भारतीय सेना में वरिष्ठ स्तर पर बदलाव, लेफ्टिनेंट जनरल शमशेर सिंह विर्क ने संभाली नई जिम्मेदारी
खबर सार :-
भारतीय सेना में वरिष्ठ स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। लेफ्टिनेंट जनरल शमशेर सिंह विर्क ने उपसेना प्रमुख क्षमता विकास एवं सस्टेनेंस का पदभार संभाला है। लेफ्टिनेंट जनरल शमशेर सिंह विर्क के सामने भी क्षमता विकास और सैन्य क्षमताओं को प्रभावी बनाए रखने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।
खबर विस्तार : -
लखनऊः भारतीय सेना में वरिष्ठ स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी में बदलाव हुआ है। लेफ्टिनेंट जनरल शमशेर सिंह विर्क ने उपसेना प्रमुख (क्षमता विकास एवं सस्टेनेंस) का पदभार संभाल लिया है। गुरुवार को उन्होंने यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी ग्रहण की। इससे पहले लेफ्टिनेंट जनरल विर्क पश्चिमी मोर्चे पर एक कोर के कमांडर के रूप में अहम भूमिका निभा रहे थे।
नई जिम्मेदारी के तहत लेफ्टिनेंट जनरल शमशेर सिंह विर्क भारतीय सेना की क्षमता विकास और उसे बनाए रखने से जुड़ी विभिन्न पहलों की निगरानी करेंगे। बदलते सुरक्षा वातावरण में सेना की सैन्य क्षमताओं को लगातार मजबूत और प्रभावी बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। आधुनिक युद्ध की बदलती जरूरतों के बीच सैन्य संसाधनों, तकनीक, प्रशिक्षण और परिचालन क्षमता को प्रभावी बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान रहेगा।
वरिष्ठ अधिकारियों को सम्मानपूर्वक विदाई
नई नियुक्ति से एक दिन पहले भारतीय सेना के कई वरिष्ठ अधिकारी सैन्य सेवा से सेवानिवृत्त हुए। सेना प्रमुख जनरल धीराज सेठ ने सेवानिवृत्त हो रहे अधिकारियों को सम्मानपूर्वक विदाई दी और राष्ट्र के प्रति उनके लंबे समय तक किए गए निस्वार्थ एवं समर्पित सेवाभाव की सराहना की। सेना प्रमुख ने कहा कि इन अधिकारियों का योगदान केवल सैन्य सेवा या युद्धक्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा। उनके लंबे अनुभव, ज्ञान, अनुशासन और मूल्यों से भविष्य में भी राष्ट्र को लाभ मिलेगा। सेवानिवृत्ति के बाद भी वे अपने अनुभव के माध्यम से समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। भारतीय सेना ने भी इन अधिकारियों के समर्पण और सेवाओं को याद करते हुए उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं। वरिष्ठ अधिकारियों की विदाई के साथ सेना की पुरानी पीढ़ी के अनुभव और नई पीढ़ी की जिम्मेदारियों के बीच निरंतरता का संदेश भी सामने आया।
एकीकृत रक्षा व्यवस्था पर जोर
इसी बीच मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ के 26वें स्थापना दिवस के अवसर पर सेना प्रमुख जनरल धीराज सेठ और भारतीय सेना के सभी रैंकों ने शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर एकीकृत रक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मुख्यालय की भूमिका के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया। भारतीय सुरक्षा व्यवस्था में तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल, संयुक्त योजना और परिचालन समन्वय को महत्वपूर्ण माना जाता है। बदलते सुरक्षा परिदृश्य के बीच एकीकृत दृष्टिकोण के जरिए सैन्य तैयारियों को और मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
जम्मू-कश्मीर में सेना प्रमुख ने परखी तैयारियां
इससे पहले बीते सप्ताह सेना प्रमुख जनरल धीराज सेठ ने जम्मू-कश्मीर में चिनार कोर के अग्रिम इलाकों का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने नियंत्रण रेखा और अंदरूनी इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था तथा सेना की परिचालन तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने तैनात सैनिकों से बातचीत कर उनका उत्साह भी बढ़ाया। सेना प्रमुख को स्थानीय कमांडरों ने क्षेत्र में मौजूदा सुरक्षा माहौल, परिचालन तैयारियों और सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। नियंत्रण रेखा पर मजबूत सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ अंदरूनी इलाकों में आतंकवाद विरोधी अभियानों की तैयारियों की भी समीक्षा की गई।
तंगधार में ‘ऑपरेशन दृष्टि 2026’ का जायजा
दौरे के दौरान सेना प्रमुख ने तंगधार में ‘ऑपरेशन दृष्टि 2026’ का भी जायजा लिया। इस अभियान के माध्यम से दूरदराज और सीमावर्ती क्षेत्रों में लोगों तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने पर जोर दिया गया। सेना प्रमुख का यह दौरा ‘जय से विजय’ की भावना को सामने लाता है, जिसमें अभियानगत सतर्कता के साथ सैनिकों और सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के प्रति प्रतिबद्धता पर जोर दिया गया है। चिनार कोर के क्षेत्रों में पहुंचे सेना प्रमुख को स्थानीय कमांडरों ने सुरक्षा स्थिति और सेना की तैयारियों से संबंधित विस्तृत जानकारी दी।
भारतीय सेना लगातार बदलते सुरक्षा वातावरण के अनुरूप अपनी परिचालन क्षमताओं को मजबूत करने पर काम कर रही है। वरिष्ठ स्तर पर नई जिम्मेदारियों का निर्धारण, अनुभवी अधिकारियों की सम्मानजनक विदाई और सीमावर्ती क्षेत्रों में तैयारियों की समीक्षा इसी व्यापक प्रक्रिया का हिस्सा है।
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