US Threatens Iran: अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर चली आ रही तनातनी एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। न्यूक्लियर प्रोग्राम और बैलिस्टिक मिसाइल उत्पादन को सीमित करने पर दोनों देशों के बीच शुरुआती बातचीत बेनतीजा रही। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनी ने हालात को और भड़का दिया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ सोशल’ पर ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तेहरान ने समझौते की राह नहीं पकड़ी, तो अमेरिका का अगला सैन्य हमला पहले से कहीं ज्यादा विनाशकारी होगा। उन्होंने 2025 में ईरान के तीन न्यूक्लियर ठिकानों पर हुए अमेरिकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि वह सिर्फ शुरुआत थी।
ट्रंप की धमकी के बाद ईरान आगबबूला हो गया। सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के एक शीर्ष सलाहकार ने साफ कहा कि अगर अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई की, तो ईरान इजराइल को सीधे टारगेट करेगा। ईरान ने यह भी दोहराया कि किसी भी हमले का तुरंत और कड़ा जवाब दिया जाएगा।
इस तनाव के बीच ईरान के अंदर भी हालात स्थिर नहीं हैं। हाल ही में खामेनेई सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इन प्रदर्शनों में हजारों लोगों की मौत हुई, जबकि हजारों को गिरफ्तार किया गया। सुरक्षा बलों पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसक कार्रवाई के आरोप लगे हैं, जिससे सरकार की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हो रही है।

ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी युद्धपोतों का एक विशाल बेड़ा तेजी से ईरान की ओर बढ़ रहा है। इस आर्मडा की अगुवाई एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन कर रहा है। ट्रंप ने इसकी तुलना वेनेजुएला मिशन से करते हुए कहा कि यह बेड़ा किसी भी समय कार्रवाई के लिए तैयार है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने लिखा कि समय तेजी से निकल रहा है और ईरान को अब भी डील कर लेनी चाहिए। उन्होंने ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ का हवाला देते हुए कहा कि उस ऑपरेशन में ईरान को भारी नुकसान हुआ था और अगर हालात नहीं बदले, तो अगली कार्रवाई और भी गंभीर होगी।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वॉशिंगटन अब ईरान के शीर्ष नेताओं और सुरक्षा अधिकारियों पर सीधे हमले जैसे विकल्पों पर भी विचार कर रहा है। इसके अलावा न्यूक्लियर साइट्स और सरकारी संस्थानों को टारगेट करने की योजना भी संभावित विकल्पों में शामिल है। हालांकि ट्रंप ने अभी अंतिम फैसला नहीं लिया है, लेकिन सैन्य दबाव लगातार बढ़ाया जा रहा है।
अन्य प्रमुख खबरें
टैरिफ टकराव पर पिघली बर्फ! अमेरिका-दक्षिण कोरिया के बीच ‘कुछ’ समाधान के संकेत
India-EU FTA से खुलेगा विकास और रोजगार का नया अध्याय, व्यापार से तकनीक तक साझेदारी होगी मजबूत
अमेरिका ने WHO से तोड़ा नाता, कोविड विफलताओं पर ट्रंप प्रशासन का बड़ा फैसला
मैक्रों बनाम ट्रंप प्रशासनः ग्रीनलैंड पर नाटो अभ्यास की मांग से बढ़ा ट्रांसअटलांटिक तनाव
27 साल और तीन सफल मिशन...अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स NASA से हुईं रिटायर
जेडी और ऊषा वेंस के घर फिर बजेगी खुशियों की घंटी, गूंजेगी चौथे बच्चे की किलकारी
ढाका में गहराता ऊर्जा संकटः शासन की विफलता या सुधारों की आड़ में लापरवाही का नतीजा
नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर नॉर्वे के पीएम पर बिफरे ट्रंप, ग्रीनलैंड पर पूर्ण नियंत्रण की कही बात