पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह बरी, महिला पहलवानों के यौन शोषण केस में कोर्ट से मिली राहत

खबर सार :-

Brijbhushan Sharan Singh: महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के आरोपों से दिल्ली कोर्ट द्वारा बरी किए जाने के बाद बृजभूषण शरण सिंह की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है।
महिला पहलवान यौन शोषण केसः बृजभूषण शरण सिंह बरी

खबर विस्तार : -

Brij Bhushan Sharan Singh Acquitted: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने  सोमवार को महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया। कोर्ट का यह फैसला पूर्व बीजेपी सांसद के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, क्योंकि यह मामला भारतीय खेल जगत की सबसे हाई-प्रोफाइल कानूनी लड़ाइयों में से एक माना जाता था। हालांकि बृजभूषण शरण सिंह 20 जुलाई, 2023 से रेगुलर जमानत पर थे। कोर्ट से निकलने के बाद बृजभूषण शरण ने कहा- 'होइहि सोइ जो राम रचि राखा। इसके बाद वे हंसते हुए गाड़ी में बैठकर निकल गए।

राउज एवेन्यू कोर्ट ने बृजभूषण सिंह को किया बरी

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में जैसे ही सुनवाई शुरू हुई, एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (ACJM) अश्वनी पंवार ने बृजभूषण शरण सिंह को बरी करने का फैसला सुनाया। इस मामले में सह-आरोपी विनोद तोमर को भी बरी कर दिया गया है। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए सबूत बृज भूषण सिंह के खिलाफ आरोपों को साबित करने के लिए नाकाफी थे। बयानों में कई विरोधाभास पाए गए।

कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद, बीजेपी नेता बृजभूषण सिंह ने कहा, "जिस दिन मुझ पर आरोप लगाए गए थे, मैंने कहा था कि अगर आरोप सच साबित हुए, तो मैं खुशी-खुशी फांसी लगा लूंगा। आज कोर्ट ने मुझे बरी कर दिया है।" सोमवार सुबह को फैसले से पहले बृजभूषण शरण सिंह दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा, मैं सिर्फ वही सुनूंगा जो कोर्ट कहेगा। मेरे हाथ में कुछ भी नहीं है।"

बरी होने के बाद बृजभूषण की पहली प्रतिक्रिया

जब कोर्ट से निकलने के बाद पत्रकारों ने बृज भूषण शरण से सवाल किए, तो उन्होंने कहा, "'होइहि सोइ जो राम रचि राखा।" इसके बाद वे मुस्कुराते हुए अपनी कार में बैठकर चले गए। इससे पहले उन्होंने बताया कि कोर्ट ने लगभग तीन साल बाद उन्हें और विनोद जी को बरी कर दिया है; साथ ही उन्होंने कहा कि उन्होंने इस संघर्ष को 15-16 सालों तक चलते देखा है। बृज भूषण शरण ने कहा कि वे हमेशा कमजोर लोगों के साथ खड़े रहे हैं। जिनके अधिकारों का हनन हो रहा था। उन्हें खुद पर भरोसा था, भले ही उन्हें यह नहीं पता था कि उन पर आरोप लगाने वालों के मन में क्या है; उन्हें कभी भी खुद में अपराधी जैसा महसूस नहीं हुआ।

बृज भूषण शरण सिंह ने जोर देकर कहा कि घटनाक्रम के बारे में उनका पक्ष सच साबित हुआ। उन्होंने दावा किया कि पहलवानों के साथ-साथ कई गुट जिनमें वामपंथी और दक्षिणपंथी से लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी तक शामिल थे। इस साजिश में शामिल थे; एक-दो पार्टियों को छोड़कर बाकी सभी ने उन्हें निशाना बनाया था। 

उन्होंने कहा कि अब उन्हें आत्म-मंथन करना चाहिए और अपने विरोध की वैधता पर सवाल उठाना चाहिए, क्योंकि वे चाहते थे कि उन्हें तुरंत फांसी दे दी जाए। उन्होंने कहा कि उन पर लगे आरोप इसलिए लगाए गए क्योंकि वे जूनियर और कमज़ोर एथलीटों के पक्ष में खड़े थे। उन्होंने टिप्पणी की कि बड़ी राजनीतिक पार्टियों और नेताओं में सीधे कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं थी, इसलिए उन्होंने महिलाओं या Gen-Z (नई पीढ़ी) की आड़ में आंदोलन खड़े किए।

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महिला पहलवानों ने लगाए थे यौन शोषण के आरोप

दरअसल यह मामला छह महिला पहलवान के आरोपों से शुरू हुआ था, जिनमें रेसलर विनेश फोगाट भी शामिल थीं। उन्होंने आरोप लगाया था कि WFI अध्यक्ष के तौर पर उनके कार्यकाल के दौरान उनका यौन उत्पीड़न हुआ था। जनवरी 2023 में जब नए संसद भवन का उद्घाटन हो रहा था। तब ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया ने साथी पहलवान विनेश फोगाट के साथ मिलकर बीजेपी के पूर्व सांसद पर यौन उत्पीड़न और पद के दुरुपयोग का आरोप लगाया था। हालांकि, बृजभूषण शरण सिंह ने शुरू से ही इन सभी आरोपों से इनकार किया था।

दिल्ली पुलिस ने दर्ज की थी FIR

महिला पहलवानों की शिकायतों के आधार पर पुलिस ने सांसद के खिलाफ FIR दर्ज की। दिल्ली पुलिस की FIR में बृजभूषण सिंह के साथ-साथ रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के पूर्व असिस्टेंट सेक्रेटरी विनोद तोमर का भी नाम शामिल था। जून 2023 में, पुलिस ने बृजभूषण के खिलाफ कई धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की। ​​10 मई 2024 को कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के आधार पर आरोप तय किए, जिसके बाद ट्रायल शुरू हुआ। 

ट्रायल कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह पर पांच महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न और उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाने के आरोप तय किए। इससे पहले, बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को एक नाबालिग पहलवान से  जुड़े अलग मामले में भी राहत मिली थी; दिल्ली की एक अदालत ने पुलिस की उस रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया था जिसमें मामले को रद्द करने की सिफारिश की गई थी।

FAQ

1. कोर्ट ने किस आधार पर बृजभूषण शरण सिंह को बरी किया?

कोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष  की तरफ से पेश किए गए सबूत बृज भूषण सिंह के खिलाफ आरोपों को साबित करने के लिए काफी नहीं थे। आरोपों को कानूनी मानकों के तहत साबित न कर पाने के कारण उन्हें बरी किया गया।

2. किस अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह को बरी किया है?

 दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue Court) ने बृजभूषण शरण सिंह को बरी किया है।

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