पतंजलि के ब्रांड नकली बताने वालों को रामदेव ने दिया जवाब, कहा-तसल्ली के लिए जांच करा लो
खबर सार :-
बाबा रामदेव ने पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह से हाथ मिला लिया है। उन्होंने कहा कि हमारे बीच गलत फहमी हो गई थी। इसे दूर कर लिया गया है। इसी दौरान आयुर्वेद और पतंजलि के ब्रांड की शुद्धता पर भी उन्होंने स्पष्टीकरण दिया।
खबर विस्तार : -
नई दिल्ली, योग गुरु बाबा रामदेव और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह में चला आ रहा तनाव आखिर समाप्त हो गया। बृजभूषण शरण सिंह की बाबा रामदेव के बीच जुबानी जंग की कहानी काफी पहले की है। यह जंग आमने सामने की नहीं रही, लेकिल दोनों हमलवर जरूर रहे हैं। हालांकि, पिछले काफी समय से चली आ रही गहमागहमी को आज विराम दे दिया गया। बाद में दोनों ने एक दूसरे की प्रशंसा भी की।
मीडिया के सामने बोले रामदेव, कहा अफवाहों पर न दें ध्यान
मीडिया वालों के सवालों का सामना कर रहे बाबा रामदेव ने नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान सफाई दी। यहां पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह भी थे। दोनों लोगों की मुलाकात होने पर प्रेस कांफ्रेंस के दौरान रामदेव ने स्वीकार लिया कि अब कोई विवाद नहीं बचा है। उन्होंने कई पूर्व की बातें बताई। कहा कि कोई भी मन में बात हो या किसी प्रकार की भ्रांति, उस पर बात करना चाहिए। विवाद उत्पन्न होने वाली स्थिति बन रही हो तो उसका सामना करना चाहिए। इससे विवाद को समाप्त करने की गुंजाइश बनी रहती है। विवाद को समाप्त कर देना चाहिए। उन्होंने यह बातें बृजभूषण शरण सिंह के बारे में कही। कहा, कुछ गलतफहमी हो गई थी, लेकिन बातचीत के बाद पूरे मामले की सच्चाई सामने आ गई है। अब दोनों के बीच कोई विवाद नहीं है।
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बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, वह संतों का करते हैं सम्मान
बाबा रामदेव को उन्होंने धन्यवाद कहा। वहीं, पास में बैठे बृजभूषण शरण सिंह ने स्पष्ट किया कि वह संतों का सम्मान करते हैं, जो लोग देश के लिए काम करते हैं, वह सदैव उनका सम्मान करते रहेंगे। बाबा रामदेव ने अपने स्वभाव और कार्यों का हवाला देते हुए कहा कि हम साधु हैं। लंबी बात नहीं बढ़ाना चाहते हैं। हमारा कोई झगड़े का उद्देश्य नहीं रहा है। सेवा को हम धर्म मानते हैं। दरअसल, गाय के घी पर कुछ लोगों ने टिप्पणी की गई थी। इस घी के ब्रांड का का नाम पतंजलि था।
इस पर स्पष्टीकरण देने के लिए स्वामी रामदेव ने पत्रकारों से बात की। कहा की मेरे स्वास्थ्य और पतंजलि के गाय के घी को लेकर अफवाहें फैलाई जा रही थी। उसका वह खंडन करते हैं। पिछले दो-तीन महीने से उनका नाम कई बीमारियों से जोड़कर अफवाहें फैलाई गई हैे, जो पूरी तरह से झूठी हैं। उन्होंने कहा सत्य आपके सामने है। वह पूरी तरह स्वस्थ हैं। कई सालों पहले भी बाबा रामदेव के घी को लेकर अफवाह फैलाई गई थी। इसमें बृजभूषण शरण सिंह का भी नाम विवादों में खींचा जा रहा था।
पतंजलि के गाय का घी चेक कराने के लिए कभी भी तैयार
पतंजलि के गाय के घी पर लगाए गए आरोपों को बेतुका बताते हुए रामदेव ने कहा कि ना तो पतंजलि का गाय का घी नकली है और न हीं दवाइयां। उन्होंने अपने आप को भी असली बताया। कहा कि स्वामी रामदेव भी नकली नहीं है। इस दौरान मीडिया के लोगों से कहा कि दो ढक्कन आप गाय का घी ले जाइये। एक खाइये और दूसरा वैज्ञानिक या कहीं जांच कराइये। अगर इसमें किसी प्रकार की कमी हुई तो सब सामने आ जाएगा। पतंजलि के घी को लेकर पहले भी कई बार आरोप लगाए जा चुके हैं। बाबा रामदेव को इस मामले में स्पष्टीकरण तब भी देना पड़ा था। उन्होंने कहा कि स्वदेशी अभियान विदेशी कंपनियां को चुनौती देने के उद्देश्य से शुरू किया गया था।
आयुर्वेद की 30 सालों में कमियां नहीं मिल सकीं
बाबा रामदेव ने इसी दौरान आयुर्वेद पर भी उन्होंने अपने विचार रखे और बताया कि 30 वर्षों में हजारों शोध पत्रों और 10000 से अधिक रिसर्च किए गए हैं। इन आधार पर वैज्ञानिकों को आयुर्वेद के संबंध में प्रमाण देने पड़े और उसे आगे बढ़ाना पड़ा। आयुर्वेद के बचाव में हजारों वैद्य सामने आ जाते हैं, वहीं बाबा रामदेव ने खुलकर कहा कि गंभीर से गंभीर बीमारियों का इलाज किया जा रहा है। लाखों लोगों को इसमें मदद मिली है। इस दौरान बृजभूषण शरण सिंह, बाबा रामदेव के साथ थे। बाद में दोनों एक दूसरे से हाथ भी मिलाया।
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