DGP Appointment 2025: उत्तर प्रदेश में शीर्ष पुलिस पद यानी महानिदेशक पुलिस (DGP) की दौड़ अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। वर्तमान कार्यवाहक डीजीपी प्रशांत कुमार 31 मई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं और मिली जानकारी के अनुसार उनका कार्यकाल आगे बढ़ाए जाने की संभावना फिलहाल नहीं दिख रही है। उम्मीद की जानी चाहिए इस बार यूपी पुलिस को अपना पूर्णकालिक डीजीपी मिल जाएगा। ऐसे में जल्द ही प्रदेश को नया पूर्णकालिक डीजीपी मिलने की संभावना है। इस पद के लिए केंद्र को भेजी जाने वाली वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की सूची लगभग तैयार हो चुकी है, जिनमें कई वरिष्ठ और चर्चित नाम शामिल हैं।
राजीव कृष्ण:
1991 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी, इस समय उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अध्यक्ष और साथ ही विजिलेंस के निदेशक के रूप में कार्यरत हैं। उनकी सेवानिवृत्ति में अभी चार वर्ष शेष हैं। सेवा काल और प्रशासनिक अनुभव उन्हें एक मज़बूत दावेदार बनाता है।
दलजीत सिंह चौधरी:
वर्तमान में बीएसएफ में डीजी पद पर तैनात हैं और केंद्र सरकार के अनुभवी अधिकारी माने जाते हैं। उनके पास अभी छह महीने से अधिक का कार्यकाल शेष है। यूपी कैडर से होने के चलते उनकी वापसी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
आलोक शर्मा:
एसपीजी (विशेष सुरक्षा समूह) की कमान संभाल रहे आलोक शर्मा भी उत्तर प्रदेश कैडर के तेजतर्रार और अनुशासनप्रिय अधिकारी माने जाते हैं। उनके पास भी छह माह से अधिक का कार्यकाल बचा है और सुरक्षा के क्षेत्र में उनका अनुभव काफी गहरा है।
एमके बसाल:
1990 बैच के अधिकारी एमके बसाल वरिष्ठता क्रम में काफी ऊपर हैं। उन्होंने कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक मामलों में लंबा अनुभव अर्जित किया है। वह भी एक मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।
तिलोत्तमा वर्मा:
डीजी प्रशिक्षण के पद पर कार्यरत तिलोत्तमा वर्मा अगर चयनित होती हैं तो वह प्रदेश की पहली महिला डीजीपी होंगी। उनका लंबा कार्यकाल सीबीआई में रहा है, जिससे उनकी प्रोफेशनल क्षमता और पारदर्शिता का अनुभव उन्हें विशिष्ट बनाता है।
अन्य संभावित नाम:
वरिष्ठता सूची में आदित्य मिश्रा, संदीप तालुके और रेणुका मिश्रा जैसे अधिकारी भी शामिल हैं, लेकिन सबसे चौंकाने वाला नाम जो सुर्खियों में है, वह है अमिताभ यश। वह उत्तर प्रदेश एसटीएफ के प्रमुख रह चुके हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बेहद भरोसेमंद अधिकारियों में गिने जाते हैं। सूत्रों का मानना है कि मुख्यमंत्री की पसंद और भरोसा अगर निर्णायक कारक बने, तो अमिताभ यश एक सरप्राइज पैकेज साबित हो सकते हैं।
चयन प्रक्रिया और अनुमान:
सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नामों की सूची संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को भेजेगी। वहां से चयनित नामों में से किसी एक को मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद औपचारिक रूप से डीजीपी पद पर नियुक्त किया जाएगा। चूंकि समय कम है और प्रशांत कुमार का कार्यकाल समाप्ति की ओर है, इसलिए नई नियुक्ति मई के अंतिम सप्ताह तक संभावित है।
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