भारत बना एआई टैलेंट हब: 2019 के मुकाबले 6 गुना बढ़ीं AI जॉब्स, ऑफिस बाजार में भी देखने को मिल रहा बड़ा बदलाव
खबर सार :-
भारत में एआई सेक्टर की तेज वृद्धि रोजगार, निवेश और ऑफिस इंफ्रास्ट्रक्चर तीनों क्षेत्रों को नई दिशा दे रही है। एआई जॉब्स में छह गुना उछाल इस बात का संकेत है कि आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक तकनीकी शक्ति के रूप में और मजबूत होगा। फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस, डिजिटल स्किल्स और आधुनिक कार्यसंस्कृति का विस्तार देश की अर्थव्यवस्था को नई गति दे सकता है।
खबर विस्तार : -
Redseer report 2026: भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर तेजी से रोजगार और निवेश का नया केंद्र बनता जा रहा है। स्ट्रैटेजी कंसल्टिंग फर्म रेडसीर स्ट्रेटजी कंसल्टेंट्स (Redseer Strategy Consultants) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, देश में एआई से जुड़ी नौकरी की पोस्टिंग 2019 की तुलना में लगभग छह गुना बढ़ चुकी हैं। रिपोर्ट बताती है कि भारत अब केवल आईटी सेवाओं का केंद्र नहीं रहा, बल्कि वैश्विक एआई टैलेंट और एआई इम्प्लीमेंटेशन हब के रूप में तेजी से उभर रहा है।
‘AI and the Future of Flexible Workspaces’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि मशीन लर्निंग, जेनरेटिव एआई और एमएल ऑप्स जैसी आधुनिक तकनीकों में विशेषज्ञ पेशेवरों की मांग लगातार बढ़ रही है। इसी वजह से 2025 तक एआई आधारित जॉब पोस्टिंग का आंकड़ा 2.9 लाख के पार पहुंच चुका है।
ऑफिस स्पेस सेक्टर में आएगा बड़ा बदलाव
रिपोर्ट के मुताबिक, एआई की बढ़ती मांग सिर्फ रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर भारत के ऑफिस इंफ्रास्ट्रक्चर और वर्कस्पेस मॉडल पर भी दिखाई देगा। अनुमान है कि 2025 से 2030 के बीच भारत के नॉलेज-इकोनॉमी ऑफिस स्पेस में करीब 7.9 करोड़ वर्ग फुट अतिरिक्त मांग पैदा हो सकती है। यह वृद्धि पहले के अनुमानों से भी ज्यादा मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि एआई आधारित कंपनियों और टीमों की कार्यशैली पारंपरिक ऑफिस मॉडल से अलग होती जा रही है। अब कंपनियां ऐसे वर्कस्पेस चाहती हैं जो अधिक सहयोगात्मक, तकनीकी रूप से सक्षम और जरूरत के अनुसार लचीले हों।
‘कोर प्लस फ्लेक्स’ मॉडल की बढ़ी लोकप्रियता
रेडसीर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स की एसोसिएट पार्टनर छवि सिंह ने कहा कि एआई को लेकर अब तक चर्चा मुख्य रूप से रोजगार पर उसके प्रभाव तक सीमित थी, लेकिन वास्तविक बदलाव ऑफिस स्पेस के उपयोग में देखने को मिल रहा है। उनके अनुसार, एआई-आधारित टीमें तेजी से बदलने वाली, विशेषज्ञता आधारित और सहयोग पर केंद्रित होती हैं। इसी वजह से ‘कोर प्लस फ्लेक्स’ वर्कप्लेस मॉडल की मांग तेजी से बढ़ रही है। इस मॉडल में कंपनियां स्थायी ऑफिस स्पेस के साथ-साथ फ्लेक्सिबल सीटिंग और साझा कार्यस्थलों का उपयोग करती हैं, ताकि लागत और दक्षता दोनों को संतुलित रखा जा सके।
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा AI टैलेंट ग्रोथ सेंटर
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि एआई टैलेंट कंसंट्रेशन ग्रोथ के मामले में भारत अब दुनिया में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। वैश्विक स्तर पर एआई में निवेश बढ़कर लगभग 582 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है और इसका बड़ा फायदा भारत को मिल रहा है। भारत पहले भी तकनीकी बदलावों को रोजगार और आर्थिक अवसरों में बदलने में सफल रहा है। यही वजह है कि देश का ऑफिस स्पेस 2025 तक बढ़कर करीब 91.5 करोड़ वर्ग फुट तक पहुंच गया है। वहीं कुल रोजगार संख्या लगभग 33 करोड़ कामगारों तक पहुंचने का अनुमान है।
फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस सेक्टर में तेजी
एआई क्रांति का सबसे बड़ा असर फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस सेक्टर पर पड़ता दिखाई दे रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, 2020 में भारत का फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस बाजार लगभग 3.3 करोड़ वर्ग फुट था, जो 2025 तक बढ़कर 10.3 करोड़ वर्ग फुट से अधिक हो गया है। सर्वे में शामिल करीब 82 प्रतिशत कंपनियों ने कहा कि वे अगले दो वर्षों में फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस का उपयोग और बढ़ाने की योजना बना रही हैं। रिपोर्ट का अनुमान है कि केवल एआई आधारित भर्ती ही 2030 तक फ्लेक्स सीट लीजिंग की कुल मांग में लगभग 31 प्रतिशत योगदान दे सकती है।
अन्य प्रमुख खबरें
-
राहुल नवीन ईडी निदेशक सेवा विस्तार: अगस्त 2027 तक बढ़ा कार्यकाल
2026-08-10
-
Jharkhand Student Protest: तीन सदस्यों ने दिया इस्तीफा, जांच शुरू
2026-08-09
-
ममता बनर्जी के काफिले पर हमला, कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
2026-08-09
-
भारत के खिलाफ अफवाह फैला रहीं देश-विरोधी ताकतें: सीएम योगी
2026-08-09
-
Jharkhand Student Protest: अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र महतो की बिगड़ी तबीयत
2026-08-09
-
सीएम योगी ने लखनऊ से की 'हर घर तिरंगा' अभियान की शुरूआत
2026-08-09
-
Weather Update: मौसम विभाग का कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
2026-08-09
-
क्यों मनाया जाता है विश्व आदिवासी दिवस, जानें इसका महत्व
2026-08-08
-
जिधर देखो माहौल गमगीन, गांव में सन्नाटा, सहम उठे बच्चे
2026-08-08
-
महाराष्ट्र होगा NUCFDC का मुख्यालय, अमित शाह ने की ये अपील
2026-08-08
-
बिहार से ऑस्ट्रेलिया भेजी गई 18 मीट्रिक टन ‘मिथिला मखाना’
2026-08-08
-
सावन महीने में सुल्तानगंज में उमड़ते हैं शिवभक्त, जानें महत्व
2026-08-08
-
खालिस्तान समर्थक संगठनों पर एजेंसियों की नजर, जारी अलर्ट
2026-08-08
-
FCRA Bill 2026 Monsoon Session: क्या संसद में शाह लाएंगे बिल? कांग्रेस का व्हिप जारी
2026-08-08
-
ई20 पेट्रोल सुरक्षित है: संसद में केंद्र सरकार ने दी जानकारी
2026-08-07