तेहरान: ईरान की सत्ता में एक बड़े युग का परिवर्तन हो गया है। पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मुजतबा खामेनेई को आधिकारिक तौर पर ईरान का नया 'सुप्रीम लीडर' चुन लिया गया है। जिम्मेदारी संभालते ही मुजतबा ने अपने पहले संबोधन में कड़े तेवर दिखाए हैं, जिससे पश्चिम एशिया में तनाव और गहराने की आशंका बढ़ गई है।
ईरान के सरकारी टेलीविजन पर एक समाचार एंकर के माध्यम से पढ़े गए संदेश में मुजतबा खामेनेई ने सीधे तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने की शक्ति का उपयोग करने की बात कही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान अपने शत्रुओं को कड़ा सबक सिखाने के लिए तैयार है। मुजतबा ने अपने संदेश में कहा, "हमारे शत्रुओं को होर्मुज और अन्य मोर्चों पर आकर पछताना होगा। उन्हें हमें हराने का कोई अनुभव नहीं है और हम अपनी पूरी सैन्य ताकत के साथ लड़ेंगे।"
नए सुप्रीम लीडर ने केवल इजरायल ही नहीं, बल्कि पड़ोसी खाड़ी देशों को भी निशाने पर लिया है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि खाड़ी देशों को अपने यहाँ मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को तुरंत बंद कर देना चाहिए। मुजतबा ने मीनाब स्कूल हमले का जिक्र करते हुए 'शहीदों' का बदला लेने की कसम भी खाई।
सोमवार को राजधानी तेहरान के एंगहेलाव स्क्वेयर पर हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा हुए। 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' की अपील पर जुटे इन लोगों के हाथों में मुजतबा खामेनेई की तस्वीरें और ईरान के झंडे थे। लोग "लबैक या खामेनेई" के नारों के साथ अपने नए नेता का समर्थन कर रहे थे। तेहरान के अलावा ईरान के अन्य बड़े शहरों में भी इसी तरह की रैलियां निकाली गईं।
ईरानी राजनीति के गलियारों में मुजतबा खामेनेई को उनके पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की तुलना में कहीं अधिक कट्टरपंथी और सख्त मिजाज नेता माना जाता है। 56 वर्षीय मुजतबा का अब तक का सफर भले ही बिना किसी औपचारिक राजनीतिक पद के रहा हो, लेकिन वे दशकों से परदे के पीछे रहकर ईरानी सत्ता के असली 'पावर सेंटर' के रूप में उभरे हैं। उनकी सबसे बड़ी ताकत ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) के साथ उनके बेहद करीबी और रणनीतिक रिश्ते हैं, जो उन्हें सेना पर मजबूत पकड़ प्रदान करते हैं। रक्षा विशेषज्ञों का तो यहाँ तक मानना है कि मुजतबा का सर्वोच्च नेता बनना ईरान के परमाणु कार्यक्रम में एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है। जहाँ उनके पिता परमाणु हथियार बनाने के फैसले पर हिचकिचाते रहे, वहीं मुजतबा इस दिशा में अंतिम और कड़ा कदम उठाकर दुनिया को चौंका सकते हैं।
गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा तेहरान में किए गए भीषण हमले में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इस हमले में उनके कंपाउंड को निशाना बनाया गया था। इसके बाद से ही मुजतबा को उत्तराधिकारी बनाने की चर्चा तेज थी। हालांकि, कुछ हलकों में 'वंशवाद' को लेकर विरोध भी हुआ, लेकिन 'एक्सपर्ट असेंबली' ने मुजतबा के नाम पर मुहर लगाकर नेतृत्व के संकट को खत्म कर दिया।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्गों में से एक है। मुजतबा खामेनेई की इसे बंद करने की धमकी से वैश्विक तेल कीमतों में उछाल आ सकता है। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अमेरिका और इजरायल ईरान के इस नए और आक्रामक नेतृत्व को कैसे जवाब देते हैं।
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