Zojila Pass Avalanche: भीषण हिमस्खलन हादसे में अब तक सात की मौत, रेस्क्यू जारी, मुआवजे की घोषणा
खबर सार :-
जोजिला दर्रे पर हुए जानलेवा हिमस्खलन के बाद स्थिति और बिगड़ गई है। ताज़ा जानकारी के अनुसार, मृतकों की संख्या बढ़कर सात हो गई है, जबकि कम से कम पाँच लोग घायल हुए हैं। अधिकारियों ने इस घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी है।
खबर विस्तार : -
Zojila Pass Avalanche: जम्मू-लद्दाख के जोजिला दर्रे पर शुक्रवार को हुए भीषण हिमस्खलन ने क्षेत्र में भय और त्रासदी का माहौल पैदा कर दिया। इस हादसे में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है और कम से कम पांच लोग घायल हुए हैं। शनिवार को लद्दाख प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक भावुक पोस्ट में इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि वे शोक संतप्त परिवारों और घायलों को हर संभव सहायता प्रदान करें।
Zojila Pass Avalanche: 7 यात्रियों की मौत, कई घायल
हादसा शुक्रवार दोपहर के समय श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर जोजिला पास के जीरो पॉइंट या डायल स्लाइड क्षेत्र के पास हुआ। अधिकारियों के अनुसार तेज धूप के कारण बर्फ की परत ढह गई, जिससे हिमस्खलन आया। इस दौरान राजमार्ग पर यात्री वाहनों का काफिला फंस गया। हिमस्खलन में तीन से चार वाहन पूरी तरह बर्फ के नीचे दब गए, जबकि कुल 15 से अधिक वाहन प्रभावित हुए। इस हादसे में सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और कई अन्य यात्री घायल हो गए।
युद्ध स्तर पर टीमें तैनात
जोजिला पास कश्मीर घाटी को लद्दाख से जोड़ने वाला रणनीतिक महत्व का मार्ग है। यह राजमार्ग सर्दियों में आमतौर पर बंद रहता है और हाल ही में खुला था। हिमस्खलन के कारण इस मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। बचाव और राहत कार्यों के लिए बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ), आपदा प्रबंधन बल और स्थानीय पुलिस की टीमें युद्धस्तर पर तैनात की गईं। घायल लोगों को पास के चिकित्सा केंद्रों में पहुंचाया गया है, जबकि अधिकारियों को आशंका है कि अब भी कुछ लोग बर्फ के नीचे दबे हो सकते हैं और मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
434 किलोमीटर लंबा श्रीनगर-लेह हाईवे सामरिक और पर्यटन दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है। खराब मौसम और बर्फबारी के कारण यहां आवागमन अक्सर प्रभावित होता रहा है। इस चुनौती से निपटने के लिए जोजिला दर्रे के नीचे एक लंबी सुरंग का निर्माण किया जा रहा है। यह लगभग 14.2 किलोमीटर लंबी टनल जम्मू-कश्मीर के सोनमर्ग को लद्दाख के द्रास से जोड़ेगी। सुरंग बनने के बाद हर मौसम में सुरक्षित आवाजाही संभव हो सकेगी, जिससे हिमस्खलन जैसी आपदाओं का खतरा कम हो जाएगा।
राहत एवं बचाव कार्य में समस्या
हादसे के समय कई यात्री वाहन सड़क पर फंसे थे। प्रारंभ में यह अनुमान लगाया गया था कि केवल एक वाहन बर्फ के नीचे दबा है, लेकिन जब हिमस्खलन ने काफिले को अपनी चपेट में लिया तो कई यात्री भारी बर्फ में दब गए। सेना, पुलिस और बीआरओ की टीमें बचाव अभियान में जुटी हैं। अब तक सात शव बरामद किए जा चुके हैं और घायलों का इलाज चल रहा है।
भारी बर्फबारी और मलबे के जमाव के कारण श्रीनगर-लेह राजमार्ग यातायात के लिए बंद कर दिया गया है। प्रतिकूल मौसम और हिमस्खलन की लगातार आशंका के कारण बचाव कार्य में कठिनाइयाँ बढ़ गई हैं। अधिकारियों ने यात्रियों को चेतावनी दी है कि स्थिति सामान्य होने तक इस मार्ग पर यात्रा न करें। बचाव दल क्षेत्र में तलाशी अभियान जारी रखे हुए हैं और भविष्य में मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
Zojila Pass Avalanche: प्रभावित परिवारों को मिलेगी सहायता
जोजिला दर्रे का यह हादसा एक बार फिर यह याद दिलाता है कि यह मार्ग अपने सामरिक महत्व के साथ-साथ प्राकृतिक खतरों के लिए भी संवेदनशील है। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को वित्तीय सहायता देने के साथ ही राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। लद्दाख प्रशासन और बीआरओ की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रही हैं और घायलों की बेहतर चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के प्रयास में लगी हैं।
हिमस्खलन से हुए इस विनाश ने स्थानीय लोगों और यात्रियों में डर और चिंता पैदा कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि परिस्थितियाँ अभी भी चुनौतीपूर्ण हैं और बचाव अभियान को पूर्ण रूप से सफल बनाने के लिए हर संभव संसाधन तैनात किए गए हैं। वहीं, आगामी महीनों में सुरंग के निर्माण के बाद इस मार्ग पर आवाजाही और सुरक्षित हो जाएगी और इस तरह के प्राकृतिक आपदाओं के खतरे में कमी आएगी।
प्रशासन ने स्थानीय लोगों से की अपील
यह हादसा न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि पूरे देश में जोजिला दर्रे की संवेदनशीलता को उजागर करता है। यात्रियों और स्थानीय लोगों से प्रशासन ने अपील की है कि वे इस मार्ग पर यात्रा करते समय सतर्क रहें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। अभी तक की रिपोर्टों के अनुसार सात लोगों की मौत और कई घायल हुए हैं, जबकि बचाव कार्य तेजी से जारी है और अधिकारी प्रभावितों को हर संभव मदद पहुंचा रहे हैं।
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