बच्चियों के संवेदनशील मामलों पर योगी सरकार सख्त, हर मसले को सुलझाएंगे ट्रेनर

खबर सार :-

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निश्चय किया है की बच्चियों को उनके आत्मसम्मान के लिए विशेष प्रकार की शिक्षा व्यवस्था दी जाए। उन्होंने उत्तर प्रदेश में इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए शिक्षकों का प्रशिक्षण करना शुरू कर दिया है। बच्चियों की शिक्षा में उनके आत्मसम्मान, सुरक्षा और नेतृत्व क्षमता को भी जोड़ा जाएगा।
बच्चियों के आत्म सम्मान पर सरकारी फोकस, प्रभावी संवाद करेंगे मास्टर ट्रेनर

खबर विस्तार : -

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर बेहद सख्त रहते हैं। महिलाओं पर अपराधों को लेकर भी उनका नजरिया जीरो टॉलरेंस पर ही रहता है। आत्म बल मजबूत करने और आत्म सम्मान बनाए रखने के लिए महिलाओं को कई प्रकार से जूझना पड़ता है। इसीलिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निश्चय किया है की बच्चियों को उनके आत्मसम्मान के लिए विशेष प्रकार की शिक्षा व्यवस्था दी जाए। उन्होंने उत्तर प्रदेश में इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए शिक्षकों का प्रशिक्षण करना शुरू कर दिया है।

प्रभावी संवाद को नजरंदाज नहीं किया जा सकता

बच्चियों की शिक्षा में उनके आत्मसम्मान, सुरक्षा और नेतृत्व क्षमता को भी जोड़ा जाएगा। इसीलिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों पर विद्यालयी वातावरण को अधिक संवेदनशील बनाने की दिशा में काम हो रहा है। शिक्षकों में ऐसी समझ विकसित की जा रही है जो यह पहचान सकेंगे की कौन सी बात और किस प्रकार के प्रयासों से बच्चियों के आत्म सम्मान को ठेस पहुंचती है। संवेदनशील मामले पर शिक्षकों की समझ विकसित की जा रही है। जिन विषयों पर आधारित शिक्षकों का प्रशिक्षण होगा उनमें शारीरिक बनावट रंग रूप क्षमता सोशल मीडिया और लिंग भेद आदि शामिल हैं।

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 450 मास्टर ट्रेनर्स को तैयार करने का लक्ष्य 

एक विशेष परियोजना फॉर इक्विटी के अंतर्गत दो दिवसीय प्रशिक्षण आज से शुरू कर दिया गया है। इसमें मीना मंच कार्यक्रम एवं सेल्फ-एस्टीम परियोजना के लिए दो बैच में 100 प्रतिभागियों को  प्रशिक्षण शुरू किया गया है। यह दो दिवसीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण है। व्यापक प्रशिक्षण रूपरेखा में कुल 450 मास्टर ट्रेनर्स को तैयार करने का लक्ष्य है। इसी परियोजना में बच्चों के संवेदनशील मामलों एवं उनके आत्मसम्मान, आत्म बल को विकसित करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

शिक्षकों को बच्चों के साथ प्रभावी संवाद के लिए तैयार करना है, ताकि विद्यालयों में  सम्मानजनक वातावरण मजबूत हो। सरकार की कोशिश है कि हर बालिका आत्मविश्वास के साथ अपनी शिक्षा और भविष्य की ओर आगे बढ़ सके। प्रशिक्षण में नव-विकसित चार कॉमिक पुस्तकों को शिक्षण संसाधन का रूप में दिया गया है। इनके माध्यम से रूप-रंग, शारीरिक बनावट, परेशान करने, बच्चों की धारणाओं, अपने शरीर से जुड़ाव आदि का प्रशिक्षण है। प्रशिक्षण में मीना मंच के गठन, ‘पॉवर एंजिल’ की भूमिका सराहनी है।

संवेदनशीन मसलों पर ध्यान देंगे स्कूल

एसटीएआरएस सिद्धांत के माध्यम से सिखाया जा रहा है कि वह सुरक्षित वातावरण में बच्चों की बात सुनने, बिना पूर्वधारणा के संवाद करने, सभी आवाजों को महत्व दें।
 प्रशिक्षण के पहले दिन लैंगिक अपराधों से बालकों को बचाने और पॉक्सो अधिनियम पर चर्चा की।  दूसरे दिन संशोधित ‘प्रगति के पंख’ मॉड्यूल के चार नए अध्यायों, 13 सत्रों और शिक्षक मार्गदर्शिका की समझ विकसित की जाएगी।  समूह अभ्यास और मॉक सत्रों के माध्यम से किशोर-किशोरियों के जीवन से जोड़े मामले का अभ्यास होगा।

कुछ विशेष अध्याय और ज्ञान आधारित बातें जैसे ‘अरमान’ मॉड्यूल और अभिभावक सत्रों की जानकारी भी दी जाएगी। ऐसी बिंदुओं को भी शामिल किया जाएगा जो कोर्ट से जुड़े हुए हैं और यह बालिकाओं के जीवन पर आधारित रहे हैं। मासिक धर्म स्वास्थ्य, गरिमा और विद्यालय की जिम्मेदारियों, शौचालय, पानी पर स्कूलों का ध्यान नहीं रहता है इसलिए इन विषयों को भी जोड़ा जा रहा है।

बच्चों के साथ प्रभावी संवाद को मजबूती मिलेगी

भविष्य को चरित्रवान और मजबूत तथा समृद्धि की ओर ले जाने वाली यह खास बिंदु आवश्यक उत्पाद, निस्तारण, गोपनीयता और जागरूकता जैसे विषयों पर विद्यालयी स्तर पर बदलाव किया जाना है। इन सभी पहलुओं पर राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा संदीप सिंह ने कहा कि सरकार बालिकाओं को शिक्षा के साथ संवेदनशील विषयों को समझना शिक्षकों के लिए बेहद आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि मीना मंच के माध्यम से शिक्षकों को तैयार करने से विद्यालयों में बच्चों के साथ अधिक संवेदनशील और प्रभावी संवाद को मजबूती मिलेगी। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने कहा कि बच्चों के आत्मसम्मान और सुरक्षित वातावरण के लिए शिक्षकों का संवेदनशील होना महत्वपूर्ण है।  प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स के माध्यम से यह समझ विद्यालय स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंचाई जाएगी।

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