भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच 13वीं आर्मी टू आर्मी स्टाफ वार्ता, रक्षा सहयोग बढ़ाने पर जोर

खबर सार :-

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 13वीं आर्मी टू आर्मी स्टाफ वार्ता नई दिल्ली में हुई। दोनों देशों ने सामरिक और समकालीन सुरक्षा मुद्दों के साथ द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की।
भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच रक्षा सहयोग पर अहम वार्ता

खबर विस्तार : -

नई दिल्लीः भारत दौरे पर आए ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में भारत के साथ सामरिक और समकालीन सुरक्षा मुद्दों पर व्यापक चर्चा की। दोनों देशों की सेनाओं के बीच 13वीं आर्मी टू आर्मी स्टाफ वार्ता के दौरान द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और मजबूत करने, आपसी विश्वास बढ़ाने और साझा हितों वाले क्षेत्रों में सैन्य साझेदारी का विस्तार करने पर जोर दिया गया। यह वार्ता 28 सितंबर से शुरू होकर 30 सितंबर तक चली। तीन दिनों तक चले इस संवाद में दोनों पक्षों ने मौजूदा सुरक्षा परिस्थितियों और क्षेत्रीय चुनौतियों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। साथ ही दोनों सेनाओं के बीच मौजूदा सहयोग की समीक्षा करते हुए भविष्य में सैन्य संपर्क और भागीदारी को और व्यापक बनाने के तरीकों पर चर्चा हुई।

सेंटर फॉर लैंड वारफेयर स्टडीज का भी दौरा

ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधिमंडल ने भारत दौरे के दौरान सेंटर फॉर लैंड वारफेयर स्टडीज का भी दौरा किया। यहां प्रतिनिधिमंडल ने मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों और उनसे जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार साझा किए। दोनों पक्षों के बीच बातचीत में बदलते सुरक्षा परिदृश्य, क्षेत्रीय स्थिरता और साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। इस तरह की बातचीत का उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच रणनीतिक समझ को बेहतर बनाना और भविष्य के सहयोग के लिए नए अवसर तलाशना है। इससे पहले ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचकर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले भारतीय जवानों को श्रद्धांजलि दी।

रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर जोर

भारतीय सेना के अनुसार, स्टाफ वार्ता में दोनों देशों ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की। साझा हित वाले क्षेत्रों में दोनों सेनाओं के बीच सहयोग का दायरा और स्तर बढ़ाने पर भी विचार किया गया। वार्ता के दौरान मौजूदा सैन्य सहयोग की समीक्षा के साथ भविष्य में संपर्क और सैन्य भागीदारी बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा हुई। दोनों देशों के बीच नियमित संवाद से आपसी समझ को मजबूत करने और साथ मिलकर काम करने की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग पिछले कुछ वर्षों में लगातार व्यापक हुआ है। आर्मी टू आर्मी स्टाफ वार्ता इसी बढ़ती रणनीतिक साझेदारी का एक महत्वपूर्ण मंच है, जहां दोनों देशों की सेनाएं साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करती हैं और भविष्य के सहयोग की दिशा तय करती हैं।

नौसैनिक सहयोग पर भी बढ़ा फोकस

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रक्षा संबंध केवल थल सेना तक सीमित नहीं हैं। समुद्री सुरक्षा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच सहयोग भी लगातार बढ़ रहा है। इसी महीने भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने कैनबरा में ऑस्ट्रेलिया के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्स एडमिरल मार्क हैमंड से मुलाकात की। बैठक में दोनों देशों के बीच रक्षा और समुद्री सहयोग को और मजबूत करने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों सैन्य अधिकारियों के बीच बातचीत में भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा साझेदारी को और गहरा करने पर जोर दिया गया। विशेष रूप से समुद्री सुरक्षा सहयोग रोडमैप के कार्यान्वयन को आगे बढ़ाने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच सहयोग बढ़ाने पर विचार किया गया। बैठक में समुद्री क्षेत्र में दोनों देशों की सेनाओं के बीच तालमेल और संयुक्त रूप से काम करने की क्षमता को मजबूत करने के अवसरों पर भी चर्चा हुई।

संयुक्त सैन्य क्षमता बढ़ाने की दिशा में प्रयास

भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों ही हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा को लेकर सहयोग बढ़ा रहे हैं। ऐसे में थल सेना और नौसेना स्तर पर नियमित संवाद दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण है। दोनों पक्षों की कोशिश है कि रणनीतिक समझ को केवल उच्चस्तरीय बैठकों तक सीमित न रखते हुए उसे सैन्य अभ्यास, प्रशिक्षण, संपर्क और अन्य व्यावहारिक गतिविधियों के जरिए जमीन पर भी मजबूत किया जाए। इसी क्रम में ऑस्ट्रेलिया की वायु सेना भारत में आयोजित हो रहे तरंग शक्ति बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास में भी हिस्सा ले रही है। इस बहुराष्ट्रीय अभ्यास में दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच परिचालन समन्वय और संयुक्त क्षमता को बढ़ाने के अवसर मिल रहे हैं।

भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच थल, नौसेना और वायु सेना स्तर पर बढ़ता संपर्क दोनों देशों के व्यापक रक्षा संबंधों को दर्शाता है। 13वीं आर्मी टू आर्मी स्टाफ वार्ता इसी प्रक्रिया की एक महत्वपूर्ण कड़ी रही, जिसमें मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों के साथ भविष्य के रक्षा सहयोग को और व्यापक बनाने पर जोर दिया गया।

FAQ

1. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 13वीं आर्मी टू आर्मी स्टाफ वार्ता कब हुई?

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 13वीं आर्मी टू आर्मी स्टाफ वार्ता 28 सितंबर से 30 सितंबर तक नई दिल्ली में हुई।

2. वार्ता में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?

वार्ता में द्विपक्षीय रक्षा सहयोग, सामरिक और समकालीन सुरक्षा मुद्दों, सैन्य संपर्क बढ़ाने और साझा हित वाले क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने पर चर्चा हुई।

3. ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधिमंडल ने भारत में किन स्थानों का दौरा किया?

प्रतिनिधिमंडल ने सेंटर फॉर लैंड वारफेयर स्टडीज का दौरा किया और नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचकर भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।

4. भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा संबंधों में इस वार्ता का क्या महत्व है?

यह वार्ता दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी विश्वास, रणनीतिक समझ और भविष्य के सैन्य सहयोग को मजबूत करने का महत्वपूर्ण मंच है।

5. क्या भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच नौसैनिक सहयोग भी बढ़ रहा है?

हां। दोनों देश समुद्री सुरक्षा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में नौसैनिक सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दे रहे हैं।

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