भारतीय वायुसेना और नौसेना में बड़े बदलाव, एयर मार्शल तेजपाल सिंह और वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद को मिली ये जिम्मेदारी

खबर सार :-

भारतीय वायुसेना में एयर मार्शल तेजपाल सिंह ने डिप्टी चीफ ऑफ एयर स्टाफ का पदभार संभाला, जबकि वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद ने नौसेना के उप प्रमुख का कार्यभार ग्रहण किया। दोनों अधिकारियों का लंबा और अनुभवी सैन्य करियर रहा है।
एयर मार्शल तेजपाल सिंह बने डीसीएएस, एयर मार्शल तेजपाल सिंह बने डीसीएएस

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: भारतीय सशस्त्र सेनाओं में शनिवार को शीर्ष स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव हुए। भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी एयर मार्शल तेजपाल सिंह एवीएसएम, वीएम ने डिप्टी चीफ ऑफ एयर स्टाफ (डीसीएएस) का पदभार संभाल लिया। वहीं, भारतीय नौसेना में वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद ने नौसेना के उप प्रमुख (डिप्टी चीफ ऑफ नेवल स्टाफ) की जिम्मेदारी ग्रहण की। पदभार संभालने के बाद एयर मार्शल तेजपाल सिंह ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचकर देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीदों के बलिदान को नमन करते हुए अपनी नई जिम्मेदारी की शुरुआत की।

तेजपाल सिंह का लंबा और गौरवपूर्ण सैन्य करियर

एयर मार्शल तेजपाल सिंह को 16 जून 1990 को भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट के रूप में कमीशन मिला था। करीब 36 वर्षों से अधिक के अपने सैन्य करियर में उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। उन्होंने अपने करियर के दौरान 3,500 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव हासिल किया है। वह कैटेगरी-ए क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर होने के साथ-साथ एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट भी हैं। उनकी विशेषज्ञता और अनुभव ने उन्हें वायुसेना के महत्वपूर्ण अभियानों और रणनीतिक भूमिकाओं में योगदान देने का अवसर दिया।

एयर मार्शल तेजपाल सिंह ने भारतीय वायुसेना में कई अहम ऑपरेशनल, कमांड और स्टाफ नियुक्तियों पर सेवाएं दी हैं। उनकी पेशेवर दक्षता और विशिष्ट सेवाओं को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें कई सम्मान प्रदान किए। जनवरी 2011 में उन्हें वायु सेना मेडल (वीएम) से सम्मानित किया गया था। इसके बाद जनवरी 2021 में उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति द्वारा उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल (एवीएसएम) प्रदान किया गया।

एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती हुए सेवानिवृत्त

एयर मार्शल तेजपाल सिंह ने डीसीएएस का पदभार एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती एसवाईएसएम, एवीएसएम, वीएम से संभाला है। एयर मार्शल भारती 31 जुलाई 2026 को 39 वर्षों की गौरवपूर्ण सैन्य सेवा पूरी करने के बाद सेवानिवृत्त हुए। भारतीय वायुसेना ने एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती के लंबे कार्यकाल और राष्ट्र की सुरक्षा में उनके योगदान की सराहना की। वायुसेना ने उनके समर्पण, नेतृत्व क्षमता और सेवाओं के लिए सम्मान व्यक्त किया।

वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद बने नौसेना के उप प्रमुख

भारतीय नौसेना में भी शनिवार को अहम बदलाव हुआ। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना की परिचालन तैयारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद ने नौसेना के उप प्रमुख का पदभार संभाल लिया। रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, वाइस एडमिरल प्रमोद ने वाइस एडमिरल तरुण सोबती का स्थान लिया है। वाइस एडमिरल तरुण सोबती उत्तम युद्ध सेवा पदक (यूवाईएसएम), अति विशिष्ट सेवा पदक (एवीएसएम) और विशिष्ट सेवा पदक (वीएसएम) से सम्मानित अधिकारी हैं। वह शुक्रवार को अपनी लंबी सैन्य सेवा पूरी करने के बाद सेवानिवृत्त हुए।

वाइस एडमिरल प्रमोद का अनुभव भी रहा है व्यापक

वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद को 1 जुलाई 1990 को भारतीय नौसेना में कमीशन मिला था। वह गोवा स्थित नौसेना अकादमी के 38वें इंटीग्रेटेड कैडेट कोर्स के छात्र रहे हैं। उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक (एवीएसएम) और युद्ध सेवा पदक (वाईएसएम) से सम्मानित किया जा चुका है। वह ‘कैट ए’ सी किंग एयर ऑपरेशंस ऑफिसर और संचार एवं इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर विशेषज्ञ हैं। उन्होंने वेलिंगटन स्थित डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज और गोवा के नेवल वॉर कॉलेज से नेवल हायर कमांड कोर्स किया है। 36 वर्षों से अधिक के अपने शानदार करियर में उन्होंने समुद्र और तट दोनों क्षेत्रों में कमांड, ऑपरेशनल, प्रशिक्षण और स्टाफ से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं।

रक्षा नेतृत्व में अनुभव और विशेषज्ञता को प्राथमिकता

एयर मार्शल तेजपाल सिंह और वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद की नियुक्तियां भारतीय रक्षा सेवाओं में अनुभव, परिचालन क्षमता और नेतृत्व कौशल को महत्व दिए जाने को दर्शाती हैं। दोनों अधिकारियों के पास आधुनिक युद्ध प्रणालियों, ऑपरेशनल तैयारियों और सैन्य रणनीति का व्यापक अनुभव है। इन नई नियुक्तियों के साथ भारतीय वायुसेना और नौसेना को वरिष्ठ नेतृत्व स्तर पर अनुभवी अधिकारियों की सेवाएं मिलेंगी, जो भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

यह भी पढ़ेंः-समुद्र मंथन योजना: घटेगी तेल-गैस आयात पर निर्भरता, ऊर्जा सुरक्षा को मिलेगा बढ़ावा, जानिए क्या है सरकार की मंशा?
 

अन्य प्रमुख खबरें