सीएम योगी के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर खिले अभ्यर्थियों के चेहरे, बोले-बिना भेदभाव के मिली नौकरी

खबर सार :-

यूपी लोक सेवा आयोग और यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से विभिन्न विभागों में चयनित अभ्यर्थियों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। आज इन युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं।
LUCKNOW-विभिन्न विभागों में चयनित अभ्यर्थी बोले, Thank you, CM

खबर विस्तार : -

लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से विभिन्न विभागों में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। शनिवार को लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर अभ्यर्थियों के चेहरे खिल उठे। युवाओं ने एक स्वर में भर्ती प्रक्रिया की सराहना की।

युवाओं ने कहा कि उनकी मेहनत का फल आज उन्हें मिला है। वहीं दूसरी ओर सरकार भी अपनी वाहवाही की तारीफें सुन रही थी। कई परीक्षाओं के बाद फिर पारदर्शिता का उत्साह छलक रहा था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले भी यूपी की भर्ती पर कहते रहे हैं कि उत्तर प्रदेश में निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के जरिए युवाओं को सरकारी नौकरी मिल रही है।

युवाओं का उत्साह यहां चरम पर था

इसी सम्बंध में शनिवार को लोकभवन में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से विभिन्न विभागों में चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से नियुक्ति पत्र देना शुरू किया तो अभ्यर्थियों के चेहरे पर मुस्कुराहट दौड़ पड़ी। उन्होंने यूपी की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की सराहना की। युवाओं का उत्साह यहां चरम पर था। 

नियुक्ति पत्र पाने वाले अभ्यर्थियों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इससे पहले कई परीक्षाओं के दागदार होने की शिकायत भी दूर कर दी गई। कई ऐसे युवा हैं, जिन्होंने कहा कि बिना किसी भेदभाव और लेन-देन के चयन प्रक्रिया पूरी हुई है। यहां योजना के अंतर्गत जगह पाने वालों में कुछ ने मीडिया से भी बात की। अयोध्या निवासी एक्सरे टेक्नीशियन पद पर चयनित प्रिंस सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति पत्र मिलना सौभाग्य की बात है।

फॉर्म भरने में केवल 150 रुपये खर्च हुए

परीक्ष की पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष रही। फॉर्म भरने में केवल 150 रुपये खर्च हुए थे। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि मात्र 150 रुपये में नौकरी मिल गई। परीक्षा से लेकर सफलता तक वाराणसी निवासी होम्योपैथिक फार्मासिस्ट साक्षी सिंह ने भी बात किया। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और मेहनत के कारण ही उन्हें नौकरी मिली है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलना उनके लिए सपना साकार होना है।

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होम्योपैथिक फार्मासिस्ट पद पर चयनित आकाश शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर बेहद खुश हैं। पिछली बार 400 और इस बार 393 रिक्तियां निकलीं। इससे दूसरे अभ्यर्थियों को भी प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि अब भर्तियों की जानकारी सभी को समय से मिल रही है। पारदर्शिता के कारण ही ज्यादातर युवा आवेदन कर तैयारी कर पा रहे हैं। युवाओं ने कई परीक्षाओं का जिक्र किया और कहा कि पूर्व में कुछ निराशा मिली थी। यही माहौल रहा तो योगी जी वास्तव में बधाई के पात्र हैं।  

योगी सरकार में दूसरी बार नियुक्ति पत्र मिला

गोरखपुर निवासी डॉ. सफिया बानो का चयन प्रवक्ता यूनानी के पद पर हुआ है। उनका कहना था कि भर्ती प्रक्रिया 15 महीने में पूरी हो गई। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर वह बेहद खुश हैं। वहीं होम्योपैथिक फार्मासिस्ट पल्लवी देवी ने कहा कि वह दो साल से तैयारी कर रही थीं। आज उनकी मेहनत का फल मिल गया है। बलरामपुर निवासी एक्सरे टेक्नीशियन पद पर चयनित शिव शंकर को योगी सरकार में दूसरी बार नियुक्ति पत्र मिला है।

शिव शंकर ने बताया कि वर्ष 2015 में भी उनका चयन हुआ था, लेकिन इंटरव्यू में वह सफल नहीं हो पाए थे। उन्होंने कहा कि योगी जी ने इंटरव्यू हटा दिया है और पूरी ईमानदारी से नियुक्तियां हो रही हैं। सहारनपुर निवासी होम्योपैथिक फार्मासिस्ट आराधना चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर उनका पूरा परिवार खुश है। उनका कहना है कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष रही। चयनित प्रिंसी गुप्ता ने कहा कि उन्हें मेहनत के आधार पर नौकरी मिली है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया है।

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