टेट की अनिवार्यता के विरोध में शिक्षक संगठनों की बैठक आयोजित, चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति तैयार

खबर सार :-
शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता के विरोध में शिक्षक संघ ने बैठक की। बैठक में इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए संगठनात्मक समन्वय पर विशेष जोर दिया गया। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सभी शिक्षक संगठन एकजुट होकर टेट की अनिवार्यता के खिलाफ संघर्ष करेंगे।

टेट की अनिवार्यता के विरोध में शिक्षक संगठनों की बैठक आयोजित, चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति तैयार
खबर विस्तार : -

अयोध्या: टेट (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता के विरोध में अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक संघ (All India Joint Teacher’s Federation) में सम्मिलित 20 से अधिक शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक सर्किट हाउस अयोध्या में आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य टेट की अनिवार्यता के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर चलाए जा रहे आंदोलन को सफल बनाने के लिए रणनीति तैयार करना और विभिन्न संगठनों के बीच समन्वय स्थापित करना था।

टेट की अनिवार्यता खत्म करने की मांग

यह बैठक उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ अयोध्या, जो अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ से संबद्ध है, के नेतृत्व में आयोजित की गई। बैठक में टेट की अनिवार्यता के खिलाफ निर्णायक संघर्ष के लिए राष्ट्रीय स्तर से निर्देशित क्रमिक आंदोलन के कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा उन्हें सफल बनाने के लिए योजनाएं तैयार की गईं।

बैठक में आंदोलन के चार चरणों की रूपरेखा तय की गई। प्रथम चरण के अंतर्गत 9 से 15 मार्च तक “शिक्षक की पाती” अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत शिक्षक अपनी समस्याओं और मांगों को पोस्टकार्ड के माध्यम से देश के सर्वोच्च पदाधिकारियों तक पहुंचाएंगे। दूसरे चरण में 13 अप्रैल 2026 को मशाल जुलूस निकाला जाएगा, जिसके माध्यम से शिक्षकों की एकजुटता और विरोध दर्ज कराया जाएगा। तीसरे चरण में 3 मई 2026 को लखनऊ में विशाल महारैली आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रदेशभर से बड़ी संख्या में शिक्षक भाग लेंगे। इसके बाद चौथे चरण में मानसून सत्र के दौरान संसद का घेराव करने की योजना बनाई गई है।

 बैठक में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ अयोध्या के जिलाध्यक्ष अवधेश यादव को मुख्य संयोजक नियुक्त किया गया। साथ ही बैठक में शामिल सभी संगठनों के जिला अध्यक्षों को जिला संयोजक तथा जिला मंत्रियों को जिला सह-संयोजक बनाने का निर्णय लिया गया, ताकि आंदोलन को मजबूत और प्रभावी बनाया जा सके।

चरणबद्ध संघर्ष करने का ऐलान

संघर्ष के प्रथम चरण “शिक्षक पाती” अभियान की विस्तृत रणनीति भी बैठक में तैयार की गई। प्रत्येक संगठन को यह जिम्मेदारी दी गई कि वह कम से कम 200 पोस्टकार्ड महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री को भेजने के लिए शिक्षकों को प्रेरित करे। इसके लिए विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों के बीच दायित्वों का भी निर्धारण किया गया।

बैठक की अध्यक्षता पंकज यादव, प्रांतीय संयोजक पीएसपीएसए ने की, जबकि संचालन अशोक वर्मा, जिला मंत्री उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने किया। इस अवसर पर अनिल कुमार प्रजापति (जिला अध्यक्ष विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन), विजय प्रताप सिंह (जिला अध्यक्ष एटीईडब्ल्यूए), अमित पांडे (जिलाध्यक्ष यूटा), श्यामजी वर्मा (जिलाध्यक्ष पीएसपीएसए), फूलचंद्र सरोज (जिला कोषाध्यक्ष उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ अयोध्या), डॉ. विवेक चौधरी (जिलामंत्री पीएसपीएसए), दयाशंकर भारती, राजेश यादव, वीरेंद्र प्रताप सिंह (विशिष्ट बीटीसी शिक्षक संघ), मानवेंद्र वर्मा, राजकुमार वर्मा, रामसुरेश वर्मा सहित अनेक शिक्षक नेताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।

बैठक के अंत में सभी शिक्षक संगठनों ने संकल्प लिया कि टेट की अनिवार्यता के खिलाफ चल रहे इस आंदोलन से प्रत्येक शिक्षक को जोड़ा जाएगा और पूरी मजबूती के साथ चरणबद्ध संघर्ष किया जाएगा। इसी संकल्प के साथ बैठक का समापन किया गया।
 

अन्य प्रमुख खबरें