​​​​​​​Paytm ने रचा नया इतिहास: पहली तिमाही में 203 करोड़ का रिकॉर्ड एबिटा, मुनाफा और कारोबार दोनों में जबरदस्त उछाल

खबर सार :-

पेटीएम के पहली तिमाही के नतीजे बताते हैं कि कंपनी अब केवल डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि तेजी से विकसित होती वित्तीय सेवा और एआई-आधारित टेक कंपनी बन चुकी है। मजबूत राजस्व, रिकॉर्ड एबिटा, बढ़ता मुनाफा और यूपीआई व मर्चेंट बिजनेस में तेज विस्तार भविष्य में भी कंपनी की लाभप्रदता और विकास की संभावनाओं को मजबूत संकेत देते हैं।
​​​​​​​Paytm ने रचा नया इतिहास: पहली तिमाही में 203 करोड़ का रिकॉर्ड एबिटा, मुनाफा और कारोबार दोनों में जबरदस्त उछाल

खबर विस्तार : -

Paytm EBITDA Record: डिजिटल पेमेंट और वित्तीय सेवाओं की अग्रणी कंपनी पेटीएम (वन 97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड) ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) में शानदार वित्तीय प्रदर्शन करते हुए नया रिकॉर्ड कायम किया है। कंपनी ने सोमवार को अपने तिमाही नतीजों की घोषणा करते हुए बताया कि जून 2026 को समाप्त तिमाही में उसका एबिटा (EBITDA) 203 करोड़ रुपये रहा, जो अब तक का सबसे अधिक तिमाही एबिटा है। मजबूत मर्चेंट बिजनेस, उपभोक्ता सेवाओं में तेजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित परिचालन दक्षता ने कंपनी के प्रदर्शन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

कंपनी के अनुसार, पहली तिमाही में परिचालन राजस्व (ऑपरेशनल रेवेन्यू) सालाना आधार पर 28 प्रतिशत बढ़कर 2,448 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, एबिटा में 182 प्रतिशत की रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई, जिससे यह बढ़कर 203 करोड़ रुपये पहुंच गया। इसके साथ ही कंपनी का एबिटा मार्जिन बढ़कर 8 प्रतिशत हो गया, जो परिचालन मजबूती का संकेत देता है।

कंपनी के शुद्ध लाभ में सालाना 79 प्रतिशत की बढत

पेटीएम ने बताया कि तिमाही के दौरान कर पश्चात लाभ (PAT) में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला। कंपनी का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 79 प्रतिशत बढ़कर 220 करोड़ रुपये रहा। यदि दिसंबर 2025 तक लागू पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (PIDF) प्रोत्साहन को तुलना से अलग रखा जाए तो परिचालन राजस्व में 31 प्रतिशत और एबिटा मार्जिन में 7 प्रतिशत अंकों की वृद्धि दर्ज की गई। कंपनी के मर्चेंट बिजनेस ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर लाइसेंस मिलने के बाद डिजिटल व्यापारियों की संख्या और लेनदेन में लगातार वृद्धि हुई है। डिवाइस, वितरण और सेवा नेटवर्क में निवेश का सकारात्मक असर दिखाई दिया, जिसके चलते मर्चेंट ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) सालाना आधार पर 31 प्रतिशत बढ़कर 7.1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई। वहीं, नेट पेमेंट रेवेन्यू भी 25 प्रतिशत बढ़कर 601 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी का कहना है कि भुगतान प्रसंस्करण मार्जिन में संरचनात्मक सुधार और डिवाइस मर्चेंट्स की संख्या बढ़कर 1.57 करोड़ होने से यह वृद्धि संभव हुई।

वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में मजबूत प्रदर्शन

वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में भी पेटीएम ने मजबूत प्रदर्शन किया। इस कारोबार से होने वाली आय 45 प्रतिशत बढ़कर 814 करोड़ रुपये हो गई। कंपनी ने बताया कि मर्चेंट लोन वितरण, उपभोक्ता ऋण, इक्विटी ब्रोकिंग और वेल्थ प्रोडक्ट्स में बेहतर प्रदर्शन के कारण यह वृद्धि दर्ज की गई। खास बात यह रही कि कुल मर्चेंट लोन वितरण में आधे से अधिक हिस्सेदारी दोबारा ऋण लेने वाले ग्राहकों की रही, जिससे ग्राहक विश्वास और सेवाओं की स्वीकार्यता का पता चलता है। कंज्यूमर यूपीआई बिजनेस भी लगातार मजबूत हो रहा है। पेटीएम ने लगातार पांचवीं तिमाही में बाजार हिस्सेदारी बढ़ाई है। कंपनी का यूपीआई ग्रॉस ट्रांजैक्शन वैल्यू (GTV) सालाना आधार पर 45 प्रतिशत बढ़कर 5.9 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो उद्योग की औसत वृद्धि दर से 2.2 गुना अधिक है। मासिक सक्रिय लेनदेन करने वाले उपयोगकर्ताओं की संख्या भी 60 लाख बढ़कर 8 करोड़ तक पहुंच गई।

एआई आधारित तकनीकों का बेहतर इस्तेमाल

कंपनी ने कहा कि एआई आधारित तकनीकों ने उपभोक्ता अनुभव, ग्राहक जुड़ाव, रिटेंशन और कमाई के अवसरों को बेहतर बनाया है। साथ ही, एआई प्लेटफॉर्म व्यापारियों के लिए उत्पादकता और ग्राहकों के लिए व्यक्तिगत सेवाओं को मजबूत बना रहा है। जून 2026 तक कंपनी के पास 13,529 करोड़ रुपये का नकद भंडार था, जो भविष्य के विस्तार और निवेश योजनाओं के लिए मजबूत वित्तीय आधार प्रदान करता है।

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