Middle East War: मध्य पूर्व में जारी युद्ध ने एक बार फिर खतरनाक मोड़ ले लिया है। इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव, हमास और हिज्बुल्लाह की सक्रियता तथा लेबनान में इजरायली हमलों ने पूरे क्षेत्र को युद्ध के बड़े खतरे में डाल दिया है। ताजा घटनाक्रम में इजरायली सेना ने दावा किया है कि उसने लेबनान में हिज्बुल्लाह के करीब 70 ठिकानों को निशाना बनाया है, जिनमें कई सैन्य और खुफिया केंद्र शामिल हैं।
इजरायल डिफेंस फोर्सेज यानी Israel Defense Forces (आईडीएफ) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि इन हमलों में आतंकवादी ढांचे, हथियार भंडारण केंद्र, कमांड सेंटर और बेरूत में स्थित Islamic Revolutionary Guard Corps एयर फोर्स मुख्यालय को निशाना बनाया गया। इजरायली सेना के मुताबिक इन हमलों के जरिए हिज्बुल्लाह की सैन्य क्षमता को कमजोर करने की कोशिश की गई है।

आईडीएफ ने यह भी बताया कि महज 30 मिनट के भीतर दक्षिणी बेरूत के दहिह इलाके में हिज्बुल्लाह के 10 मुख्यालयों पर सटीक हमले किए गए। इनमें संगठन का इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर, राडवान यूनिट का कमांड सेंटर और कई अन्य रणनीतिक ठिकाने शामिल थे। सेना का दावा है कि हमलों के दौरान बड़ी संख्या में हिज्बुल्लाह लड़ाके मारे गए, जो इजरायल पर हमले की तैयारी कर रहे थे। इसके साथ ही कई रॉकेट लॉन्चर भी नष्ट कर दिए गए जो हमले के लिए तैयार अवस्था में थे।
लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इजरायल ने पूर्वी लेबनान के बालबेक जिले के कसर नबा इलाके में एक इमारत पर दो एयर स्ट्राइक किए। पहले हमले में विस्फोट नहीं हुआ, जिसके बाद दूसरा हमला किया गया। बताया जा रहा है कि इस इमारत को पहले ही इजरायल की ओर से संभावित लक्ष्य घोषित किया गया था। दक्षिणी लेबनान के खियाम शहर से भी भारी गोलाबारी की खबरें सामने आई हैं। यहां इजरायली सेना और हिज्बुल्लाह के लड़ाकों के बीच तीखी झड़प जारी है। इसके अलावा इजरायली सेना ने बेका वैली के पूर्वी गांव डौरिस के निवासियों को इलाके को खाली करने की चेतावनी दी है। सेना के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह हमला हिज्बुल्लाह के सैन्य ढांचे को नष्ट करने के लिए किया जाएगा।

मध्य पूर्व में तनाव तब और बढ़ गया जब 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल की संयुक्त एयर स्ट्राइक में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के मारे जाने की खबर सामने आई। इस घटना के बाद हिज्बुल्लाह ने इजरायल के खिलाफ बदला लेने की धमकी दी और इजरायली शहरों की ओर रॉकेट दागने शुरू कर दिए। इसके जवाब में इजरायल ने लेबनान में बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजरायली जवाबी हमलों की शुरुआत से अब तक कम से कम 570 लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में कई बच्चे और स्वास्थ्यकर्मी भी शामिल हैं। बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं और हजारों नागरिकों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है।
इस युद्ध का असर केवल लेबनान तक सीमित नहीं है। गाजा पट्टी में पहले से ही जारी इजरायल और हमास के संघर्ष ने व्यापक मानवीय संकट पैदा कर दिया है। अस्पतालों, स्कूलों और नागरिक ढांचों को भारी नुकसान हुआ है। अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द युद्धविराम नहीं हुआ तो पूरे क्षेत्र में मानवीय स्थिति और गंभीर हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान समर्थित संगठनों और इजरायल के बीच बढ़ता सैन्य टकराव मध्य पूर्व को बड़े क्षेत्रीय युद्ध की ओर धकेल सकता है। फिलहाल दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कूटनीतिक प्रयास इस संघर्ष को रोक पाएंगे या आने वाले दिनों में हिंसा और बढ़ेगी।
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