भारत की निर्णायक नीति का प्रतीक है ऑपरेशन सिंदूरः राजनाथ सिंह
खबर सार :-
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वडोदरा में संबोधन के दौरान कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की दृढ़ नीति और सैन्य क्षमता का प्रमाण है। उन्होंने सरदार पटेल की प्रेरणा, आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन, भ्रष्टाचारमुक्त शासन और विकसित भारत के लक्ष्य पर जोर दिया। राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि भारत शांति चाहता है, लेकिन उकसावे का जवाब निर्णायक रूप से देने की क्षमता और इच्छाशक्ति दोनों रखता है।
खबर विस्तार : -
Operation Sindoor: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर इस तथ्य का प्रमाण है कि भारत शांति में विश्वास रखने वाला राष्ट्र है, लेकिन शांति की भाषा न समझने वालों को करारा जवाब देना भी जानता है। वडोदरा में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने इस अभियान के जरिए यह संदेश दिया है कि भारत किसी पर पहले प्रहार नहीं करता, लेकिन किसी भी उकसावे का जवाब निर्णायक रूप से देता है।
राजनाथ सिंह गुजरात के वडोदरा में आयोजित सरदार सभा को संबोधित कर रहे थे। यह कार्यक्रम सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में मेरा युवा (MY) भारत द्वारा निकाले गए ‘एकता मार्च’ का हिस्सा था। रक्षामंत्री ने कहा कि भारतीय सैनिकों की वीरता आज पूरे विश्व में सम्मान पा रही है और ऑपरेशन सिंदूर ने इसे और सुदृढ़ किया है।
सरदार पटेल की इच्छाशक्ति से प्रेरित आधुनिक भारत
अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने सरदार वल्लभभाई पटेल के दृढ़ नेतृत्व और निर्णय क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वतंत्र भारत की एकता और अखंडता की बुनियाद पटेल ने ही रखी थी। उन्होंने याद दिलाया कि हैदराबाद के भारत में विलय के समय भी पटेल ने पहले संवाद का मार्ग अपनाया, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर कठोर निर्णय लेने में झिझके नहीं। रक्षा मंत्री ने कहा कि आज की सरकार भी सरदार पटेल द्वारा दिखाए गए उसी मार्ग पर चल रही है। अनुच्छेद 370 के ऐतिहासिक निरसन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस निर्णय ने जम्मू-कश्मीर को वास्तविक रूप से भारत की मुख्यधारा में शामिल कर दिया।
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मजबूत हो रही भारत की आवाज
लगातार बदलते वैश्विक समीकरणों पर चर्चा करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि आज भारत अपनी शर्तों पर दुनिया से संवाद कर रहा है। उन्होंने बताया कि 2014 से पहले भारत दुनिया की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, जबकि अब यह विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और जल्द ही शीर्ष तीन में शामिल होगा। रक्षामंत्री ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बात अब अधिक ध्यान से सुनी जाती है, जो देश की बढ़ती आर्थिक और सामरिक शक्ति का संकेत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के लक्ष्य की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है।

रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता का नया युग
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में सबसे तेज़ प्रगति कर रहा है। मेक-इन-इंडिया पहल के चलते न केवल देश की जरूरतों को पूरा किया जा रहा है, बल्कि भारत मित्र देशों को भी सैन्य उपकरण निर्यात कर रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में भारत का रक्षा निर्यात 34 गुना बढ़ चुका है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2029 तक 3 लाख करोड़ रुपये का रक्षा उत्पादन और 50,000 करोड़ रुपये का रक्षा निर्यात हासिल करना है। यह केवल आर्थिक विकास ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता का भी संकेत है।
भ्रष्टाचारमुक्त भारत की दिशा में बड़ा कदम
रक्षा मंत्री ने सरदार पटेल के ईमानदारी और नैतिकता के मूल्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार इन्हीं आदर्शों से प्रेरित होकर संविधान (130वां संशोधन) विधेयक 2025 को आगे बढ़ा रही है। इस विधेयक के अनुसार, यदि किसी उच्च पद पर आसीन व्यक्ति को कोई गंभीर आरोप लगने पर गिरफ्तार किया जाता है और 30 दिनों में जमानत नहीं मिलती, तो वह स्वतः पद से मुक्त हो जाएगा। राजनाथ सिंह ने कहा कि यह कानून शासन को पारदर्शी, जवाबदेह और नैतिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प
रक्षामंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन’ के सिद्धांत पर काम कर रही है और भारत को सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, सामाजिक और आर्थिक एकता के सूत्र में पिरोने का प्रयास कर रही है। उनके अनुसार, सरदार पटेल ने जिस एकीकृत भारत का सपना देखा था, वही अब एक विकसित भारत के रूप में 2047 तक साकार किया जाएगा। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। युवाओं को नए भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभानी होगी।
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