राहुल नवीन ईडी निदेशक सेवा विस्तार: केंद्र सरकार ने अगस्त 2027 तक बढ़ाया कार्यकाल, वित्तीय अपराधों पर नकेल कसने की तैयारी तेज

खबर सार :-

केंद्र सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के निदेशक राहुल नवीन को अगस्त 2027 तक एक वर्ष का सेवा विस्तार दिया है। जानिए केंद्रीय जांच एजेंसी के प्रमुख अभियानों, संपत्ति जब्ती और वित्तीय अपराधों के बदलते स्वरूप पर पूरी रिपोर्ट।
राहुल नवीन ईडी निदेशक सेवा विस्तार: अगस्त 2027 तक बढ़ा कार्यकाल

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: देश की प्रमुख वित्तीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के नेतृत्व को लेकर केंद्र सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। सरकार ने वर्तमान निदेशक और वरिष्ठ आईआरएस अधिकारी राहुल नवीन का कार्यकाल एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया है। इस फैसले के बाद अब वे अगस्त 2027 तक इस महत्वपूर्ण पद पर बने रहेंगे। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब देश में मनी लॉन्ड्रिंग, साइबर धोखाधड़ी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले वित्तीय अपराधों से निपटने के लिए जांच एजेंसियों को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक परिपत्र के अनुसार, कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने राहुल नवीन ईडी निदेशक सेवा विस्तार के प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी दी है। परिपत्र में स्पष्ट किया गया है कि 13 अगस्त से प्रभावी होने वाला यह सेवा विस्तार 13 अगस्त, 2027 तक जारी रहेगा। गौरतलब है कि राहुल नवीन की मूल सेवानिवृत्ति की तिथि 31 जुलाई, 2027 निर्धारित थी, लेकिन सरकार के इस आदेश के बाद वे अपनी सेवानिवृत्ति की अवधि के पार भी इस पद का दायित्व संभालेंगे।

वित्तीय अपराधों के खिलाफ राष्ट्र की ढाल है ईडी: सरकार

प्रवर्तन निदेशालय की स्थापना वर्ष 1956 में हुई थी और हाल ही में एजेंसी ने अपनी स्थापना के 70 वर्ष पूरे किए हैं। 1 मई को आयोजित 70वें प्रवर्तन दिवस के विशेष अवसर पर केंद्र सरकार की ओर से वित्तीय अपराधों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराया गया था। कार्यक्रम में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने केंद्रीय जांच एजेंसी के कार्यों की सराहना करते हुए इसे भारत की आर्थिक नींव की सुरक्षा करने वाली मजबूत 'ढाल' बताया।

केंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि एजेंसी को दी गई कठोर शक्तियां किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाने के लिए नहीं हैं, बल्कि इसका उद्देश्य देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करना है। हवाला कारोबार, बेनामी संपत्ति, मनी लॉन्ड्रिंग और बड़े कॉरपोरेट घोटालों पर अंकुश लगाना एजेंसी का मुख्य जनादेश है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ बिना किसी समझौते के काम कर रही है।

रिकॉर्ड संपत्ति जब्ती और वास्तविक पीड़ितों को राहत

ईडी द्वारा की गई कार्रवाइयों के आंकड़ों को साझा करते हुए यह जानकारी दी गई कि इस वर्ष 31 मार्च तक एजेंसी ने विभिन्न मामलों में लगभग 23 लाख करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां जब्त या कुर्क की हैं। इनमें से कानून के तहत 63,000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति उनके वास्तविक मालिकों, जिनमें मुख्य रूप से बैंक, आम निवेशक और घर खरीदार शामिल हैं, को वापस सौंपी जा चुकी है। तमाम वैधानिक प्रक्रियाओं के तहत पीड़ित पक्षों को उनका हक दिलाना ईडी की कार्यशैली का एक अहम हिस्सा बनकर उभरा है। इस कदम से न केवल वित्तीय संस्थाओं का भरोसा बहाल हुआ है, बल्कि आम नागरिकों को भी राहत मिली है जो विभिन्न घोटालों में अपनी गाढ़ी कमाई गंवा चुके थे।

तकनीक आधारित नए खतरे और बदलती चुनौतियां

प्रवर्तन दिवस के मंच से संबोधित करते हुए ईडी प्रमुख राहुल नवीन ने वित्तीय अपराधों के बदलते तौर-तरीकों पर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि अब परंपरागत बैंक धोखाधड़ी और वित्तीय घोटालों का स्थान नए दौर के जटिल अपराधों ने ले लिया है। वर्तमान में क्रिप्टोकरेंसी धोखाधड़ी, डार्क वेब से जुड़े वित्तीय लेनदेन, साइबर-आधारित नेटवर्क, आतंकवाद का वित्तपोषण (टेरर फंडिंग) और अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थों की तस्करी जैसे मामले तेजी से बढ़े हैं। इन उभरते खतरों का जिक्र करते हुए राहुल नवीन ने कहा कि एजेंसी ने भी अपनी कार्यप्रणाली में आधुनिक तकनीक और डेटा एनालिटिक्स को शामिल कर त्वरित बदलाव किए हैं। अब जांच का मुख्य ध्यान केवल आरोपियों तक सीमित न रहकर उन पूरे आपराधिक नेटवर्कों और उनके वित्तीय स्रोतों (मनी ट्रेल) को ध्वस्त करने पर केंद्रित है।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग और भारत की मजबूत भूमिका

वैश्विक परिदृश्य पर बात करते हुए ईडी प्रमुख ने रेखांकित किया कि मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में भारत की स्थिति और अधिक मजबूत हुई है। ईडी अब विभिन्न अंतरराष्ट्रीय ढांचों, एसेट रिकवरी नेटवर्कों और वैश्विक जांच निकायों में सक्रिय भागीदारी निभा रही है। सीमा पार से संचालित होने वाले वित्तीय अपराधों को रोकने के लिए विदेशी एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है। सरकार द्वारा दिए गए राहुल नवीन ईडी निदेशक सेवा विस्तार से यह उम्मीद जताई जा रही है कि वित्तीय अपराधों के खिलाफ जारी प्रमुख जांचों में निरंतरता बनी रहेगी। इसके साथ ही, साइबर धोखाधड़ी जैसी नई चुनौतियों से निपटने के लिए विभिन्न केंद्रीय जांच एजेंसियों के बीच आपसी सहयोग को और अधिक मजबूती मिलेगी। जयपुर में हाल ही में उद्घाटन किए गए नए क्षेत्रीय कार्यालय से भी एजेंसी के क्षेत्रीय परिचालन को नई गति मिलने की संभावना है।

ये भी पढ़ेंः- झारखंडः भर्ती परीक्षा विवाद पर विधानसभा में भाजपा का प्रदर्शन, मास्क लगाकर सदन पहुंचे विधायक; CBI जांच की मांग

अन्य प्रमुख खबरें