भोपाल में आवागमन प्रभावित, सड़कों पर पानी भरने से स्कूलों में छुट्टी, बाढ़ में फंसे सात युवको को बचाया, एक का शव मिला

खबर सार :-

भोपालः मध्य प्रदेश के भोपाल जिले में भारी बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त है। सड़कों पर करीब ढाई फिट पानी भर गया। पिछले दिन बांध में नहा रहे व्यक्ति को बचाया नहीं जा सका, जबकि पिकनिक स्पॉट से कई युवकों को निकालने में सफला मिली। सड़कों की हालत नदियों जैसी है। इसीलिए प्रशासन ने कुछ स्थानों पर स्कूल बंद रखने के आदेश दिए हैं।
भोपाल की सड़कों पर भरा पानी, पिकनिक स्पॉट पर फंसे युवकों को बचाया, बांध से बहे व्यक्ति का शव मिला

खबर विस्तार : -

भोपालः मध्य प्रदेश में लगातार तीन दिन से बारिश हो रही है। कई स्थानों पर मंगलवार शाम हुई बारिश के बाद सड़कों की हालत नदियों जैसी हो गई। यहां करीब ढाई फीट तक पानी भर गया। इसी बीच कजलीखेड़ा स्थित फाटापान बाबाझिरी पिकनिक स्पॉट पर बारिश के कारण 7 युवक फंस गए। एसडीईआरएफ और पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से सभी युवकों को सुरक्षित निकाल लिया गया। जानकारी के मुताबिक, भोपाल के 7 युवक पिछले दिन पिकनिक मनाने कजलीखेड़ा में फाटापान बाबाझिरी गए थे।

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पहाड़ों का पानी पिकनिक स्पॉट आया

उनके वहां रहते ही तेज बारिश होने लगी। इसकी वजह से पहाड़ों का पानी उतरकर पिकनिक स्पॉट के चारों ओर भर गया। सातों युवक तेज बहाव के बीच टीले पर खड़े हो गए। युवकों ने पानी के बीच फंसे होने की जानकारी अपने परिजन को मोबाइल से दी। जानकारी पाते ही आननफानन परिवारवालों ने डायल 112 पर मदद मांगी। धीरे-धीरे शाम होने लगी थी। करीब 7 बजे पुलिस मौके पर पहुंची। इस दौरान पानी बढ़ गया था। पानी का बहाव बहुत तेज था, इसलिए रेस्क्यू टीम को बुलाया गया। इन्होंने ग्रामीणों से जानकारी लेकर टीले तक जाने के वैकल्पिक रास्ते बनाए। काफी मशक्कत के बाद सातों युवकों को सुरक्षित निकाल लिया गया। 

सर्च ऑपरेशन में भी नहीं बचाया जा सका

 48 घंटे बाद बांध में डूबे युवक का शव मिला। जबलपुर के छीता खुदरी बांध में नहाते समय पश्चिम बंगाल का शेख अब्दुल (35) डूब गया था। बचाव के लिए सर्च ऑपरेशन चलता रहा। मंगलवार को बांध के दूसरे किनारे पर करीब 48 घंटे के बाद उसका शव मिला। वह मुर्शिदाबाद का रहने वाला था। जबलपुर में एक निजी प्लांट में काम करता था।

सड़कों पर पानी भरने से खराब हुए वाहन

भोपाल में देर शाम फिर एक घंटे तक लगातार तेज बारिश हुई। इससे सड़कों पर पानी ही पानी दिखने लगा। न मेनहोल का पता न गड्ढे का। जेपी हॉस्पिटल के पास सड़क पर करीब डेढ़ फीट पानी जमा हो गया है। यहां वाहन वालों को मुसीबत का सामना करना पड़ा। इसमें गाड़ियां निकालते ही पानी में फंसने से खराब होने लगीं। वाहनों के खराब होने से ट्रैफिक जाम हो गया। यही हालत 7 नंबर बस स्टॉप पर भी था। यहां भी जल भराव हुआ। बंसल अस्पताल के पास तिराहे पर पानी भरने से वाहन खराब होने लगे और करीब दो घंटे तक लोग पैदल चलते देखे गए। 

पॉलिटेक्निक चौराहे के आगे ढाई फीट पानी 

उधर, पॉलिटेक्निक चौराहे के आगे भी करीब ढाई फीट था। जेपी अस्पताल के पास डेढ़ फीट पानी, यही हालत कई और जगहों पर था। कई जगह ट्रैफिक प्रभावित हुआ है। सरकार ने बारिश और जलभराव के चलते भोपाल और गुना में बुधवार को स्कूल बंद रखने के आदेष दिए। भोपाल में सोमवार और मंगलवार को भी स्कूलों की छुट्टी थी। उधर, स्थानीय प्रशासन ने सड़कों पर जमा पानी निकालने के आदेश दिए है।

मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया था

भोपाल के अलावा कई जिलों के लिए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया था। लेकिन प्रशासन ने बारिश और जलभराव से निपटने के उपाय नहीं किए। इसका कारण है कि सडकों पर ढाई फीट पानी आ जमा हुआ। यह हाल केवल भोपाल का नहीं है। कई अन्य स्थानों की नदियों का जल उफान पर है। नर्मदा का जलस्तर करीब 10 फीट बढ़ गया। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है। नर्मदापुरम में लगातार बारिश से नर्मदा का जलस्तर 9.6 फीट जबकि तवा डैम का जलस्तर 8.5 फीट बढ़ गया है। यह कुछ ऐसे स्थान हैं, जहां अब तक 20.64 इंच औसत बारिश हो चुकी है। तालाब तो कुछ देर में ही भर गए। भोपाल के बड़े तालाब का जलस्तर करीब पौन फीट बढ़कर 1663 फीट एक दिन में पहुंच गया। इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर डैम का जलस्तर भी नर्मदा का जलस्तर बढते ही बढ़ गया है। उमरिया के जोहिला और आगर-मालवा के कुंडालिया डैम से पानी छोड़ा जा रहा है।

24 घंटे की बारिश ने बिगाड़ दी सूरत

मंगलवार को गुना में 85 मिमी यानी करीब साढ़े 3 इंच की बारिश हुई।  खंडवा में सवा दो इंच बारिश रिकॉर्ड किया गया। भोपाल, बैतूल, छिंदवाड़ा, शाजापुर, सीहोर, रायसेन, विदिशा, धार, नर्मदापुरम, इंदौर, जबलपुर, रीवा, श्योपुर, टीकमगढ़, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, खरगोन, शिवपुरी, मऊगंज, उमरिया आदि स्थानों की हालत बारिश ने बिगाड दी है। 

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