राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत सप्त दिवसीय विशेष शिविर का भव्य उद्घाटन, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने लिया भाग

खबर सार :-
शिविर के प्रथम दिवस पर स्वयंसेवकों में विशेष उत्साह देखने को मिला। उन्होंने आगामी दिनों में आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रमों को सफल बनाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य करने का संकल्प लिया।

राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत सप्त दिवसीय विशेष शिविर का भव्य उद्घाटन, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने लिया भाग
खबर विस्तार : -

सुलतानपुर: गणपत सहाय पी.जी. कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) की सभी इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर का उद्घाटन 9 मार्च को अत्यंत उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय परिसर में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने भाग लिया।

समाज सेवा में भागीदारी लेने की अपील

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं महाविद्यालय के प्रबंधक ओमप्रकाश पांडे बजरंगी ने फीता काटकर शिविर का विधिवत उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित किया और कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया। उद्घाटन के अवसर पर महाविद्यालय परिवार और स्वयंसेवकों में विशेष उत्साह देखने को मिला।

मुख्य अतिथि डॉ. ओमप्रकाश पांडेय बजरंगी ने अपने संबोधन में कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र की वास्तविक ताकत है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के माध्यम से छात्र-छात्राओं को समाज की वास्तविक समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए कार्य करने का अवसर मिलता है। उन्होंने स्वयंसेवकों से अपील की कि वे शिविर की सभी गतिविधियों में अनुशासन, निष्ठा और समर्पण के साथ भाग लें तथा समाज सेवा के कार्यों को पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाएं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महाविद्यालय के प्राचार्य अंगराज सिंह ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं में सेवा भावना, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने स्वयंसेवकों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिविर के दौरान गांवों और समाज के बीच जाकर सेवा कार्यों के माध्यम से अपने व्यक्तित्व का विकास करें और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

कई वरिष्ठ लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम में भूतपूर्व कार्यक्रमाधिकारी विनय मिश्रा ने राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एनएसएस स्वयंसेवकों को समाज सेवा के साथ-साथ नेतृत्व और संगठन क्षमता विकसित करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शिविर युवाओं को समाज के प्रति संवेदनशील बनाते हैं और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं।

महाविद्यालय की विभिन्न इकाइयों के कार्यक्रमाधिकारी शाहनवाज़ आलम, दीपा सिंह, देवेंद्र मिश्रा तथा भोलानाथ ने भी स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए उन्हें शिविर की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि समाज सेवा की भावना को जीवन में अपनाकर ही एक बेहतर समाज का निर्माण किया जा सकता है।

कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना के वरिष्ठ कार्यक्रमाधिकारी विष्णु शंकर अग्रहरि ने किया। उन्होंने शिविर की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि सात दिवसीय विशेष शिविर के दौरान स्वच्छता अभियान, ग्राम जागरूकता रैली, पर्यावरण संरक्षण अभियान, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी जनजागरूकता कार्यक्रम, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां तथा सामाजिक विषयों पर संवाद जैसे कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इस अवसर पर आलोक रावत और अमर बहादुर यादव की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए समाज सेवा के कार्यों को पूर्ण समर्पण और जिम्मेदारी के साथ करने का संकल्प लिया।

इस सात दिवसीय विशेष शिविर के माध्यम से महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं समाज सेवा की भावना को मजबूत करते हुए अपने व्यक्तित्व और नेतृत्व क्षमता का विकास करेंगे।

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