UP International Trade Show: मत्स्य क्षेत्र को मिला बड़ा निवेश प्रस्ताव
खबर सार :-
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में उत्तर प्रदेश के मत्स्य क्षेत्र में 600.20 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले। कोल्ड चेन, फीड मिल, हैचरी, प्रसंस्करण और निर्यात में निवेशकों ने रुचि दिखाई।
खबर विस्तार : -
लखनऊ: उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS)-2026 में प्रदेश के मत्स्य क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को लेकर निवेशकों और उद्यमियों ने खासा उत्साह दिखाया है। ट्रेड शो के दौरान मत्स्य विभाग को अलग-अलग क्षेत्रों में कुल 600.20 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों में सबसे बड़ा हिस्सा कोल्ड चेन क्षेत्र का है। निवेशकों ने मत्स्य पालन के अलावा फीड मिल, आधुनिक हैचरी, गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज उत्पादन, प्रसंस्करण, वैल्यू एडिशन और निर्यात जैसे क्षेत्रों में भी निवेश की इच्छा जताई है।
प्राप्त प्रस्तावों के अनुसार, कोल्ड चेन क्षेत्र में 509.20 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव मिला है। इसके अलावा फीड मिल क्षेत्र में 51 करोड़ रुपये, मत्स्य पालन में 13.80 करोड़ रुपये, हैचरी एवं बीज उत्पादन में 6.20 करोड़ रुपये तथा वैल्यू एडिशन और निर्यात के क्षेत्र में 20 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव शामिल हैं। मत्स्य विभाग के अनुसार, इन निवेश प्रस्तावों से प्रदेश में मत्स्य उत्पादन से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने की संभावनाएं बढ़ी हैं। खासतौर पर कोल्ड चेन में प्रस्तावित निवेश से मत्स्य उत्पादों के भंडारण और उन्हें बाजार तक सुरक्षित तरीके से पहुंचाने की व्यवस्था को विस्तार मिलने की उम्मीद है।
कई क्षेत्रों में निवेश को लेकर रुचि
यूपीआईटीएस-2026 के दौरान फिश व्हाइट, बीवीजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, बेंगलुरु तथा पीवीआर एक्वा, व्हाइट फिश वाराणसी सहित कई प्रमुख निवेशकों और उद्यमियों ने मत्स्य क्षेत्र में निवेश के प्रस्ताव प्रस्तुत किए। निवेशकों ने उत्तर प्रदेश में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने, गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने, आधुनिक हैचरी विकसित करने और फीड उत्पादन को बढ़ावा देने में रुचि दिखाई। इसके साथ ही शीत श्रृंखला यानी कोल्ड चेन के विस्तार पर भी निवेशकों का विशेष ध्यान रहा। मत्स्य उत्पादों के प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और निर्यात के क्षेत्र में भी निवेश की संभावनाओं को लेकर चर्चा हुई। इससे मत्स्य उत्पादों को बाजार तक बेहतर तरीके से पहुंचाने और उनकी गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिलने की संभावना है।
निजी निवेश बढ़ाने पर जोर
मत्स्य विभाग की महानिदेशक धनलक्ष्मी के. ने बताया कि ट्रेड शो में निवेशकों को प्रदेश में मत्स्य क्षेत्र के विकास के लिए उपलब्ध निवेश अवसरों, विभागीय योजनाओं और विभिन्न परियोजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि विभाग का उद्देश्य निजी निवेश के माध्यम से प्रदेश में मत्स्य उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाना, गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करना और आधुनिक मत्स्य अवसंरचना का विकास करना है। इसके साथ ही मत्स्य उत्पादों के मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण, शीत श्रृंखला और विपणन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जा रहा है। विभाग के मुताबिक, निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ने से इन गतिविधियों को विस्तार मिल सकता है। इससे मत्स्य पालन से जुड़े किसानों और उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा होने की संभावना है। उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण और बाजार तक पहुंच की पूरी व्यवस्था को मजबूत करने में निजी निवेश की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
प्रदर्शनी स्टॉल पर मिली निवेश संबंधी जानकारी
ट्रेड शो में मत्स्य विभाग की ओर से लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉल पर निवेशकों और उद्यमियों के साथ विद्यार्थियों तथा मत्स्य पालकों ने भी जानकारी हासिल की। स्टॉल के माध्यम से प्रदेश में मत्स्य पालन और इससे जुड़े सहायक क्षेत्रों में उपलब्ध निवेश संभावनाओं के बारे में जानकारी दी गई। प्रदर्शनी में आधुनिक मत्स्य पालन तकनीक, उत्पादन, प्रसंस्करण, शीत श्रृंखला, हैचरी, गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज उत्पादन और मूल्य संवर्धन से जुड़े अवसरों को प्रदर्शित किया गया। विभागीय अधिकारियों ने आगंतुकों को विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं के बारे में भी जानकारी दी।
निवेशकों ने अधिकारियों के साथ की चर्चा
ट्रेड शो के दौरान निवेशकों और उद्यमियों ने मत्स्य विभाग के अधिकारियों के साथ प्रदेश में निवेश की संभावनाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान प्रस्तावित परियोजनाओं, संभावित निवेश, तकनीकी जरूरतों और परियोजनाओं के संभावित क्षेत्रों के संबंध में जानकारी साझा की गई। इन चर्चाओं के बाद मत्स्य पालन से जुड़े अलग-अलग उप-क्षेत्रों में कुल 600.20 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इनमें अकेले कोल्ड चेन क्षेत्र में 509.20 करोड़ रुपये के प्रस्ताव शामिल हैं।
विभाग के अनुसार, इन प्रस्तावों से प्रदेश में मत्स्य उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन की पूरी श्रृंखला को मजबूत करने में मदद मिल सकती है। खासतौर पर कोल्ड चेन, फीड मिल, आधुनिक हैचरी और गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज उत्पादन में निवेश बढ़ने से इस क्षेत्र के लिए आधुनिक सुविधाओं के विस्तार की संभावनाएं बढ़ी हैं। वहीं, प्रसंस्करण, वैल्यू एडिशन और निर्यात में निवेश से मत्स्य उत्पादों के लिए बाजार के अवसरों को विस्तार मिलने की उम्मीद है।
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