इंडोनेशिया में अल-नीनो का गंभीर असर: करियन डैम का जलस्तर घटने से जलमग्न सोमांग गांव के अवशेष पुनः उभरे
खबर सार :-
प्रशांत महासागर में अल-नीनो के प्रभाव के चलते इंडोनेशिया में भीषण सूखे की स्थिति बन गई है। बैंटन प्रांत स्थित करियन डैम का पानी नीचे चले जाने से वर्षों पूर्व जलमग्न हुआ सोमांग गांव, उसकी मस्जिद और पुरानी इमारतें एक बार फिर सतह पर दिखाई देने लगी हैं।
खबर विस्तार : -
जकार्ता: इंडोनेशिया में इस वर्ष अल-नीनो के सक्रिय होने से मौसम के मिजाज में व्यापक बदलाव आया है, जिसके कारण देश के बड़े हिस्से में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की जा रही है। बारिश न होने और लंबे समय से जारी शुष्क मौसम की वजह से बैंटन प्रांत में स्थित विशाल करियन डैम का जलस्तर ऐतिहासिक रूप से निचले स्तर पर आ गया है। पानी घटने के कारण जलाशय के तल में समा चुका सोमांग गांव और उसके पुराने घर, मस्जिद तथा ढांचों के अवशेष पुनः दिखने लगे हैं।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी भागों में समुद्री सतह का तापमान असामान्य रूप से बढ़ने की प्रक्रिया को अल-नीनो कहा जाता है। इसका प्रत्यक्ष प्रभाव इंडोनेशिया के मानसूनी चक्र पर पड़ता है। अत्यधिक तापमान और मानसूनी बारिश में भारी कमी के कारण देश के भूजल स्तर और प्राकृतिक तथा कृत्रिम जल स्रोतों में तेजी से गिरावट आ रही है।
करियन डैम और सोमांग गांव का इतिहास
ग्रेटर जकार्ता क्षेत्र की विशाल आबादी को जलापूर्ति करने के उद्देश्य से करियन डैम परियोजना की शुरुआत वर्ष 2015 में की गई थी, जिसे वर्ष 2023 में पूर्ण कर चालू किया गया। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण के दौरान सोमांग गांव के निवासियों को अन्य स्थानों पर विस्थापित कर दिया गया था और संपूर्ण गांव जलाशय के डूब क्षेत्र में समा गया था। अब जलस्तर में भारी गिरावट आने के बाद गांव की पुरानी जर्जर दीवारें और इमारतों के ढांचे फिर से उभर आए हैं, जो वर्तमान प्राकृतिक संकट की भयावहता को दर्शाते हैं।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान और शुष्क मौसम का विस्तार
इंडोनेशिया की आधिकारिक मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और भू-भौतिकी एजेंसी (BMKG) ने वर्ष 2026 में देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की कमी को लेकर पूर्व में चेतावनी जारी की थी। जून 2026 में जारी आंकड़ों के अनुसार, देश के लगभग 64.5 प्रतिशत भूभाग में सामान्य से कम वर्षा और 57.2 प्रतिशत क्षेत्रों में शुष्क अवधि के असामान्य रूप से लंबे खिंचने का अनुमान व्यक्त किया गया था।
जुलाई महीने में स्थिति और अधिक प्रतिकूल हो गई, जब महीने के प्रथम पखवाड़े में ही देश के 72 प्रतिशत क्षेत्र में नाममात्र की वर्षा दर्ज की गई। लगातार कई सप्ताहों तक वर्षा न होने के कारण मिट्टी की नमी समाप्त हो गई और नदियों, झीलों तथा जलाशयों का पानी तेजी से सूखने लगा। BMKG ने जुलाई के अंतिम सप्ताह में पुष्टि की थी कि अल-नीनो का प्रभाव पूर्ण रूप से सक्रिय हो चुका है और आने वाले दिनों में यह अधिक तीव्र हो सकता है।
अगस्त में सूखे का चरमोत्कर्ष और बहुआयामी खतरे
एजेंसी के अनुमानों के मुताबिक, अगस्त 2026 में देश का लगभग 48.84 प्रतिशत हिस्सा चरम सूखे की चपेट में रहने की संभावना है। मानसूनी चक्र में आए इस व्यावधान का सीधा असर केवल जलाशयों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जल संकट, कृषि चक्र में बाधा और जंगलों में भीषण आग (फॉरेस्ट फायर) लगने का जोखिम काफी बढ़ गया है। कृषि और पेयजल आपूर्ति पर मंडराते संकट को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियों को आपातकालीन जल प्रबंधन योजनाएं लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि आगामी महीनों में मानसूनी गतिविधियां सामान्य नहीं होती हैं, तो इंडोनेशिया को खाद्यान्न उत्पादन और दैनिक उपयोग के जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
इंडोनेशिया उष्णकटिबंधीय जलवायु वाला देश है, जहां की अर्थव्यवस्था और कृषि काफी हद तक मानसूनी वर्षा पर निर्भर है। करियन डैम जकार्ता और आसपास के क्षेत्रों के लिए एक प्रमुख जल स्रोत है। अल-नीनो की घटनाएं ऐतिहासिक रूप से दक्षिण-पूर्व एशिया में भीषण सूखे और जंगलों की आग का कारण बनती रही हैं। मौजूदा स्थिति ने देश की जलवायु अनुकूलन क्षमता और बुनियादी ढांचागत तैयारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ये भी पढ़ेंः- पश्चिमी कोलंबिया में 7.4 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप, 132 लोगों की मौत और सैकड़ों घायल, राष्ट्रीय आपदा घोषित
अन्य प्रमुख खबरें
-
243 यात्रियों का जहाज इंडोनेशिया के जावा सागर में खोया
2026-09-13
-
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: ’सौदागर‘ नहीं .‘दोस्त’ चाहिए!
2026-09-12
-
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए नई दिल्ली पहुंचे रूसी राष्ट्रपति
2026-09-11
-
कांगो में 27 बच्चों की जलकर मौत, 300 घर राख
2026-09-11
-
बांग्लादेशः नहीं रहीं चिन्मय कृष्ण दास की मां, कोर्ट से नहीं मिली पैरोल
2026-09-10
-
नेपाल में LPG संकट, 3,000 रुपये में बिक रहा सिलेंडर; मंत्री का इस्तीफा
2026-09-10
-
मिडटर्म चुनाव का परिणाम तय करेगा डोनाल्ड ट्रंप के एजेंडे का भविष्य
2026-09-10
-
इजरायल ने दिया यरुशलम में ब्रिटिश दूतावास बंद करने का आदेश
2026-09-09
-
अमेरिका ने ईरान के खिलाफ शुरू किया ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट
2026-09-09
-
ईरान का जोरदार पलटवार, जॉर्डन में US बेस पर दागी मिसाइलें
2026-09-09
-
कांगो में इबोला बेकाबू, संक्रमण के बदलते पैटर्न ने बढ़ाई WHO की चिंता
2026-09-09
-
दक्षिण कोरिया ने परमाणु पनडुब्बी विकसित करने की दिशा में उठाया कदम
2026-09-08
-
पश्चिमी हवाई द्वीपों की ओर बढ़ा हरिकेन लोवेल, लोगों की जान पर मंडराया खतरा
2026-09-08
-
रूस और उत्तर कोरिया के बीच शुरू हुआ पहला 'रोड ब्रिज'
2026-09-07
-
बांग्लादेश: जमानत के बाद भी चिन्मय कृष्ण दास की रिहाई न होने पर हिंदू संगठनों में आक्रोश
2026-09-07