संगठन पुनर्गठन के मायने: क्या चुनावी चुनौतियों पर खरी उतरेगी भाजपा की नई टीम?

खबर सार :-

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी की नई केंद्रीय टीम की घोषणा की है। इस पुनर्गठन में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और वरिष्ठ रणनीतिकार राम माधव को संगठन में महत्वपूर्ण पदों पर वापस लाया गया है, जबकि आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय की छुट्टी कर दी गई है।
बीजेपी संगठन में बड़ा बदलाव: स्मृति ईरानी, राम माधव की वापसी

खबर विस्तार : -

डेटलाइन: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को अपनी नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी और संगठन के पदाधिकारियों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है। इस नए फेरबदल के तहत पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव और संघ के पृष्ठभूमि वाले नेता राम माधव को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। दूसरी ओर, वर्षों से पार्टी के आईटी और सोशल मीडिया प्रभाग की कमान संभाल रहे अमित मालवीय को इस प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। आगामी राज्यों के विधानसभा चुनावों और संभावित केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट के बीच किए गए इस सांगठनिक बदलाव को सत्ताधारी दल की दूरगामी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की अमेठी संसदीय सीट से पराजय का सामना करने के बाद यह पहला मौका है जब स्मृति ईरानी को संगठन के भीतर कोई बड़ी और सीधी जिम्मेदारी सौंपी गई है। नवनिर्मित केंद्रीय टीम में शामिल कुल आठ राष्ट्रीय महासचिवों के प्रमुख नामों में स्मृति ईरानी अकेली महिला चेहरे के रूप में उभरी हैं। महासचिवों के इस समूह में उनके साथ विनोद तावड़े, सुनील बंसल, बिप्लब कुमार देब, सतीश पूनिया, गजेंद्र पटेल, हरीश द्विवेदी और संजय भाटिया को स्थान मिला है।

शीर्ष नेतृत्व में संतुलन और नए चेहरों का समावेश

पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने प्रशासनिक अनुभव और क्षेत्रीय संतुलन को साधने के उद्देश्य से 13 नेताओं को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की कमान सौंपी है। इस सूची में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे राम माधव का नाम प्रमुख है, जो इससे पूर्व पार्टी में महासचिव के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उपाध्यक्ष मंडल में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, बैजयंत जय पांडा, रेखा वर्मा, तारिक मंसूर, डी. पुरंदेश्वरी, भारती पवार, मनप्रीत सिंह बादल, लाल सिंह आर्य, एम. नागराजा, मधुचंद्र कर और वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी को भी शामिल किया गया है। इस पूरे उपाध्यक्ष समूह में छह महिला नेताओं को जगह दी गई है।

आईटी सेल प्रभाग में फेरबदल और नए दायित्व

केंद्रीय संगठन की घोषणा में सबसे उल्लेखनीय बदलाव आईटी एवं डिजिटल मीडिया प्रभाग के प्रबंधन में देखने को मिला है। लंबे समय तक बीजेपी के सोशल मीडिया अभियानों का संचालन करने वाले अमित मालवीय का नाम नई सूची से नदारद है। उनकी जगह छत्तीसगढ़ से आने वाले दीपक म्हास्के को बीजेपी के सोशल मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है। मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में निरंतरता बनाए रखते हुए अनिल बलूनी को राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी के पद पर बरकरार रखा गया है।

संगठनात्मक निरंतरता और प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने के लिए बीजेपी नेतृत्व ने कई शीर्ष पदाधिकारियों के पदों में बदलाव नहीं किया है। बीएल संतोष पूर्ववत राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) के पद का दायित्व संभालते रहेंगे। वहीं, शिवप्रकाश और सौदान सिंह को संयुक्त राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) की जिम्मेदारी पर कायम रखा गया है। सुनील बंसल और विनोद तावड़े को पुन: राष्ट्रीय महासचिव पद की कमान दी गई है।

पूर्व मुख्यमंत्रियों और अन्य दलों से आए नेताओं को जगह

पार्टी ने हाल के वर्षों में अन्य राजनीतिक दलों से बीजेपी में शामिल हुए नेताओं को भी सांगठनिक ढांचे में स्थान दिया है। हाल में कांग्रेस छोड़कर आए रोहन गुप्ता को पार्टी का राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है, जबकि अनिल एंटनी को इसी पद पर बरकरार रखा गया है। इसके अतिरिक्त, पूर्व मुख्यमंत्रियों के अनुभव का लाभ लेने के लिए त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब को राष्ट्रीय महासचिव और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद से नवाजा गया है।

विशेष प्रभार और समन्वय की दृष्टि से संबित पात्रा को पूर्वोत्तर राज्यों का समन्वयक नियुक्त किया गया है। केंद्रीय कार्यालय के कामकाज और दैनिक प्रबंधन को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए तरुण चुघ को केंद्रीय कार्यालय प्रभारी का दायित्व दिया गया है।

भारतीय जनता पार्टी में यह सांगठनिक बदलाव राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के पदभार संभालने के बाद का सबसे बड़ा फेरबदल माना जा रहा है। इससे पूर्व 2024 के आम चुनावों के बाद संगठन को नए सिरे से पुनर्गठित करने की प्रक्रिया लंबित थी। 2024 के संसदीय चुनावों के दौरान अमेठी से स्मृति ईरानी की हार के बाद से ही उनके सांगठनिक भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। दूसरी ओर, राम माधव, जिन्होंने पूर्व में पूर्वोत्तर राज्यों और जम्मू-कश्मीर में पार्टी के जनाधार को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई थी, उनकी संगठन में पुन: वापसी को पार्टी के रणनीतिक प्रभाग को मजबूत करने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। अमित मालवीय के स्थान पर दीपक म्हास्के का चयन यह दर्शाता है कि पार्टी अपने डिजिटल और सोशल मीडिया संवाद की शैली में नए दृष्टिकोण को अपनाना चाहती है।

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