सुप्रीम कोर्ट ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल गुट की बैंक खाते फ्रीज मामले में याचिका खारिज की

खबर सार :-

उच्चतम न्यायालय ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट की बैंक खाते फ्रीज हटाने की याचिका खारिज कर दी है।
उच्चतम न्यायालय ने तृणमूल कांग्रेस की याचिका खारिज की

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: नई दिल्ली में उच्चतम न्यायालय ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट की एक महत्वपूर्ण याचिका को खारिज कर दिया है। इस याचिका में पार्टी के उन चार बैंक खातों को संचालित करने की अनुमति मांगी गई थी, जिन्हें जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा फ्रीज कर दिया गया था। न्यायालय के इस निर्णय से फिलहाल पार्टी को राहत नहीं मिल सकी है।

न्यायालय की यह कार्रवाई और बेंच का रुख

यह मामला न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश की अध्यक्षता वाली बेंच के समक्ष सुनवाई के लिए आया था। बेंच ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि वे कलकत्ता उच्च न्यायालय के उस पुराने आदेश में किसी भी प्रकार का दखल नहीं देना चाहते हैं, जिसके जरिए पार्टी की इस याचिका को मंजूरी देने से इनकार कर दिया गया था।

चुनाव चिह्न और राशि के हकदार का विवाद

सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय ने टिप्पणी की कि निर्वाचन आयोग ने पार्टी के चुनाव चिह्न को पहले ही फ्रीज कर दिया है। इस स्थिति के चलते अभी यह तय होना बाकी है कि बैंक खातों में मौजूद उस रकम का असली हकदार कौन है। अदालत का मानना है कि इस विवाद के निपटारे से पहले खातों के संचालन की अनुमति नहीं दी जा सकती। इससे पहले 3 सितंबर को हुई सुनवाई में उच्चतम न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को एक सुझाव दिया था। अदालत ने कहा था कि प्रशासन को कुछ राशि जारी कर दी जाए ताकि पार्टी अपने रोजमर्रा के कामकाज का सुचारू रूप से संचालन कर सके।

ईडी और तृणमूल के वकीलों के बीच पक्ष

इस सुझाव पर प्रतिक्रिया देते हुए ईडी की तरफ से पेश हुए एएसजी एसवी राजू ने अदालत को बताया कि यह राशि पहले से ही उपलब्ध है और कुल 164 करोड़ रुपये जब्त नहीं किए गए हैं। दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस की पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने इस स्थिति का विरोध किया। उन्होंने दलील देते हुए अदालत से पार्टी के पक्ष में राहत देने की मांग की, ताकि खातों के संचालन पर लगी रोक हटाई जा सके। मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपनी जांच प्रक्रिया के दौरान तृणमूल कांग्रेस के बैंक खातों को फ्रीज कर दिया था। इस कार्रवाई के खिलाफ ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट ने सबसे पहले कलकत्ता उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। हालांकि, उच्च न्यायालय ने ममता बनर्जी की याचिका को खारिज कर दिया था। इस शुरुआती झटके के बाद, पार्टी ने उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया था, जहां से अब यह याचिका भी खारिज कर दी गई है।

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