Tejashwi Yadav CM Face : बिहार की सियासत में चल रही खींचतान के बीच आखिरकार विपक्षी इंडिया गठबंधन में बड़ी सहमति बन गई है। महीनों से जारी बैठकों, मतभेदों और सीट बंटवारे के विवादों के बाद यह तय हो गया है कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में तेजस्वी यादव महागठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे।
सूत्रों की माने तो आरजेडी और कांग्रेस के बीच कई दौर की बातचीत के बाद इस निर्णय पर सहमति बनी है। पटना में होने वाली महागठबंधन की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस फैसले की औपचारिक घोषणा की जा सकती है। कार्यक्रम का आयोजन मौर्या होटल में किया जा रहा है, जहां गठबंधन के सभी प्रमुख दलों के नेताओं के मौजूद रहने की उम्मीद जताई जा रही है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के पोस्टर पर सिर्फ़ तेजस्वी यादव की तस्वीर लगाई गई है। पोस्टर पर किसी अन्य नेता की फोटो नहीं है, केवल आरजेडी, कांग्रेस, सीपीआई, सीपीआई(एमएल), सीपीआई(एम) और आईएनसी के चुनाव चिन्ह शामिल हैं। इससे साफ़ है कि पूरा गठबंधन अब एकजुट होकर तेजस्वी यादव के नेतृत्व को स्वीकार कर चुका है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले तक इंडिया गठबंधन के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए थे। सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस और वामपंथी दलों में नाराजगी थी। कई क्षेत्रों में सहयोगी दल एक-दूसरे के खिलाफ़ ही उम्मीदवार खड़े करने की तैयारी में थे। इसी पृष्ठभूमि में 22 अक्टूबर को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और बिहार चुनाव प्रभारी अशोक गहलोत ने लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव से लंबी मुलाकात की। इस बैठक के बाद गहलोत ने विश्वास जताया कि इंडिया गठबंधन मजबूत है और बहुत जल्द सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा। उसी बातचीत का नतीजा अब सबके सामने है, तेजस्वी यादव को सर्वसम्मति से मुख्यमंत्री पद का चेहरा चुना गया है।
महागठबंधन अब अपने अभियान की शुरुआत एक नए नारे के साथ करने जा रहा है, चलो बिहार, बिहार बदलें। यह नारा तेजस्वी यादव के नेतृत्व और युवाओं के जोश पर केंद्रित होगा। आरजेडी रणनीतिकारों के मुताबिक, चुनाव प्रचार में तेजस्वी को ष्बदलाव की नई पीढ़ी का चेहरा के रूप में पेश किया जाएगा। गठबंधन के अंदर यह भी उम्मीद जताई जा रही है कि इस ऐलान के बाद छोटे सहयोगी दल अपनी सीटों को लेकर चल रहे आपसी विवाद सुलझा लेंगे और एक साझा चुनावी रणनीति पर सहमति बनेगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विपक्ष का यह एकजुट चेहरा एनडीए के लिए चुनौती बन सकता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा नेतृत्व के लिए यह संदेश साफ़ है कि 2025 की जंग अब तेजस्वी बनाम नीतीश की होगी। राजनीतिक पंडितों के अनुसार, बिहार की नई पीढ़ी के मतदाताओं में तेजस्वी यादव की पकड़ लगातार मज़बूत हो रही है, और यदि महागठबंधन एकजुट रहा, तो मुकाबला कड़ा हो सकता है।
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