दिल्ली दंगा केस:  शरजील इमाम को बड़ी राहत, शादी में शामिल होने के लिए मिली अंतरिम जमानत

खबर सार :-
Delhi Riots Case: दिल्ली दंगों की साज़िश के मामले में आरोपी शरजील इमाम (Sharjeel Imam) को कोर्ट से कुछ समय के लिए राहत मिली है। दिल्ली की एक कोर्ट ने उसे 10 दिनों के लिए अंतरिम ज़मानत दे दी है।

दिल्ली दंगा केस:  शरजील इमाम को बड़ी राहत, शादी में शामिल होने के लिए मिली अंतरिम जमानत
खबर विस्तार : -

Delhi Riots Case Sharjeel Imam: दिल्ली दंगों की साज़िश रचने के आरोपी शरजील इमाम को कड़कड़डूमा कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने शरजील इमाम को छोटे भाई की शादी में शामिल होने के लिए 20 से 30 मार्च तक 10 दिनों के लिए अंतरिम ज़मानत दे दी है। कोर्ट ने इमाम को 50,000 रुपये के मुचलके पर अंतरिम ज़मानत पर रिहा करने का आदेश दिया।

Delhi Riots Case Sharjeel Imam: कोर्ट ने शर्तों के साथ दी जमानत

कोर्ट ने इमाम (Sharjeel Imam) को अंतरिम ज़मानत के समय मीडिया से बात न करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने उन्हें इस समय सोशल मीडिया का इस्तेमाल न करने का भी निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि अंतरिम ज़मानत के समय, शरजील इमाम अपने परिवार के सदस्यों के अलावा किसी और से नहीं मिलेंगे और अपने भाई की शादी की जगह पर ही रहेंगे। कोर्ट ने इमाम को 30 मार्च को सरेंडर करने का आदेश दिया। दरअसल शरजील इमाम ने अपने छोटे भाई की शादी में शामिल होने के लिए चार हफ़्ते की अंतरिम ज़मानत मांगी थी। शरजील इमाम ने अपनी अंतरिम जमानत याचिका में अपनी बीमार मां का भी ज़िक्र किया था।

25 अगस्त 2020 को हुई थी गिरफ्तारी

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 5 जनवरी को शरजील इमाम (Sharjeel Imam) की ज़मानत याचिका खारिज कर दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने शरजील इमाम और उमर खालिद की ज़मानत याचिका भी खारिज कर दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दोनों आरोपियों ने साज़िश में अहम भूमिका निभाई थी। शरजील इमाम को 25 अगस्त, 2020 को बिहार से गिरफ्तार किया गया था।  दिल्ली पुलिस ने शरजील इमाम के खिलाफ UAPA के तहत दायर अपनी चार्जशीट में कहा कि इमाम नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों को पूरे देश में ले जाने के लिए बेताब था और ऐसा करने की पूरी कोशिश कर रहा था।

 शरजील पर हिंसा भड़काने का आरोप

 शरजील इमाम के खिलाफ दायर चार्जशीट में कहा गया है कि इमाम ने केंद्र सरकार के खिलाफ नफरत फैलाने और हिंसा भड़काने वाले भाषण दिए, जिससे दिसंबर 2019 में हिंसा हुई।दिल्ली पुलिस ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों की आड़ में एक गहरी साज़िश रची गई थी। मुस्लिम बहुल इलाकों में इस कानून के खिलाफ प्रोपेगैंडा शुरू किया गया था, जिसमें दावा किया गया था कि मुसलमानों की नागरिकता चली जाएगी और उन्हें डिटेंशन कैंप में रखा जाएगा।

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