प्रधानमंत्री मोदी शुरू करेंगे ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’, युवा लेंगे नशामुक्ति की शपथ

खबर सार :-

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 अगस्त 2026 को ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ की शुरुआत करेंगे। 10 हजार स्थानों पर 1 करोड़ युवा नशामुक्ति की शपथ लेंगे। जानें अभियान की पूरी जानकारी।
प्रधानमंत्री मोदी शुरू करेंगे ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’, युवा लेंगे नशामुक्ति की शपथ

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: देश को नशे की समस्या से मुक्त बनाने और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में केंद्र सरकार एक बड़ा जन अभियान शुरू करने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 अगस्त 2026 को देशव्यापी ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ का शुभारंभ करेंगे। इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना, उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना और समाज में नशामुक्ति को जन आंदोलन का स्वरूप देना है।

यह अभियान प्रधानमंत्री के आह्वान पर देशभर में एक साथ शुरू होगा और इसका संचालन ‘मेरा युवा भारत (MY Bharat)’ के माध्यम से किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य युवाओं की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित कर नशे के खिलाफ सामाजिक चेतना को मजबूत बनाना है, ताकि देश के गांवों, कस्बों और शहरों तक नशामुक्ति का संदेश प्रभावी ढंग से पहुंच सके।

प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद देशभर में शपथ कार्यक्रम

अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र को संबोधन से होगी। इसके तुरंत बाद देशभर के लगभग 10 हजार स्थानों पर एक साथ नशामुक्ति शपथ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में एक करोड़ से अधिक युवा भाग लेकर नशीले पदार्थों से दूर रहने और समाज को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लेंगे। युवा यह शपथ भी लेंगे कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे, अपने परिवार और समाज को भी नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करेंगे तथा एक स्वस्थ और सकारात्मक समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

‘मेरा युवा भारत’ के नेतृत्व में चलेगा अभियान

इस राष्ट्रव्यापी अभियान का नेतृत्व मेरा युवा भारत (MY Bharat) करेगा। इसके साथ राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के स्वयंसेवक, युवा क्लब, स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, गैर-सरकारी संगठन (NGO), औद्योगिक संगठन तथा 125 से अधिक आध्यात्मिक संस्थान भी इस अभियान से जुड़ेंगे। सरकार का मानना है कि यदि युवाओं की ऊर्जा और सामाजिक संगठनों की सहभागिता को एक मंच पर लाया जाए तो नशीले पदार्थों के खिलाफ एक प्रभावी जन आंदोलन खड़ा किया जा सकता है। यही कारण है कि अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रखकर समाज की व्यापक भागीदारी वाला अभियान बनाया गया है।

100 सप्ताह तक लगातार चलेगा जनभागीदारी अभियान

सरकार ने इस पहल को एक दिन या एक सप्ताह का कार्यक्रम न बनाकर 100 सप्ताह तक चलने वाला राष्ट्रीय अभियान घोषित किया है। अगले 100 सप्ताह तक प्रत्येक रविवार को देशभर में युवाओं के नेतृत्व में विभिन्न जागरूकता और सामाजिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों का उद्देश्य केवल नशे से दूर रहने का संदेश देना नहीं होगा, बल्कि युवाओं में अनुशासन, सकारात्मक सोच, सामाजिक जिम्मेदारी और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना भी होगा।

हर रविवार होंगे जागरूकता कार्यक्रम

अभियान के तहत हर सप्ताह देशभर में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें खेल प्रतियोगिताएं, पैदल यात्राएं (वॉकाथन), साइकिल रैलियां, ध्यान एवं योग कार्यक्रम, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, कला एवं चित्रकला प्रतियोगिताएं, नुक्कड़ नाटक, जन जागरूकता रैलियां और संवाद कार्यक्रम शामिल होंगे। इन आयोजनों के माध्यम से युवाओं और आम नागरिकों को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक नुकसान की जानकारी दी जाएगी। साथ ही उन्हें स्वस्थ जीवन अपनाने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

उत्कृष्ट योगदान देने वालों को मिलेगा सम्मान

सरकार ने अभियान को निरंतर सक्रिय बनाए रखने के लिए प्रोत्साहन की व्यवस्था भी की है। अभियान के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयंसेवकों, युवा संगठनों और संस्थाओं को 50वें, 75वें और 100वें सप्ताह के पड़ाव पर सम्मानित किया जाएगा। इस सम्मान का उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले युवाओं और संगठनों को पहचान देना तथा अन्य लोगों को भी इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित करना है।

युवाओं से जुड़ने की अपील

केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने देश के युवाओं, सामाजिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों और स्वयंसेवी संस्थाओं से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार के प्रयासों से नहीं जीती जा सकती, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग और विशेष रूप से युवाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि युवा इस अभियान को अपना मिशन बना लें तो आने वाले वर्षों में भारत को नशामुक्त बनाने की दिशा में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की जा सकती है।

विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से जुड़ा अभियान

'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान' केवल नशे के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह 'विकसित भारत 2047' के राष्ट्रीय विजन से भी जुड़ा हुआ है। सरकार का मानना है कि स्वस्थ, जागरूक और नशामुक्त युवा ही देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं। यदि युवा नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल, नवाचार और सामाजिक विकास में योगदान देंगे तो विकसित भारत का सपना तेजी से साकार होगा।

इस अभियान के माध्यम से सरकार गांव-गांव और शहर-शहर तक नशामुक्ति का संदेश पहुंचाने, युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने और जनभागीदारी के जरिए नशीले पदार्थों के खिलाफ मजबूत सामाजिक आंदोलन खड़ा करने का प्रयास कर रही है। 2 अगस्त से शुरू होने वाला यह अभियान आने वाले 100 सप्ताह तक देशभर में निरंतर चलकर युवाओं को राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक नई प्रेरणा देने का माध्यम बनेगा।

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