AI बनेगा विकासशील देशों का गेमचेंजर! वर्ल्ड बैंक का दावा-‘सही रणनीति अपनाई तो बदल जाएगी तस्वीर’
खबर सार :-
वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट बताती है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विकासशील देशों के लिए तेज आर्थिक और सामाजिक बदलाव का बड़ा अवसर है। हालांकि इसका पूरा लाभ तभी मिलेगा, जब सरकारें डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, इंटरनेट, कौशल विकास और संस्थागत सुधारों पर तेजी से काम करें। सही नीतियों के साथ एआई विकास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासन को नई दिशा दे सकता है।
खबर विस्तार : -
World Bank Report 2026: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब केवल तकनीकी नवाचार का माध्यम नहीं, बल्कि विकासशील देशों के लिए आर्थिक और सामाजिक बदलाव का सबसे बड़ा अवसर बनकर उभर रहा है। वर्ल्ड बैंक की ताजा 'वर्ल्ड डेवलपमेंट रिपोर्ट 2026' के अनुसार, यदि विकासशील देश सही नीतियों और मजबूत संस्थागत ढांचे के साथ एआई को अपनाते हैं, तो वे महज एक दशक में वह प्रगति हासिल कर सकते हैं, जिसके लिए पहले कई दशकों या यहां तक कि एक सदी का समय लगता था। रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, न्यायिक सेवाओं और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। हालांकि इसके लिए बिजली, इंटरनेट, डिजिटल कौशल और संस्थागत गुणवत्ता जैसी बुनियादी चुनौतियों का समाधान जरूरी होगा।
AI से विकासशील देशों को मिलेगा नई रफ्तार का मौका
वर्ल्ड बैंक का मानना है कि एआई विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक ‘लाइफलाइन’ साबित हो सकता है। यह तकनीक सीमित संसाधनों वाले देशों को अधिक उत्पादक, कुशल और प्रतिस्पर्धी बना सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, विकासशील देशों में एआई का सबसे बड़ा लाभ यह है कि उन्हें अत्यधिक महंगे डेटा सेंटर या विशाल एआई मॉडल विकसित करने की आवश्यकता नहीं होगी। स्थानीय जरूरतों के अनुरूप छोटे और कम लागत वाले एआई समाधान भी बड़े बदलाव ला सकते हैं।

नौकरियों पर असर को लेकर राहत
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि जेनरेटिव एआई से नौकरियों पर पड़ने वाला प्रभाव विकसित और विकासशील देशों में अलग-अलग होगा। कम और मध्यम आय वाले देशों में केवल 4.5 प्रतिशत नौकरियां ऑटोमेशन के दायरे में आने की आशंका है, जबकि उच्च आय वाले देशों में यह आंकड़ा 14.2 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। इसका मतलब है कि विकासशील देशों में बड़े पैमाने पर रोजगार खत्म होने का खतरा अपेक्षाकृत कम है। इसके विपरीत, एआई से उत्पादकता बढ़ाने की संभावना काफी अधिक है। रिपोर्ट के अनुसार, विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में 16.2 प्रतिशत नौकरियों की उत्पादकता एआई की मदद से उल्लेखनीय रूप से बढ़ सकती है, जो विकसित देशों के 18.7 प्रतिशत के काफी करीब है।
स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि में बड़ा बदलाव
वर्ल्ड बैंक ग्रुप के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और मुख्य अर्थशास्त्री इंद्रमित गिल ने कहा कि एआई विकासशील देशों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है। उनके अनुसार, छोटे और सस्ते एआई टूल्स को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप ढालकर लाखों लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, न्यायिक सहायता और आधुनिक कृषि सलाह पहुंचाई जा सकती है। उदाहरण के तौर पर एआई डॉक्टरों को बीमारी की पहचान में सहायता दे सकता है, किसानों को मौसम और फसल प्रबंधन से जुड़े बेहतर निर्णय लेने में मदद कर सकता है तथा छोटे कारोबारों की कार्यक्षमता बढ़ा सकता है।
सरकारी सेवाएं भी होंगी ज्यादा प्रभावी
रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई केवल निजी क्षेत्र ही नहीं बल्कि सरकारी प्रशासन को भी अधिक प्रभावी बना सकता है। सरकारें टैक्स संग्रह, सामाजिक कल्याण योजनाओं की निगरानी, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं कुशल बनाने के लिए एआई का उपयोग कर सकती हैं। विशेष रूप से उन देशों में, जहां प्रशिक्षित मानव संसाधन, विश्वसनीय रिकॉर्ड और प्रशासनिक क्षमता सीमित है, वहां एआई प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
इन चुनौतियों को दूर करना होगा जरूरी
वर्ल्ड बैंक ने चेतावनी भी दी है कि यदि एआई को बिना तैयारी और उचित नीतियों के अपनाया गया तो इसके नकारात्मक परिणाम भी सामने आ सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, यदि बिजली, इंटरनेट कनेक्टिविटी, डिजिटल कौशल और संस्थागत गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ तो एआई का लाभ सीमित रह जाएगा। इसके अलावा देशों के बीच तकनीकी असमानता और बढ़ सकती है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एआई का अत्यधिक केंद्रीकरण बाजार की शक्ति कुछ कंपनियों तक सीमित कर सकता है, जिससे प्रतिस्पर्धा प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा डेटा सुरक्षा, निजता, नागरिक अधिकार और सामाजिक विश्वास से जुड़े नए जोखिम भी पैदा हो सकते हैं।
धीमी विकास दर के बीच AI नई उम्मीद
वर्ल्ड बैंक के अनुसार, विकासशील अर्थव्यवस्थाएं फिलहाल पिछले तीन दशकों की सबसे कम औसत आर्थिक विकास दर का सामना कर रही हैं। ऐसे समय में एआई विकास का नया इंजन बन सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकारें समय रहते डिजिटल बुनियादी ढांचे में निवेश करें, कौशल विकास को प्राथमिकता दें और जिम्मेदार एआई नीतियां लागू करें, तो यह तकनीक आर्थिक विकास के साथ सामाजिक समावेशन को भी मजबूत कर सकती है। रिपोर्ट इस बात पर जोर देती है कि एआई को केवल तकनीकी नवाचार नहीं बल्कि विकास नीति का अहम हिस्सा बनाया जाना चाहिए। इससे लाखों लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने और सरकारी सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने का अवसर मिलेगा।
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