अयोध्या : सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद देशभर के सभी कार्यरत शिक्षकों के लिए टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) अनिवार्य कर दी गई है। इस फैसले से लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों में गहरा असंतोष है। अयोध्या से सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने इस मुद्दे पर शिक्षकों का समर्थन करते हुए कहा कि वे इसे संसद में जोरदार तरीके से उठाएँगे।
शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सांसद अवधेश प्रसाद को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि 20-25 वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों को दोबारा परीक्षा देने के लिए बाध्य करना पूर्णतः अन्याय है। सांसद ने कहा कि यह निर्णय शिक्षकों की गरिमा और उनके अनुभव पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्देश में कहा है कि कार्यरत शिक्षकों को टीईटी परीक्षा पास करने के लिए दो अवसर दिए जाएंगे। यदि वे सफल नहीं हो पाते हैं तो उनकी नौकरी पर खतरा मंडरा सकता है। वहीं, जिन शिक्षकों की सेवा समाप्ति में केवल पाँच वर्ष शेष हैं, उन्हें इस नियम से छूट दी गई है।
शिक्षक संगठनों ने इस फैसले पर नाराज़गी जताते हुए कहा है कि इतने वर्षों की सेवा के बाद अब परीक्षा की शर्त थोपना अनुचित है। राज्य सरकार और शिक्षक संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की है। इस पूरे मामले को लेकर शिक्षक वर्ग में रोष फैल गया है और वे इसे अधिकारों पर प्रहार बता रहे हैं। सांसद अवधेश प्रसाद ने आश्वासन दिया कि वे लोकसभा में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाएंगे और न्याय की लड़ाई में शिक्षकों के साथ खड़े रहेंगे। एक्सप्रेस कॉन्फ्रेंस में जिला अध्यक्ष पारसनाथ यादव जिला महासचिव छोटे लाल यादव अनूप सिंह सावेज जाफरी मौजूद रहे
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