Indian Team के महान स्पिनर को देर से कप्तानी मिलने का था मलाल, सौरव गांगुली की Leadership Ability को सराहा

खबर सार :-

भारत की ओर से सबसे अधिक टेस्ट विकेट और एक ही पारी में सभी 10 विकेट हासिल करने का रिकॉर्ड बनाने वाले भारत के महानतम स्पिनर अनिल कुंबले को देर से भारतीय टीम की कप्तानी मिलने का मलाल रहा। कुंबले ने सौरव गांगुली की नेतृत्व क्षमता की तारीफ की।
भारत के महान स्पिनर अनिल कुंबले को देर से कप्तानी मिलने का था मलाल

खबर विस्तार : -

Anil Kumble Birthday Special: महान भारतीय स्पिनर अनिल कुंबले को 2007 में भारतीय टेस्ट टीम की कप्तानी दी गई थी। उस समय कुंबले 37 साल के थे। कप्तान बनने के एक साल बाद (2008 में) कुंबले ने क्रिकेट से संन्यास ले लिया। कुंबले को अपने करियर में देर से कप्तानी दिए जाने का अफसोस था और उन्होंने इस बात का जिक्र भी किया था। 17 अक्टूबर 1970 को बेंगलुरु में जन्मे अनिल कुंबले को भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल और महान मैच विनर खिलाड़ियों में से एक माना जाता है। कुंबले 56 साल के हो रहे हैं। अपने करियर के दौरान कुंबले ने हर वो सफलता और उपलब्धि हासिल की जो एक क्रिकेटर चाह सकता है, जिसमें भारतीय टीम की कप्तानी भी शामिल है, लेकिन उन्हें कप्तानी देर से दिए जाने का अफसोस था।

गांगुली को कप्तान बनाए जाने पर हुई थी निराशा

2008 में अपने रिटायरमेंट के बाद दिए एक इंटरव्यू में अनिल कुंबले ने उस समय को याद किया जब सीनियर होने के बावजूद सौरव गांगुली को उनसे ऊपर रखकर कप्तानी दी गई थी अपने इंटरव्यू में कुंबले ने कहा, "मैं उस समय थोड़ा निराश था क्योंकि मैं गांगुली का सीनियर था। लेकिन ऐसी चीज़ों पर आपका कोई कंट्रोल नहीं होता। वैसे भी, वह साल मेरे लिए अच्छा नहीं था क्योंकि मैं बॉलिंग शोल्डर इंजरी की वजह से गेम से बाहर था। मैं एक साल के लिए बाहर था। सौरव ने इस मौके का पूरा फ़ायदा उठाया। उसने दिखाया कि उसमें पोटेंशियल है।" कुंबले ने बाद में एक कैप्टन के तौर पर गांगुली की लीडरशिप एबिलिटी की तारीफ़ की। गांगुली की कप्तानी में कुंबले इंडियन बॉलिंग अटैक का मेन चेहरा थे।

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37 साल की उम्र में पूरा हुआ कैप्टन बनने का सपना

समय का पहिया घूमता है, और हर किसी को अपने कर्मों का फल ज़रूर मिलता है। अनिल कुंबले का कैप्टन बनने का सपना भी 37 साल की उम्र में सच हुआ, और उन्होंने एक साल तक टीम इंडिया को लीड किया। कुंबले ने 14 टेस्ट मैचों में इंडिया की कैप्टनशिप की। टीम इंडिया ने तीन मैच जीते, पांच हारे, और छह ड्रॉ रहे। दाएं हाथ के लेग स्पिनर कुंबले इंडिया के सबसे सफल वनडे और टेस्ट कैप्टन हैं। वह एक बॉलर हैं। 1990 से 2008 के बीच उन्होंने 132 टेस्ट मैचों में 619 विकेट और 271 वनडे मैचों में 337 विकेट लिए। उनके नाम कुल 953 विकेट हैं। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में कुंबले मुरलीधरन, शेन वॉर्न और जेम्स एंडरसन के बाद चौथे सबसे सफल गेंदबाज हैं। कुंबले भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच भी रह चुके हैं। फिलहाल वे क्रिकेट से जुड़ी गतिविधियों, कमेंट्री, कोचिंग आदि में व्यस्त रहते हैं। उन्हें अर्जुन अवॉर्ड और पद्म श्री से सम्मानित किया जा चुका है।

टेस्ट क्रिकेट में शानदार रिकॉर्ड 

अनिल कुंबले का टेस्ट क्रिकेट में रिकॉर्ड शानदार रहा है। कुंबले को भारत की कप्तानी भले ही देर से मिली, लेकिन वह पूरे कॅरियर में भारत के सबसे बड़े मैच विनर गेंदबाज रहे। कुंबले भारत की ओर से सबसे अधिक टेस्ट विकेट (619 विकेट) और इंटरनेशनल लेबल पर देश के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। कुंबले ने साल 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान पर टेस्ट की एक पारी के सभी 10 विकेट लेने का ऐतिहासिक कारनामा किया था। उस दौरान जिम लेकर के बाद ऐसा करने वाले कुंबले विश्व के दूसरे गेंदबाज बने थे। कुंबले ने 132 टेस्ट मैचों में एक शतक और 5 अर्धशतक के साथ 2506 रन भी बनाए हैं।  

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