JPSC परीक्षा विवादः आयोग के तीन सदस्यों ने दिया इस्तीफा, CID पूछताछ की तैयारी

खबर सार :-

झारखंड में JPSC परीक्षा विवाद के बीच आयोग के तीन सदस्यों ने राज्यपाल को इस्तीफा भेज दिया। 14वीं JPSC परीक्षा की कथित अनियमितताओं की CID जांच जारी है।
Jharkhand Student Protest: तीन सदस्यों ने दिया इस्तीफा, जांच शुरू

खबर विस्तार : -

Jharkhand Student Protest: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली के खिलाफ जारी आंदोलन के बीच रविवार को बड़ा प्रशासनिक घटनाक्रम सामने आया। आयोग के तीन सदस्यों डॉ. अजीता भट्टाचार्य, डॉ. अनिमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। तीनों सदस्यों ने अपना त्यागपत्र राज्यपाल को भेज दिया है। हालांकि, उनके इस्तीफे के पीछे की वजह को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

तीन सदस्यों के एक साथ इस्तीफे को JPSC के मौजूदा विवाद के बीच महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। आयोग की हालिया प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है। प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।

परीक्षा विवाद के बीच इस्तीफे से बढ़ी हलचल

JPSC की प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर पिछले कुछ समय से विवाद बना हुआ है। अभ्यर्थियों की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। इसे लेकर अलग-अलग स्तर पर विरोध और जांच की मांग की जा रही है। इसी बीच आयोग के तीन सदस्यों के इस्तीफे ने मामले को और महत्वपूर्ण बना दिया है। हालांकि, इन इस्तीफों को सीधे तौर पर परीक्षा विवाद से जोड़ने के संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। तीनों सदस्यों ने अपना त्यागपत्र राज्यपाल को भेजा है और इस्तीफे स्वीकार किए जाने की प्रक्रिया को लेकर आगे की जानकारी का इंतजार है।

तीनों सदस्यों से अलग-अलग पूछताछ करेगी CID

14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रहा अपराध अनुसंधान विभाग (CID) अब आयोग के तीनों सदस्यों से अलग-अलग पूछताछ करने की तैयारी में है। अधिकारियों के मुताबिक, पूछताछ का कार्यक्रम भी तय किया गया है। सोमवार को डॉ. अजीता भट्टाचार्य, मंगलवार को डॉ. अनिमा हांसदा और बुधवार को डॉ. जमाल अहमद से पूछताछ की जाएगी। जरूरत पड़ने पर जांच एजेंसी तीनों सदस्यों को दोबारा भी पूछताछ के लिए बुला सकती है। जांच एजेंसी यह समझने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा की प्रक्रिया के दौरान किस स्तर पर क्या फैसले लिए गए और कथित अनियमितताओं से संबंधित घटनाक्रम में किन लोगों की भूमिका रही। पूछताछ के दौरान सामने आने वाली जानकारी को जांच के अन्य तथ्यों से मिलाया जाएगा।

पूर्व JPSC अध्यक्ष से चार दौर में पूछताछ

इस मामले में CID की जांच पहले से जारी है। जांच एजेंसी JPSC के पूर्व अध्यक्ष और झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव एल. खियांग्ते से चार दौर में पूछताछ कर चुकी है। पूछताछ के दौरान उनसे परीक्षा प्रक्रिया, आयोग के स्तर पर लिए गए निर्णयों और उससे जुड़े विभिन्न प्रशासनिक पहलुओं के बारे में जानकारी ली गई। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि परीक्षा आयोजन से जुड़े फैसले किस स्तर पर लिए गए और पूरी प्रक्रिया में कौन-कौन से अधिकारी या कर्मचारी शामिल थे। पूर्व अध्यक्ष से पूछताछ के बाद अब आयोग के तीन मौजूदा अथवा इस्तीफा दे चुके सदस्यों से पूछताछ को जांच की अगली महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।

एजेंसी के अकाउंटेंट से भी पूछताछ

CID की कार्रवाई केवल आयोग के पदाधिकारियों तक सीमित नहीं है। 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान शनिवार को पांच दिनों की रिमांड के दूसरे दिन मुख्य सचिव कार्यालय में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मेंद्र कुमार और परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) के अकाउंटेंट रक्षक सिंह से भी पूछताछ जारी रही। जांच एजेंसी दोनों से परीक्षा संचालन की प्रक्रिया, कथित अनियमितताओं और मामले से जुड़े लोगों के बीच संपर्क को लेकर जानकारी जुटा रही है। CID यह जानने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा से जुड़े डिजिटल और प्रशासनिक कामकाज में किन लोगों की भूमिका रही और कथित गड़बड़ी के दौरान किन स्तरों पर संपर्क या समन्वय हुआ।

आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव

सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ और अब तक की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर CID आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही है। जांच एजेंसी बरामद या उपलब्ध दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों और पूछताछ में सामने आए बयानों का मिलान कर रही है। सूत्रों का दावा है कि जांच में मिले सुरागों के आधार पर आने वाले दिनों में कुछ और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है। हालांकि, इस संबंध में जांच एजेंसी की ओर से अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

अभ्यर्थियों की निगाहें जांच पर

JPSC परीक्षा विवाद के बीच अभ्यर्थियों की नजर अब CID की जांच और आयोग की आगे की कार्रवाई पर है। आंदोलन कर रहे अभ्यर्थी परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने की मांग कर रहे हैं। तीन आयोग सदस्यों के इस्तीफे, पूर्व अध्यक्ष से पूछताछ और परीक्षा संचालन से जुड़े कर्मचारियों से जारी पूछताछ के बीच जांच का दायरा लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। हालांकि, कथित अनियमितताओं की वास्तविक जिम्मेदारी और उसके पीछे की पूरी स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल CID की जांच 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर केंद्रित है और आने वाले दिनों में पूछताछ तथा जांच के आधार पर मामले में और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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