पचलंगी द्वारकेश्वर महादेव मंदिर में मनाया जाएगा द्वितीय वार्षिक उत्सव, तैयारियां तेज

खबर सार :-
द्वारकेश्वर महादेव मंदिर का वार्षिक उत्सव मनाने के लिए जोर शोर से तैयारियां चल रही है। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के आसार है। जिसको देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है।

पचलंगी द्वारकेश्वर महादेव मंदिर में मनाया जाएगा द्वितीय वार्षिक उत्सव, तैयारियां तेज
खबर विस्तार : -

उदयपुरवाटीः उपखंड क्षेत्र के पचलंगी गांव में स्थित द्वारकेश्वर महादेव मंदिर का द्वितीय वार्षिक उत्सव शुक्रवार को श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ धूमधाम से मनाया जाएगा। इस पावन अवसर पर गांव सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया जा रहा है और पूरे आयोजन को भव्य स्वरूप दिया जा रहा है।

विशेष पुष्पों से सजेगा मंदिर

पचलंगी निवासी एवं सूरत प्रवासी प्रदीप गोयल, मनोज गोयल, सुनील गोयल एवं अनिल गोयल ने जानकारी देते हुए बताया कि वार्षिक उत्सव के अवसर पर भगवान शंकर एवं शिव परिवार का अलौकिक फूलों से भव्य श्रृंगार किया जाएगा। बंगाल से मंगाए गए विशेष पुष्पों से मंदिर परिसर और गर्भगृह को सजाया जा रहा है, जिससे वातावरण भक्तिमय और दिव्य हो उठेगा। श्रद्धालुओं के लिए यह श्रृंगार आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेगा।

समाजसेवी मदनलाल भावरिया एवं अनिल गोयल ने बताया कि द्वितीय वार्षिक उत्सव के उपलक्ष्य में दिनभर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। श्रद्धालुओं द्वारा भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना, जलाभिषेक और दर्शन किए जाएंगे। साथ ही मंदिर परिसर में आने वाले भक्तों को प्रसाद वितरण भी किया जाएगा। आयोजन को लेकर गांव में उत्साह का माहौल है और ग्रामीणों द्वारा तैयारियों में सहयोग किया जा रहा है।

श्रद्धालुओं में खास उत्साह

मदनलाल भावरिया ने बताया कि पचलंगी में स्थित द्वारकेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण गोयल परिवार द्वारा अपने पिताजी स्वर्गीय द्वारका प्रसाद गोयल की पुण्य स्मृति में करवाया गया था। प्रदीप गोयल, मनोज गोयल और सुनील गोयल ने अपने पिता की यादगार को चिरस्थायी बनाने के उद्देश्य से इस भव्य शिव मंदिर का निर्माण कराया। स्वर्गीय द्वारका प्रसाद गोयल भगवान शंकर के परम भक्त थे और उनका जीवन धार्मिक आस्था व सेवा भाव से परिपूर्ण रहा।

गांववासियों का कहना है कि द्वारकेश्वर महादेव मंदिर पचलंगी क्षेत्र में आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है। वार्षिक उत्सव के माध्यम से न केवल धार्मिक चेतना का प्रसार होता है, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे का भी संदेश मिलता है। द्वितीय वार्षिक उत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

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