में अंतरिम आदेश की याचिकाकर्ता की मांग को खारिज कर दिया।
कोर्ट ने कहा, कुछ लोगों को गिरफ्तार करना ही काफी नहीं
मंगलवार को सुनवाई के दौरान डिवीजन बेंच ने कहा कि राज्य सरकार को कोर्ट को यह बताना चाहिए कि पुलिस प्रशासन ने ऐसे अंडा फेंकने वाले हमलों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि मामले में शामिल कुछ लोगों को गिरफ्तार करना ही काफी नहीं होगा, बल्कि व्यापक सामाजिक जागरूकता पैदा की जानी चाहिए। डिवीजन बेंच ने इस बात पर जोर दिया कि सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य प्रशासन की जिम्मेदारी है।
कोर्ट से अंतरिम आदेश की मांग खारिज
राज्य सरकार के वकील ने कोर्ट को बताया कि प्रशासन लोगों से बार-बार कानून हाथ में न लेने की अपील कर रहा है, लेकिन मामले में कोई ठोस शिकायत दर्ज न होने के कारण प्रशासन के पास करने के लिए बहुत कुछ नहीं है। इसके जवाब में याचिकाकर्ता के वकील और तृणमूल कांग्रेस के चार बार के लोकसभा सदस्य कल्याण बनर्जी ने पुलिस पर अंडा फेंकने की ऐसी घटनाओं के पीछे मुख्य सूत्रधार होने का आरोप लगाया।बनर्जी ने तर्क दिया कि ऐसे हमले हवाई अड्डों जैसी सुरक्षित जगहों पर भी हो रहे हैं। एक मंत्री लोगों से अंडे फेंकने के लिए कह रहा है। सरकार ने क्या कदम उठाए हैं और इन्हीं आधारों पर कोर्ट से अंतरिम आदेश की मांग की, जिसे खारिज कर दिया गया।
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