स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास फिर समुद्री हादसा! जहाज से उठा धुआं, बढ़ी सुरक्षा चिंताएं

खबर सार :-
भारत के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की थी कि नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के उप प्रमुख जैसन मीक्स को तलब कर घटना पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया गया। विदेश मंत्रालय ने इस मामले को गंभीर बताते हुए भारतीय नागरिकों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चिंता जताई थी।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास फिर समुद्री हादसा! जहाज से उठा धुआं, बढ़ी सुरक्षा चिंताएं
खबर विस्तार : -

मस्कट/नई दिल्लीः दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के निकट एक और जहाज से जुड़ी घटना सामने आई है। ओमान के शिनास बंदरगाह के पास एक पोत को नुकसान पहुंचने की खबर के बाद क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंताएं और गहरा गई हैं। ओमान स्थित संबंधित दूतावास ने गुरुवार को कहा कि वह पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है।

दूतावास ने जारी किया बयान

दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि उसे गुरुवार को ओमान के शिनास बंदरगाह के निकट एक पोत से संबंधित घटना की जानकारी मिली है। बयान में कहा गया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और अधिक जानकारी जुटाने के लिए स्थानीय प्रशासन एवं संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है।

इस बीच भारतीय फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ने घटना से जुड़ी तस्वीरें साझा की हैं, जिनमें एक जहाज से धुआं उठता दिखाई दे रहा है। यूनियन के अनुसार प्रभावित जहाज का नाम ‘एमटी जलवीर’ है। संगठन द्वारा साझा की गई लोकेशन के अनुसार यह पोत ओमान की खाड़ी में शिनास तट से कुछ दूरी पर मौजूद था। यह इलाका ओमान के उत्तरी भाग में स्थित है और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) तथा ओमान के बीच व्यस्त समुद्री मार्गों के करीब पड़ता है।

जानकारी जुटाने में लगी एजेंसी

हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जहाज को नुकसान किस वजह से पहुंचा और उसमें मौजूद चालक दल की स्थिति क्या है। स्थानीय समुद्री एजेंसियां और संबंधित अधिकारी मामले की जांच में जुटे हुए हैं। अधिकारियों की ओर से फिलहाल विस्तृत जानकारी जारी नहीं की गई है।

यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा पहले से ही अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय बनी हुई है। मंगलवार को भी एक पालाउ-ध्वज वाले वाणिज्यिक जहाज से जुड़ी गंभीर घटना सामने आई थी। उस जहाज में सवार 24 लोगों में से 21 नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया था, जबकि तीन अन्य लापता बताए गए थे। इस घटना को लेकर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी।

जहाज ने मांगी थी सहायता

उधर, अमेरिकी सेना की यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने दावा किया था कि उसने मंगलवार शाम ओमान की खाड़ी से गुजर रहे ‘सेट्टेबेलो’ नामक जहाज पर कार्रवाई की थी। सेंटकॉम के अनुसार जहाज ईरानी तेल लेकर जा रहा था और उसने अमेरिकी बलों के निर्देशों का पालन नहीं किया था।

हालांकि बाद में सामने आई जानकारी के अनुसार वह एक रासायनिक एवं तेल उत्पाद टैंकर था, जिसने सोहार बंदरगाह से लगभग 20 समुद्री मील उत्तर-पूर्व में अपने इंजन रूम में आग लगने की सूचना दी थी। जहाज ने इसके बाद आपातकालीन सहायता की मांग की थी।

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और समुद्री मार्गों पर लगातार सामने आ रही घटनाओं ने वैश्विक व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय नौवहन सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और ओमान की खाड़ी जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की अस्थिरता का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।


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