बेदाग मनमोहन सिंह : Supreme Court's verdict on the coal scam ने मिटाया वो दाग जो राजनीति ने जानबूझकर लगाया था
खबर सार :-
सुप्रीम कोर्ट ने कोल घोटाले की क्लोजर रिपोर्ट मंजूर कर पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को बरी कर दिया है। जानिए कैसे राजनीति और मीडिया ट्रायल का पर्दाफाश हुआ।
खबर विस्तार : -
नई दिल्लीः भारतीय राजनीति के गलियारों में कुछ घाव ऐसे होते हैं जो वक्त के साथ भरते नहीं, बल्कि इतिहास के पन्नों में स्थायी नासूर बन जाते हैं। दशक भर पहले जब देश में राजनीतिक भूचाल आया था, तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि जिस शख्सियत की ईमानदारी पर कालिख पोती गई थी, एक दिन अदालत का पन्नों पर सच्चाई का सूरज वैसा ही चमकेगा। अब जाकर Supreme Court's verdict on the coal scam ने उस दौर की गर्द को साफ कर दिया है, जिसे राजनीतिक स्वार्थों के तहत जानबूझकर धुंधला किया गया था।
वो दशक जब सियासत ने अर्थशास्त्री को कठघरे में खड़ा किया था
साल 2011 से 2014 के बीच का वह दौर आज भी देश की राजनीतिक स्मृति में एक खौफनाक हंगामे की तरह दर्ज है। संसद से लेकर सड़कों तक केवल एक ही शब्द गूंजता था- कोयला घोटाला। उस समय की सरकार और तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह पर ऐसे आरोप मढ़े गए मानो देश के खजाने को व्यक्तिगत तिजोरी में भर लिया गया हो। आज जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं, तो साफ नजर आता है कि कैसे सुनियोजित तरीके से एक नैरेटिव गढ़ा गया था। Supreme Court's verdict on the coal scam के आने के बाद अब यह पूरी तरह बेनकाब हो चुका है कि कैसे हवा में उछाले गए अनुमानों और राजनीतिक ड्रामे के दम पर एक शांत और बेहद ईमानदार प्रशासक की छवि को तार-तार किया गया था।
कैग के काल्पनिक आंकड़े और मीडिया का वह आक्रामक दौर
उस दौर के राजनीतिक चक्रव्यूह में दो बड़े अस्त्रों ने मुख्य भूमिका निभाई थी। पहला था नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी सीएजी की वह रिपोर्ट, जिसमें नुकसान के वे काल्पनिक आंकड़े गढ़े गए थे जिनका जमीन पर कोई वजूद ही नहीं था। दूसरा था मीडिया ट्रायल, जिसे विपक्ष और कुछ कथित जन-आंदोलनों ने मिलकर हवा दी थी। अन्ना आंदोलन की आड़ में जो जमीन तैयार हुई, उसका सबसे बड़ा निशाना डॉ. मनमोहन सिंह बने, क्योंकि 2006 से 2009 के बीच कोयला मंत्रालय की कमान सीधे उनके हाथों में थी। बिना किसी ठोस सबूत के उन्हें कटघरे में खड़ा कर दिया गया। तब Supreme Court's verdict on the coal scam के इस मौजूदा फैसले ने साबित कर दिया है कि उस वक्त का पूरा हंगामा केवल एक राजनीतिक स्टंट से ज्यादा कुछ नहीं था।
देर आए दुरुस्त आए, पर इतिहास किसे माफ करेगा?
आज अदालत ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को मंजूर करते हुए मनमोहन सिंह को सभी आरोपों से पूरी तरह बरी कर दिया है। 2015 के उन समन को रद्द कर दिया गया है जो जल्दबाजी में जारी हुए थे। Supreme Court's verdict on the coal scam ने भले ही कानूनी तौर पर दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया हो, लेकिन सवाल यह उठता है कि उन चार सालों में जो मानहानि और मानसिक क्षति एक देश के प्रधानमंत्री को दी गई, क्या उसकी भरपाई कभी हो सकती है? मनमोहन सिंह ने तब अपनी खामोशी को ही अपना सबसे बड़ा जवाब माना था और आज वक्त ने खुद उनकी तरफ से बोलना शुरू कर दिया है। यह फैसला केवल एक नेता की व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि शोरगुल और भीड़तंत्र की आंधी में भी अंततः सत्य की ही नींव मजबूत रहती है।
यह भी पढ़ेंः-लोकसभा से पब्लिक एग्जामिनेशन संशोधन विधेयक 2026 पारित, चर्चा के दौरान जितेंद्र सिंह ने विपक्ष पर साधा निशाना
अन्य प्रमुख खबरें
-
Chhath पर विदेशों से आएंगे मेहमान, सजाई जाएगी Delhi
2026-10-27
-
देर रात तक लगाई जा रही मेहंदी, भीड़ के कारण सड़क पर बना लिया पार्लर
2026-10-27
-
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक हजार रुपए के नए नोट की रील्स
2026-10-27
-
भागलपुर में जनप्रतिनिधियों का मिला साथ, एनएच-80 कुआं पुल के लिए खोला मोर्चा
2026-10-27
-
MLC Election Results 2026: चार राज्यों की 28 सीटों पर आज जारी होंगे नतीजे
2026-10-27
-
Weather करवा सकता है खतरनाक पलों का सामना, 28 से एक नवंबर तक कई changes
2026-10-27
-
चक्रवाती तूफान 'अर्नब' ने लिया भीषण रूप, कई राज्यों में अलर्ट
2026-10-27
-
आत्मनिर्भता के लिए भारत को अत्याधुनिक तकनीक पर करना चाहिए फोकस
2026-10-26
-
तूफान ‘अर्नब’ का कई राज्यों में असर, सरकार ने की तैयारियों की समीक्षा
2026-10-26
-
इथेनॉल-आधारित हरित ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार का बड़ा कदम
2026-10-26
-
सेना के लिए 2.12 लाख करोड़ के रक्षा खरीद प्रस्तावों को मंज़ूरी
2026-10-26
-
जुपिटर डिफेंस बनाएगी रोजगार कॉरिडोर, रक्षा क्षेत्र में उतर रहीं कंपनियों की सार्थक पहल
2026-10-26
-
सादलपुर में डिवाइडर से टकराई कार में लगी आग, एक युवक दूर गिरा, चार जिंदा जले
2026-10-26
-
12वें ब्रिक्स संसदीय मंच में पीएम मोदी ने विदेशी डेलीगेट्स से की बात
2026-10-26
-
ब्रिक्स सम्मेलन ग्लोबल मुद्दों पर बातचीत—सहयोग बढ़ाने का अहम मंच
2026-10-26