आयुष्मान योजना में गड़बड़ी पर दोषी अस्पतालों पर जुर्माना
खबर सार :-
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
खबर विस्तार : -
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में साचीज द्वारा प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत प्रदेश में विशेष गुणवत्ता सुधार अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को बेहतर और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
यूपी के 800 अस्पतालों को दिया गया प्रशिक्षण साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएच) से मान्यता प्राप्त प्रदेश के 800 अस्पतालों को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के मानकों के अनुरूप प्रशिक्षित किया गया है। यह प्रशिक्षण राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान लखनऊ द्वारा दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान अस्पतालों को डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली से जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। साथ ही अस्पतालों की तकनीकी समस्याओं और शिकायतों का भी मौके पर समाधान किया गया, जिससे उनकी कार्यक्षमता और सेवा गुणवत्ता में सुधार हो सके।
लगभग 60 लाख रुपये की वसूली भी की जा चुकी
गड़बड़ी पर अस्पतालों पर लगाया गया 1.16 करोड़ का जुर्मानाइसके साथ ही साचीज ने अनियमितताओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। योजना के तहत अवैध नकद वसूली, अपकोडिंग या अन्य वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में 'जीरो टॉलरेंस' की नीति लागू की जा रही है। साचीज की सीईओ ने बताया कि जिन अस्पतालों के खिलाफ जांच में शिकायतें सही पाई गई हैं, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की गई है। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक ऐसे अस्पतालों पर लगभग 1.16 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। इसमें से लगभग 60 लाख रुपये की वसूली भी की जा चुकी है।
शेष राशि की वसूली सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अस्पतालों के भुगतान पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा, जो अस्पताल बार-बार नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, उन्हें योजना से निलंबित भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि साचीज केवल अस्पतालों की संख्या बढ़ाने पर नहीं, बल्कि ऐसे अस्पतालों का मजबूत नेटवर्क तैयार करने पर ध्यान दे रहा है जो गुणवत्ता, पारदर्शिता और मरीज-केंद्रित सेवाओं के मानकों पर खरे उतरें। इसी दिशा में केंद्र सरकार के अस्पतालों को भी प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के नेटवर्क से जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। इससे प्रदेश के लाभार्थियों को और अधिक विशेषज्ञ एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
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