लखनऊ : मार्च 2022 में आलमबाग बस टर्मिनल पर तैनात महिला केंद्र प्रभारी ज्योति अवस्थी ने यात्रियों से मारपीट की थी। यात्री रिफंड सम्बंधी जानकारी हासिल करने आलमबाग बस अड्डे गया हुआ था। इस बात से खफा महिला केंद्र प्रभारी ने यात्री से अभद्रता करते हुए जमकर पिटाई की थी। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। जिसके बाद यह मामला सीएम योगी आदित्यनाथ तक पहुंच गया। मामला संज्ञान में आते ही सीएम ने तत्काल हटाने का आदेश दिया था।
उक्त महिला केंद्र प्रभारी को ड्यूटी से गायब रहने और लौटने पर उपस्थिति रजिस्टर पर साइन करने के मामले में तत्कालीन अपर प्रबंध निदेशक ने संस्पेंड भी किया था। उस दौरान महिला अफसर के खिलाफ कई गंभीर शिकायतें भी की गई थीं। गंभीर शिकायतों को लेकर ड्यूटी लॉग बुक में खराब श्रेणी की टिप्पणी तक की गई थी। बावजूद इसके सभी आरोपों से बरी करते हुए अपर प्रबंध निदेशक ने कार्य व व्यवहार संतोषजनक बताते हुए श्रेणी अच्छा का आदेश जारी किया है।
परिवहन निगम में लखनऊ में केंद्र प्रभारी रहते हुए ज्योति अवस्थाी के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि दी जा चुकी है। ज्योति इस समय कानपुर में वरिष्ठ लिपिक के पद पर तैनात हैं। यही नहीं, अवध डिपो में एआरएम ने निलंबित भी किया था। इसकी सहमति जीएम कार्मिक ने दी थी। अवध डिपो में ड्यूटी के दौरान ज्योति अवस्थी के खिलाफ जांच में अधिकारियों पर आरोप लगाने की आदी होने का भी आरोप लगा था। इसको लेकर प्रतिकूल प्रविष्टि के साथ खराब श्रेणी अंकित की गई थी।
कई प्रकरणों के खिलाफ ज्योति अवस्थी ने बीते 17 दिसंबर को प्रत्यावेदन दिया था। जिसमें उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया था। प्रतिकूल प्रविष्टि को खत्म करने को कहा था। अपर एमडी ने पूरे मामले की जांच कर चार जून को आदेश जारी किया है। उनका कहना है कि जांच के बाद यह निष्कर्ष निकला कि ज्योत्ति अवस्थी को वित्तीय वर्ष 2023-24 में मात्र 54 दिनों के कार्य के आधार पर उनके व्यवहार को असंतोषजनक लिखा गया है।
नियम के अनुसार यह जरूरी है कि सक्षम प्राधिकारी द्वारा सम्बंधित कर्मचारी का कार्य व व्यवहार कम से कम 03 माह तक देखा जाए। इस प्रकरण में प्रविष्टि अंकित करते समय इस स्थापित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। इसलिए प्रतिकूल प्रतिष्टि को विलोपित करते हुए प्रविष्टि में कार्य व व्यवहार को संतोषजनक और श्रेणी अच्छा अंकित करने का आदेश दिया गया था।
ज्योति अवस्थी के मामले में आया नया आदेश परिवहन निगम में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर परिवहन निगम की छवि को धूमिल किए जाने के मामले में सीएम को हस्तक्षेप करना पड़ा था। तत्कालीन क्षेत्रीय प्रबंधक पर भी सवाल उठे थे। ऐसे में इन मामलों को कैसे अनदेखा किया जा सकता है। घर रहकर नौकरी करने, यात्रियों से मारपीट करने, लगेज में गोलमाल करने सहित कई गंभीर आरोप हैं। यही नहीं, तत्कालीन अपर एमडी अन्नपूर्णा गर्ग से अभद्रता का भी आरोप है। ऐसे गंभीर आरोपों में आरोपी का कार्य व व्यवहार संतोषजनक मिलना निगम में खूब चर्चा का विषय बना हुआ है।
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