दिल्ली कोर्ट से बृजभूषण शरण सिंह के बरी होने के बाद Bajrang Punia को लेकर बड़ा अपडेट, हाईकोर्ट में लड़ाई की तैयारी
खबर सार :-
दिल्ली कोर्ट से बृजभूषण शरण सिंह के बरी होने के बाद बजरंग पूनिया के बयान से साफ है कि कानूनी लड़ाई अभी थमेगी नहीं। हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी है।
खबर विस्तार : -
New Delhi : अदालती गलियारों से जब कोई बड़ा फैसला बाहर आता है, तो उसकी गूंज केवल कागजों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि राजनीति और खेल के मैदानों तक दूर तलक जाती है। कुछ ऐसा ही नजारा दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट के उस हालिया आदेश के बाद देखने को मिला है, जिसने भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख और भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Singh) को एक बड़े मामले में राहत दे दी है। अदालत ने पर्याप्त सबूतों और तर्कों के आधार पर उन्हें आरोपों से मुक्त कर दिया है। इस फैसले के बाद कानूनी मोर्चे पर तो पूर्व सांसद फिलहाल बड़ी राहत मिल गई है, लेकिन इसके तुरंत बाद पहलवानों के खेमे से जिस तरह के तेवर देखने को मिले हैं, उससे साफ है कि यह लड़ाई अभी थमी नहीं है।
अदालत का फैसला और कानूनी राहत
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अश्विनी पंवार की अदालत ने इस बहुचर्चित मामले की लंबी सुनवाई के बाद अपना फैसला सुनाया। छह महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन शोषण और अन्य गंभीर आरोपों के इस प्रकरण में कोर्ट ने पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Singh) और उनके सहयोगी को बरी कर दिया है। पिछले साल मई के महीने में अदालत ने कुछ धाराओं के तहत आरोप तय करने के आदेश दिए थे, जिसके बाद से लगातार अंतिम बहस का दौर चल रहा था। दो जुलाई को ही अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जो अब सामने आया है। हालांकि पुलिस ने अपनी चार्जशीट में कई गंभीर धाराएं लगाई थीं, लेकिन अदालत के स्तर पर अभियोजन पक्ष उन आरोपों को पूरी मजबूती से साबित करने में कामयाब नहीं हो पाया, जिसके चलते यह फैसला आया है।
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बजरंग पूनिया के तेवर और आगे की रणनीति
कानूनी जंग के मोर्चे पर भले ही एक पड़ाव पार हो गया हो, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम का दूसरा पहलू बिल्कुल अलग तस्वीर पेश कर रहा है। जब इस फैसले की खबर बाहर आई, तो देश के दिग्गज खिलाड़ी bajrang punia अपनी प्रतिक्रिया देने में ज़रा भी नहीं चूके। एक प्रतिष्ठित समाचार चैनल से फोन पर बातचीत के दौरान उन्होंने साफ कर दिया कि यह खेल अभी खत्म नहीं हुआ है। खिलाड़ियों की तरफ से अब इस फैसले को ऊपरी अदालत यानी हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी शुरू हो चुकी है। इस बयान से यह बात पूरी तरह स्पष्ट हो गई है कि पहलवान अपनी इस लंबी कानूनी और सामाजिक लड़ाई को इतनी आसानी से छोड़ने वाले नहीं हैं।
दिल्ली में होगी बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस
इस पूरे विवाद में अब राजधानी दिल्ली का सियासी और खेल पारा एक बार फिर चढ़ने की उम्मीद है। पहलवानों के अगले कदम को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। बहुत जल्द दिल्ली में एक आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाने वाली है, जिसमें इस पूरे मामले को लेकर आगे की रणनीति का खुलासा किया जाएगा। जानकारों का मानना है कि bajrang punia के इस ताजा रुख के बाद अब कानूनी विशेषज्ञों की टीम नए सिरे से हाईकोर्ट की कार्यप्रणाली और साक्ष्यों का अध्ययन कर रही है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि खिलाड़ी किस आधार पर इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देने जा रहे हैं।
कुश्ती जगत और राजनीति पर असर
इस अदालती फैसले और उसके बाद आए बयानों ने एक बार फिर खेल संगठनों और खिलाड़ियों के बीच की खाई को उजागर कर दिया है। जिस प्रकार से इस मामले ने देश की राजनीति और कुश्ती के अखाड़े को लंबे समय तक गर्म रखा, उसके बाद अब एक नए दौर की शुरुआत होती दिख रही है। एक तरफ जहां कोर्ट के आदेश से राहत महसूस की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ bajrang punia के जरिए लगातार दबाव बनाए रखने की रणनीति यह बता रही है कि आने वाले दिनों में यह मामला शांत नहीं बैठने वाला है। खेल प्रेमियों से लेकर राजनीतिक गलियारों तक, सबकी नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि हाईकोर्ट में दाखिल होने वाली याचिका किस दिशा में मोड़ लेती है।
FAQ...
1. कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया है?
उत्तर: अदालत ने सबूतों की कमी के कारण बृजभूषण शरण सिंह को आरोपों से बरी कर दिया है।
2. पहलवानों की अगली प्रतिक्रिया क्या है?
उत्तर: bajrang punia मामले में हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं।
3.इस फैसले का कुश्ती जगत और राजनीति पर क्या असर पड़ रहा है?
उत्तर: यह विवाद अभी थमा नहीं है और आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक व खेल के मैदान में गरमागरम बहस जारी रहेगी।
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