North Korea ballistic missiles fires : पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच, अब पूर्वी एशिया में भी तनाव बढ़ने लगा है। ईरान-इजरायल जंग के बीच नॉर्थ कोरिया ने शनिवार (14 मार्च) को कई मिसाइलें दागी। उत्तर कोरिया ने 1 या 2 नहीं बल्कि 10 मिसाइलें दागी हैं। जिससे से साउथ कोरिया से लेकर जापान तक हड़कंप मचा हुआ है। दक्षिण कोरिया और जापान ने इसकी पुष्टि की है। ये मिसाइले जापान सागर की तरफ़ दागी गई, जिसे उत्तर और दक्षिण कोरिया 'पूर्वी सागर' कहा जाता है। ये घटना ऐसे समय में हुए जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया की सेनाएं संयुक्त सैन्य अभ्यास कर रही थीं, इन दोनों देशों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है।
दरअसल उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन (Kim Jong Un) को चीन और रूस का करीबी सहयोगी माना जाता है, जबकि दक्षिण कोरिया लंबे समय से संयुक्त राज्य अमेरिका का सहयोगी रहा है। इसी वजह से वहां अमेरिकी सैन्य बेस भी है। किम जोंग उन ने ऐसे समय में मिसाइल दागी, जब संयुक्त राज्य अमेरिका ने दक्षिण कोरिया से अपने कुछ THAAD मिसाइल रक्षा प्रणालियों को हटा लिया था। परिणामस्वरूप, उत्तर कोरिया की इस कार्रवाई ने दक्षिण कोरिया की चिंताओं को बढ़ा दिया है।
साउथ कोरिया का कहना है कि नॉर्थ कोरिया ने समुद्र की तरफ़ बैलिस्टिक मिसाइल दागी गई है। दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ़्स ऑफ़ स्टाफ़ ने बताया कि ये मिसाइलें देश के पूर्वी तट से दूर समुद्र की ओर दोपहर लगभग 1:20 बजे दागी गईं, जो राजधानी प्योंगयांग के पास के एक इलाके से छोड़ी गई थीं। इससे पहले, 27 जनवरी को, उत्तर कोरिया ने जापान सागर की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं; आकलन से पता चला कि ये मिसाइलें भी जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के बाहर गिरी थीं। उधर जापान के प्रधानमंत्री के ऑफ़िस ने यह खबर जारी की है। X पर एक पोस्ट में कहा गया, "[इमरजेंसी अलर्ट] नॉर्थ कोरिया ने एक संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की है। जल्द ही और जानकारी दी जाएगी।"
यह मिसाइल तब दागी गई जब अमेरिका और साउथ कोरिया अपनी सालाना स्प्रिंगटाइम संयुक्त सैन्य अभ्यास कर रहे थे, जिसमें हजारों सैनिक हिस्सा ले रहे हैं। 11-दिवसीय 'फ्रीडम शील्ड' अभ्यास, जो 19 मार्च तक चलेगा, यह संयुक्त राज्य अमेरिका और दक्षिण कोरिया की सेनाओं द्वारा आयोजित किए जाने वाले दो वार्षिक कमांड पोस्ट अभ्यासों में से एक है।
इसी के चलते लगभग 28,500 अमेरिकी सैनिक, लड़ाकू विमानों के कई स्क्वाड्रनों के साथ वर्तमान में दक्षिण कोरिया में तैनात हैं। इस बीच, ट्रंप प्रशासन भी ईरान के खिलाफ एक बढ़ती हुई जंग छेड़ रहा है। इज़रायल और US ने हाल ही में ईरान पर एक जॉइंट हमला किया है, यह जंग हर दिन बढ़ रही है और हर जगह तबाही मचा रही है। इससे ईरान से लेकर इज़रायल और अमिरेका तक सभी को नुकसान हो रहा है, क्योंकि ईरान खाड़ी में अमेरिकी बेस को टारगेट कर रहा है।
रिपोर्ट की माने तो नॉर्थ कोरिया ने समुद्र की तरफ़ मिसाइल दागी है। वे अक्सर समुद्र की तरफ़ मिसाइल टेस्ट करते रहते हैं। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब किम जोंग-उन के देश ने ऐसी कार्रवाई की है। इसकी टाइमिंग बहुत अहम है। मिडिल ईस्ट में पहले से ही हालात बहुत तनावपूर्ण हैं। US और इज़राइल मिलकर ईरान पर हमले कर रहे हैं। ऐसे में नॉर्थ कोरिया की तरफ से मिसाइल दागे जाने से एशिया के दूसरे ज़ोन में भी हालात तनावपूर्ण होने की संभावना बढ़ गई है।
दरअसल उत्तर कोरिया लंबे समय से अपने साथियों की मिलिट्री अभ्यास को "हमले की रिहर्सल" बताता रहा है। वह अक्सर इसका इस्तेमाल अपने सैन्य प्रदर्शनों या हथियारों की टेस्टिंग को तेज़ करने के बहाने के तौर पर करता है। यह मिसाइल लॉन्च उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन की प्रभावशाली बहन के मंगलवार को वाशिंगटन और सियोल की आलोचना किए जाने के कुछ ही दिनों बाद हुआ। उन्होंने वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरनाक मोड़ पर अपनी सैन्य अभ्यास जारी रखने के लिए दोनों देशों की सैन्य अभ्यास जारी रखने के लिए इन दोनों देशों की आलोचना की थी और चेतावनी दी कि नॉर्थ कोरिया की सिक्योरिटी को कोई भी चुनौती देने के गंभीर नतीजे होंगे।
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